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पंजाब में 19,200 सरकारी स्कूलों में मेगा PTM, 25 लाख अभिभावक होंगे शामिल

Punjab Mega PTM 2026 के तहत 19,200 सरकारी स्कूलों में 25 लाख अभिभावक शामिल होंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान की शिक्षा पहल से विद्यार्थियों की प्रगति पर होगा फोकस।

Punjab Mega PTM 2026 : भगवंत मान सरकार द्वारा 9 अक्टूबर 2026 को राज्य के सभी 23 जिलों के लगभग 19,200 सरकारी प्राथमिक, मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में मेगा ‘माता-पिता-शिक्षक मिलनी’ आयोजित की जाएगी, जिसमें लगभग 25 लाख अभिभावकों के शामिल होने की संभावना है।

“हर दिन, एक कदम आगे” विषय के तहत आयोजित इस पहल के माध्यम से अभिभावक और शिक्षक मिलकर प्रत्येक बच्चे की प्रगति का जश्न मनाएंगे, उन क्षेत्रों को समझेंगे जिनमें बच्चे को सहायता की आवश्यकता हो सकती है और बच्चे की शिक्षा के अगले चरणों के लिए संयुक्त रूप से योजना बनाएंगे। यह बड़े स्तर की पहल भारत सरकार द्वारा देश में शिक्षा के क्षेत्र में नंबर एक रहने के लिए दी गई मान्यता को और मजबूत करेगी।

बच्चा किस क्षेत्र में कर रहा बेहतर प्रदर्शन

यह मेगा पीटीएम अभिभावकों को अपने बच्चे के शिक्षक के साथ बैठकर यह समझने का अवसर देगी कि उनका बच्चा किस क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, उसे कहां सहायता की आवश्यकता हो सकती है और घर से मिलने वाला प्रोत्साहन तथा स्कूल में मिलने वाली सहायता बच्चे का भविष्य संवारने में किस प्रकार सहायक हो सकती है।

स्कूलों को विश्व में नंबर एक बनाने का अवसर

इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हर मां-बाप अपने बच्चे को आगे बढ़ता देखना चाहता है। यह मेगा पीटीएम प्रत्येक बच्चे का भविष्य संवारने और पंजाब के स्कूलों को विश्व में नंबर एक बनाने का एक अवसर है। जब स्कूल और परिवार मिलकर अगला कदम उठाते हैं तो हमारे बच्चों में विश्व स्तर पर नेतृत्व करने और प्रगति करने के लिए आत्मविश्वास पैदा हो जाता है।”

घर में अपने बच्चे की सीखने की प्रक्रिया

इस अवसर पर अभिभावकों के साथ व्यक्तिगत बैठकें करके संबंधित शिक्षक प्रत्येक बच्चे का रिपोर्ट कार्ड साझा करेंगे और कक्षा में उनके समग्र प्रदर्शन, उपस्थिति, क्षमता तथा सुधार वाले क्षेत्रों के बारे में चर्चा करेंगे। शिक्षक और अभिभावक निरंतर विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक बच्चे की विशेष सीखने की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार करेंगे। इस दौरान अभिभावकों को सवाल पूछने और घर में अपने बच्चे की सीखने की प्रक्रिया में सहायता करने के सरल तरीकों के बारे में बातचीत करने का अवसर भी मिलेगा।

स्कूल विद्यार्थी-सहायता पहलों के बारे में भी जागरूकता पैदा करेंगे, जबकि स्कूल प्रबंधन कमेटीयों (एस.एम.सी.) के सदस्यों को स्कूलों और बच्चों की शिक्षा में योगदान देने के लिए उनके समय और मेहनत के लिए सम्मानित किया जाएगा।

विशेष योजनाएं तैयार करने पर ध्यान केंद्रित

इस दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “हमारा ध्यान प्रत्येक बच्चे पर विशेष और व्यक्तिगत ध्यान देने तथा उनकी प्रगति के लिए सीखने की विशेष योजनाएं तैयार करने पर केंद्रित है। ‘हर दिन, एक कदम आगे’ केवल एक वादा नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता को निखारने और उनके सीखने के सफर को बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर उठाया गया एक ठोस कदम है।

मान्यता प्राप्त देश की नंबर एक शिक्षा प्रणाली

यह मेगा पी.टी.एम. स्कूलों और अभिभावकों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के तहत किए जा रहे प्रयासों का ही एक हिस्सा है। एस.एम.सी. सदस्य अभिभावकों तक पहुंचने और उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने में स्कूलों की मदद करेंगे। इसके माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अभिभावकों को अपने बच्चे की प्रगति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए और अगले चरण में सहायता करने का व्यावहारिक तरीका सुझाया जाए। इससे भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त देश की नंबर एक शिक्षा प्रणाली के रूप में पंजाब की अग्रणी स्थिति और मजबूत होगी।

मुख्य बिंदु-

तिथि और विषय: 9 अक्टूबर, 2026 | “हर दिन, एक कदम आगे” (प्रत्येक बच्चे के लिए निर्णायक कदम)

कवरेज: सभी 23 जिलों में लगभग 19,200 सरकारी स्कूल

अभिभावकों तक पहुंच: लगभग 25 लाख अभिभावक

व्यक्तिगत ध्यान: क्लास रूम की कारगुज़ारी , उपस्थिति और विशेष सहायता संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर प्रत्येक विद्यार्थी के लिए व्यक्तिगत विकास योजनाएं और लक्षित ध्यान।

अभिभावकों की जागरूकता: विद्यार्थी-सहायता पहलों के बारे में जानकारी

सामाजिक मान्यता: स्कूलों और बच्चों की शिक्षा में योगदान के लिए एस.एम.सी. सदस्यों को प्रोत्साहन

राज्य की उपलब्धि: केंद्र सरकार के आकलनों के माध्यम से स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में मिली मान्यता के संबंध में पंजाब की स्थिति को और मजबूत करना।

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