Trump Iran Threat : मिडिल ईस्ट में तनाव दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है और हालात लगातार गंभीर होते नजर आ रहे हैं. इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी ने वैश्विक चिंता को और बढ़ा दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने 6 अप्रैल को सख्त रुख अपनाते हुए ईरान को चेतावनी दी कि अगर तय समय सीमा तक कोई समझौता नहीं होता है, तो कड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है, उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास ऐसी रणनीति है, जिससे ईरान के महत्वपूर्ण ढांचे को बहुत कम समय में निशाना बनाया जा सकता है.
जमीनी हालात पर कोई असर नहीं
दूसरी ओर, ईरान ने भी इन धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया है. इस्लामिक क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने कहा कि अमेरिका का यह बयान केवल दबाव बनाने की कोशिश हैं और इनका जमीनी हालात पर कोई असर नहीं पड़ेगा, उन्होंने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जारी अभियानों को जारी रखने की बात दोहराई.
हर हमले का जवाब देने को तैयार
वहीं, ईरान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई. अली खामेनेई ने स्पष्ट किया कि किसी भी बाहरी दबाव या सैन्य धमकी से देश की रक्षा नीति या कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी, उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी तरह के हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
दोनों देशों के बीच बढ़ती तल्खी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इस टकराव के और ज्यादा भड़कने की आशंका जताई जा रही है.
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