
Patna NEET Student Death : पटना में शंभू गर्ल्स हॉस्टल की नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने करीब 15 संदिग्धों की सूची तैयार की है, जिनके DNA सैंपल लिए जाने हैं। इस सूची में हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन का नाम भी शामिल है, जिनके इर्द-गिर्द जांच में ध्यान बढ़ाया गया है। फिलहाल तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें दो छात्रा के करीबी बताए जा रहे हैं और एक पटना का निवासी है। इनके DNA सैंपल भी प्रोफाइलिंग के लिए लिए जा चुके हैं।
पिता ने डीजीपी को लिखा पत्र
छात्रा के परिवार और जनता का मुख्य सवाल यह है कि क्या पटना पुलिस शुरुआत से ही किसी बड़े नेटवर्क या विशेष व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रही थी? इस संदर्भ में मृतक छात्रा के पिता ने बिहार के डीजीपी को लिखित और भावनात्मक पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने जांच में खामियों का उल्लेख करते हुए 8 विशेष बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शुरूआत में सही जांच होती तो सच्चाई समय रहते सामने आती।
परिजन की मांग
परिवार ने पत्र में हॉस्टल मालिक मनीष रंजन और उनके बेटे के मोबाइल CDR की जांच की मांग की है, साथ ही उनके पीछे के CCTV फुटेज और आसपास की गलियों/सड़कों के फुटेज की FSL जांच भी शामिल करने का अनुरोध किया गया। इसके अलावा, डॉक्टरों के मोबाइल CDR की जांच की मांग भी की गई, जिनसे छात्रा इलाज के दौरान संपर्क में थीं। इनमें Dr. सहजानंद प्रसाद सिंह, Dr. सतीश कुमार (प्रभात हॉस्पिटल), Dr. अभिषेक और Dr. जया शामिल हैं।
अस्पताल पर साक्ष्य नहीं देने का आरोप
पिता ने थाना प्रभारी रोशनी कुमारी की भूमिका और जांच में की गई कार्रवाई की समीक्षा की भी मांग की। इसके अलावा, 7 जनवरी को अस्पताल की नर्सिंग स्टाफ के बयान को दर्ज कराने की भी जोरदार अपील की गई, जिसमें छात्रा की मां को बताया गया कि “लड़की के साथ बहुत गलत हुआ है।” परिजन ने यह भी कहा कि छात्रा के पहने हुए कपड़े जांच में अहम साक्ष्य हो सकते थे, लेकिन प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल ने ये परिजनों को नहीं दिए।
इलाज में देरी और विरोधाभास को लेकर भी सवाल उठाए गए। पिता ने कहा कि 8 जनवरी तक रिपोर्ट आने के बावजूद ड्रग एब्यूज का इलाज क्यों नहीं किया गया, और 9 जनवरी को कभी वायरल मेनिन्जाइटिस, कभी सिर में खून जमने की बातें क्यों सामने आईं।
परिवार ने की CBI जांच की मांग
हालांकि अब SIT और CID मामले की विस्तार से जांच कर रहे हैं। FSL रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई है और DNA रिपोर्ट व AIIMS रिव्यू को निर्णायक माना जा रहा है। परिजन अब CBI जांच की मांग कर रहे हैं ताकि निष्पक्ष और पूरी सच्चाई सामने आ सके। वहीं, विपक्षी दलों ने महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए शिकायत दर्ज कराई है।
ये भी पढ़ें – गणतंत्र दिवस पर मायावती का संदेश – संविधान की मंशा के अनुसार जनकल्याण हो, कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









