
Haryana News : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में भर्ती प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जानबूझकर भर्ती की विफलताओं का झूठा आरोप लगाया, जिससे उन्हें आहत महसूस हुआ। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती है।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग का स्वायत्त कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HPSC) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) दोनों स्वायत्त संस्थाएं हैं, जो किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष तरीके से काम कर रही हैं। कांग्रेस के 10 वर्षों के शासनकाल में केवल 3,593 भर्तियां की गई थीं, जबकि उनकी सरकार ने 11,017 बच्चों को HPSC के माध्यम से बिना खर्ची और बिना पर्ची के भर्ती किया।
सीईटी परीक्षा और विज्ञापनों की पुनः प्रकाशन
सीएम सैनी ने बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 8,653 पदों के विज्ञापनों को वापस लिया था क्योंकि आगामी सीईटी परीक्षा होनी थी। नए अभ्यर्थियों को भी इस परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने के लिए आयोग ने फिर से बड़े पदों के साथ विज्ञापन निकाला।
रद्द की गई परीक्षाएं और उनकी पुनः आयोजन
हरियाणा सीएम ने कहा कि कुछ परीक्षाएं पेपर लीक की आशंका के कारण रद्द की गई थीं, जैसे ग्राम सचिवों, पटवारी और पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा। इन परीक्षाओं को बाद में सफलतापूर्वक पुनः आयोजित किया गया। ग्राम सचिवों की परीक्षा 28 जून 2024 को फिर से विज्ञापित की गई और 17 अगस्त 2024 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई। परिणाम 17 अक्टूबर 2024 को घोषित किया गया।
सहायक प्रोफेसर और अन्य पदों की भर्ती
मुख्यमंत्री ने सहायक प्रोफेसर के पदों के संदर्भ में भी अपनी सरकार के प्रयासों को बताया। उन्होंने कहा कि सहायक प्रोफेसर के 2,424 पदों में से 1,022 पदों की सिफारिश विभाग को भेजी जा चुकी है और शेष पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, अंग्रेजी सहायक प्रोफेसर भर्ती की प्रक्रिया पूरी तरह से निर्धारित नियमों के तहत संपन्न की गई थी, हालांकि, अंतिम परिणाम माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के कारण लंबित है।
विपक्ष द्वारा फैलाए गए भ्रम का सामना
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष हरियाणा के युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 11 भर्तियां रद्द की गईं, जिससे 7,338 युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया। कांग्रेस सरकार द्वारा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की नीति को भी कोर्ट ने रद्द कर दिया था, जिसके बाद 4,645 कर्मचारियों को 6 महीने में निकालने का आदेश दिया गया।
नौकरियों में भाई-भतीजावाद और क्षेत्रवाद का बोलबाला
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल के दौरान भाई-भतीजावाद और क्षेत्रवाद की नीति को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार ने 9,870 जेबीटी शिक्षकों को जॉइन करवाए बगैर छोड़ दिया था, जिन्हें उनकी सरकार ने जॉइन कराया। इसके अलावा, इनेलो सरकार में भर्ती 3,500 सिपाहियों को कांग्रेस सरकार द्वारा निकालने के बाद उनकी सरकार ने समायोजित किया।
अखिल भारतीय पात्रता और समान अवसर
मुख्यमंत्री ने HPSC भर्ती के पदों को अखिल भारतीय पात्रता वाले पदों के रूप में प्रस्तुत किया और बताया कि इन पदों पर संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत समान अवसर का सिद्धांत लागू होता है। इसके तहत, 22% अभ्यर्थी अन्य राज्यों से हैं, और यह हरियाणा के युवाओं के लिए एक अवसर है।
SC और BC बैकलॉग को भरने की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के बैकलॉग को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाया। वर्ष 2006 में एससी का बैकलॉग 14,995 था, जबकि अब 2024 में एससी का बैकलॉग 145, बीसी(ए) का बैकलॉग 180 और बीसी(बी) का बैकलॉग शून्य कर दिया गया है।
हरियाणा के युवा विदेशों में डंका बजा रहे हैं – सीएम
मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि हरियाणा के युवा अब न केवल राज्य में, बल्कि देश और विदेशों में अपनी प्रतिभा का डंका बजा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर 2023 को माननीय उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि अभ्यर्थियों को मिनिमम कट ऑफ मार्क्स को कम करवाने का कोई अधिकार नहीं है।
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