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वैशाली के सदर अस्पताल में बच्चा चोरी का आरोप, परिजनों को बेटा बताकर कर दी नसबंदी और थमाई बेटी

Bihar News : बिहार से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां सदर अस्पताल पर बच्चा बदलने का आरोप लगा है। इसके साथ ही धोखे में रखकर महिला का नसबंदी भी कर दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि पहले बताया गया कि बेटा हुआ है नसबंदी करा लो, और बिना बच्चा दिखाए नसबंदी भी कर दिए। फिर बाद में बेटी थमा दिए। इस आरोप के साथ परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा जिसके बाद पुलिस ने परिजनों को समझाया और शांत कराया।

झूठ बोलकर किया नसबंदी

मामला वैशाली के सदर अस्पताल की है जहां ये घटना हुई है। यहां गोरौल थाना क्षेत्र के इस्लामपुर निवासी धीरज कुमार की 25 वर्षीय पत्नी गुंजन देवी को बुधवार को प्रसव के लिए लाया गया था। परिजनों ने अस्पताल के कर्मियों पर आरोप लगाया कि उनका बच्चा बदल दिया गया है। पहले उन्हें बताया गया कि बेटे ने जन्म लिया है। परिवार वालों ने बताया कि महिला की पहले से एक बेटी है तो अस्पताल वालों ने कहा कि नसबंदी करा लो, लेकिन उन्होंने हमें बच्चा नहीं देखने दिया। हमें भी नसबंदी कराना उचित लगा क्योंकि हमें बताया गया था कि बेटा हुआ है। हमने नसबंदी करने वाले पेपर पर साइन कर दिए। वहीं बाद में जब नवजात को दिया गया तो उन्होंने देखा कि वह बेटी है।

डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मौके से फरार

बेटी देखकर परिजन कुछ समय के लिए आश्चर्यचकित हो गए। अपनी दुविधा दूर करने के लिए जब उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से बात की तो बताया कि बेटी ही पैदा हुई थी। इसके बाद परिजनों ने वहीं पर हंगामा करना शुरु कर दिया और बच्चा चोरी का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ता देख वहां के डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मौके से फरार हो गए।

पल्ला झाड़ रहे हैं अस्पताल प्रसाशन

इस बात की जानकारी जब पुलिस को दी गई तो नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। आक्रोशित परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। वहीं दूसरी ओर स्थिति ये है कि पूरे मामले पर अस्पताल प्रसाशन एक दूसरे पर बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

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