Haryana News : हरियाणा सरकार ग्रामीण और शहरी इलाकों में पर्याप्त और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर पेयजल बुनियादी ढांचा तैयार कर रही है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पूरे राज्य में 1870 नहर-आधारित जलघर, 12,920 नलकूप, 9 रैनीवेल और 4140 बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से पानी की सप्लाई सुनिश्चित कर रहा है।
कच्चे पानी की उपलब्धता में कमी
सिरसा जिले में पेयजल आपूर्ति BEML भाखड़ा मेन लाइन पर आधारित है, जो कच्चे पानी का सालभर का मुख्य स्रोत है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में नहर प्रणालियों से कच्चे पानी की उपलब्धता में कमी देखने को मिली है। बढ़ती आबादी, लोगों की बदलती जरूरतें और जलवायु परिवर्तन इस गिरावट की बड़ी वजह मानी जा रही हैं।
पानी की टैंकरों के जरिए आपूर्ति
गर्मी के मौसम और असाधारण परिस्थितियों में, लोगों को पानी की कमी न हो इसके लिए टैंकरों के जरिए आपूर्ति की जाती है। जल जीवन मिशन के तहत हरियाणा ने 6 अप्रैल 2022 तक प्रदेश के सभी 30,41,000 ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध करवाने में बड़ी उपलब्धि हासिल की।
प्रति व्यक्ति की दर से पानी की सप्लाई
सिरसा लोक सेवा क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से पानी की सप्लाई की जा रही है। केवल दो गांव दहमन और खारा खेड़ी में पानी की मात्रा बढ़ाकर 40 से 55 लीटर प्रतिदिन करने का कार्य जारी है, जिसे 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
शहरी क्षेत्रों में नहीं पानी की कमी
शहरी क्षेत्रों में पानी की कोई कमी नहीं है। सिरसा क्षेत्र में विभाग 456 नहर-आधारित जलघर, 886 नलकूप और 297 बूस्टर स्टेशनों के माध्यम से लोगों को साफ पेयजल उपलब्ध करा रहा है।
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