
Kanwar Yatra 2026 : प्रयागराज में महिला शिवभक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए योगी सरकार ने उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। संगम और गंगा नदी के प्रमुख घाटों पर महिला कांवड़ियों के लिए चेंजिंग रूम और महिला सहायता केंद्र बनाए गए हैं। सुविधा और सुरक्षा के वातावरण में महिला शिवभक्त पवित्र नदियों का जल लेकर काशी के लिए प्रस्थान कर रही हैं।
घाटों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती
श्रावण मास में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रयागराज में यात्रा मार्ग, कांवड़ शिविरों, भंडारों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। संगम नगरी में कांवड़ लेकर चलने वाली महिला शिवभक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं।
प्रयागराज में दशाश्वमेध और संगम घाट से सबसे अधिक महिला कांवड़ियां जल लेकर काशी के लिए निकलती हैं। डीएम प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि महिला शिवभक्तों के लिए संगम और गंगा नदी के प्रमुख घाटों पर चेंजिंग रूम और महिला सहायता केंद्र बनाए गए हैं। घाटों पर महिला पुलिसकर्मियों के दस्ते तैनात हैं।
44 आपदा सखियां भी संभाल रहीं मोर्चा
आजीविका मिशन की 44 आपदा सखियां भी महिला कांवड़ियों की मदद के लिए मुस्तैद हैं। इसके अलावा प्रयागराज से वाराणसी के बीच बनाए गए कांवड़ पथ में प्रमुख स्थानों पर महिला पुलिस और वॉलिंटियर्स भी तैनात हैं। मनकामेश्वर, सोमेश्वर महादेव, ब्रह्मेश्वर महादेव सहित शहर के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में महिला सुरक्षा कर्मी मुस्तैद हैं।
नारी शक्ति ने उठाई कांवड़, निर्भय होकर कर रहीं जलाभिषेक
भगवान शंकर की आराधना के लिए श्रावण मास में महिलाओं की जितनी लंबी कतारें शिवालयों में लगती थीं, अब उतनी ही भागीदारी कांवड़ यात्रा में भी दिखाई दे रही है। छोटे कस्बों और गांवों से बड़ी संख्या में महिला शिवभक्त घरों से निकलकर कांवड़ यात्रा पर जा रही हैं।
प्रयागराज के दारागंज स्थित दशाश्वमेध घाट से गंगा जल लेकर काशी के लिए कांवड़ यात्रा पर निकली ज्योति कहती हैं कि अब महिलाएं रास्ते में सुरक्षित हैं और किसी तरह का भय नहीं है। इसी वजह से उनके कस्बे भरवारी से कई महिलाएं कांवड़ यात्रा में जा रही हैं।
तीन पीढ़ियां एक साथ कांवड़ यात्रा पर निकलीं
सदियापुर की मीरा देवी भी परिवार के आठ सदस्यों के साथ प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट से जल लेकर बैजनाथ धाम कांवड़ यात्रा के लिए निकली हैं। मीरा देवी बताती हैं कि उनके साथ इस बार परिवार की तीन पीढ़ियां यात्रा में जा रही हैं। उनके साथ उनकी दो बहुएं, एक बेटी और तीन नातिन भी जा रही हैं। इसके अलावा उनका बेटा भी साथ है।
मीरा देवी बताती हैं कि अब कांवड़ मार्गों पर किसी तरह की असुरक्षा और असुविधा नहीं दिखती। कांवड़ मार्ग में जगह-जगह महिला शिवभक्तों के लिए विश्राम शिविर बनाए गए हैं। सामूहिक यात्रा में भोले बाबा के भजन और कीर्तन करते हुए महिलाएं पूरे उत्साह और हर्ष के साथ कांवड़ यात्रा पर निकल रही हैं।
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