
Brijbhushan Rajput : उत्तर प्रदेश के महोबा में 30 जनवरी को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोकने वाले चरखारी विधानसभा सीट से विधायक बृजभूषण राजपूत की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट और कार्यक्रमों में बयानबाजी करने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने विधायक को अब नोटिस थमा दिया और जवाब मांगा है।
महोबा भ्रमण के दौरान मंत्री का खुलेआम काफिला रोकने और बंधक बनाने के बाद विधायक बृजभूषण राजपूत को नोटिस मिलने की आशंका तो पहले से ही जताई जा रही थी। जिसके डर से विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे के पक्ष में बात रखने की खूब कोशिश की। ताकि उन्हें कार्रवाई से बचाई जा सके।
भगवान से बेटे को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना
विधायक के पिता ने दो दिन पहले यानी गुरुवार को सोशल मीडिया पर अपने बेटे को सद्बुद्धि देने के लिए भगवान महादेव से प्रार्थना की थी और लिखा था कि कोई भी खुद को पार्टी से ऊपर न समझे। हालांकि, इस पोस्ट को उन्होंने कुछ देर बाद ही डिलीट कर दिया था। वहीं
गंगाचरण राजपूत इस दौरान यूजीसी और शंकराचार्य मुद्दे पर बोलने वाले उन नेताओं पर कार्रवाई नहीं होने का हवाला दिया। लिखा कि यूजीसी और शंकराचार्य मुद्दे पर पार्टी के कई नेताओं ने विचार रखे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। विधायक बेटे को बचाने के लिए गंगाचरण राजपूत द्वारा की गई तमाम कोशिशों का कोई असर नहीं हुआ और आखिरकार पार्टी ने उन्हें नोटिस भेज ही दिया।
विधायक के पिता ने मांगी माफी
अब बीजेपी के नोटिस के बाद विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत की सफाई सामने आई है। इसमें उन्होंने माफी भी मांगी है। इसमें उन्होंने ब्रजभूषण राजपूत द्वारा मुख्यमंत्री को दिए विवादित बयान पर यू टर्न ले लिया है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति कभी बोलना कुछ चाहता है लेकिन निकलता कुछ है। इसी वे खुद माफ़ी मांगते हैं।
‘अपराध छोटा हो या बड़ा सजा सबको’
इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी के संविधान में अनुशासनहीनता को लेकर बड़े-बड़े नेताओं को त्याग पत्र देना पड़ा है। अपराध चाहे छोटा हो या बड़ा सजा सबको होती है। विधायक ने भी अपराध किया है पार्टी के संविधान को तोड़ा है।
दूसरी पार्टी में जाने की अटकलों पर विराम
बृजभूषण राजपूत के दूसरी पार्टी में जाने की अटकलों को विराम लगाते हुए बोले कि वह किसी भी पार्टी में नहीं जाएगा। बृजभूषण बीजेपी के लिए जीते है। वहीं रहेंगे। बुंदेली कहावत में बोले कि ब्रजभूषण राजपूत ने गलती की है और वह मूड (सिर) धर के पांव (पैर) पड़ेगा। अब गंगाचरण राजपूत को बीजेपी पार्टी द्वारा विधायक के नोटिस दिए जाने बाद कही न कही पार्टी से कार्रवाई का डर सता रहा है।
ये भी पढ़ें – उत्तर प्रदेश में बिजली संकट की कहानी हुई पुरानी, योगी सरकार के सुधारों से आपूर्ति शून्य अंतर तक पहुंची
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









