Middle East War : इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा USS अब्राहम लिंकन को क्षति पहुंचाने का दावा किया गया था, इस पर अमेरिका का जवाब आया है। अमेरिका के अनुसार, युद्धपोत पूरी तरह सुरक्षित है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध में ईरान जबरदस्त पलटवार कर रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर की मृत्यु के बाद अमेरिका को लगा था कि ईरान शांत हो जाएगा, लेकिन दूर-दूर तक युद्ध खत्म होता नजर नहीं आ रहा। बल्कि अमेरिका लगातार इस युद्ध में फंसता जा रहा है।
IRGC का दावा
ईरान के IRGC ने बयान जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि उसके मिसाइल और ड्रोन हमलों से USS अब्राहम लिंकन काम करने की स्थिति में नहीं है और वह पीछे हट गया है। हालांकि इस दावे में कोई अन्य जानकारी साझा नहीं की गई थी। इस दावे को अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया।
यूएस सेंट्रल कमांड का जवाब
ईरान द्वारा अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाए जाने के दावे को यूएस सेंट्रल कमांड ने खारिज कर दिया। सेंट्रल कमांड ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर USS अब्राहम लिंकन की तस्वीर साझा की है और लिखा कि अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप लगातार ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की मदद कर रहा है। तस्वीर में युद्धपोत और कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित नजर आ रहे हैं।
USS अब्राहम लिंकन की क्या है खासियत?
USS अब्राहम लिंकन परमाणु-ऊर्जा से चलने वाला निमित्ज-श्रेणी का विमानवाहक पोत है। यह एक साथ 90 से ज्यादा लड़ाकू विमान और 5 हजार से अधिक कर्मचारियों को लेकर चलता है। इसे 1989 में अमेरिकी नौसेना में शामिल किया गया था। यह दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है। इसमें रेडियो स्टेशन, अखबार, लाइब्रेरी, अस्पताल, जनरल स्टोर, टीवी जैसी सुविधाएं हैं। जो इसे विशेष बनाती है।
ऐसे में अगर इस युद्धपोत पर किसी भी प्रकार का हमला होता है, तो यह अमेरिका के लिए बहुत बड़ा झटका होगा। अमेरिका कभी नहीं चाहेगा कि इस पर किसी भी प्रकार का हमला हो।
ये भी पढ़ें- Kaviya Maran : पाकिस्तानी खिलाड़ी पर काव्या मारन ने लुटाए करोड़ों रुपए, देशभर में हो रही आलोचना
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









