
Ankita Bhandari Murder case : अंकिता भंडारी हत्याकांड मामला इन दिनों फिर सुर्खियों में है। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए समाजिक व राजनीतिक संगठनों ने न्याय यात्रा निकालने का फैसला लिया है। प्रेस क्लब देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संगठनों ने 2 दिन मशाल जुलूस निकालने और उतराखंड बंद का ऐलान किया है।
दरअसल, गुरुवार (8 जनवरी) को देहरादून स्थित प्रेस क्लब में विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों ने ‘अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच’ के बैनर तले एकजुट होकर आंदोलन को तेज करने का फैसला किया। मंच से जुड़े संगठनों द्वारा ऐलान के मुताबिक, 10 जनवरी गांधी पार्क से मशाल जुलूस और 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही उनके द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वो मंच के साथ इस यात्रा में समर्थन दें।
VIP का नाम सार्वजनिक नहीं होने तक आंदोलन जारी
इस मामले में अधिक जानकारी देते हुए महिला मंच की अध्यक्ष कमला पंत ने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआइपी का नाम सबके समक्ष नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से एसआईटी पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश में वीआइपी के उल्लेख है। इसके साथ ही अंकिता व उसके मित्र के बीच हुई व्हाट्सएप चैट में भी इसका जिक्र सामने आया है। लेकिन एसआइटी ने इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई।
सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग
कमला पंत ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की दोबारा मांग की। इस दौरान उन्होंने मामले से संबंधित नए चेहरे सामने आने पर बचाव का भी आरोप लगाया। कहा कि मामले में रोज नए घटनाक्रम, नए चेहरे सामने आ रहे हैं, लेकिन बचाव की मुद्रा में है। उन्होंने वनंतरा रिजॉर्ट में साक्ष्य नष्ट किए जाने के मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि साक्ष्य किसके निर्देश पर और किन लोगों द्वारा मिटाए गए। मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने सरकार पर मामले को भटकाने का आरोप लगाया।
महिला मंच की अध्यक्ष ने कहा कि अंकिता के माता-पिता लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह कहना कि यदि माता-पिता चाहेंगे तो जांच कराई जाएगी, केवल टालने वाला बयान है। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, इसके बावजूद इसे प्रदेश का माहौल बिगाड़ने वाला बताना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह किसी एक दल या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता की लड़ाई है।
अंकिता के माता-पिता से मिले संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्य
इस दौरान मौके पर माजूद संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्यों ने बताया कि वे गुरुवार सुबह अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले। उन्होंने कहा कि जब हम परिजनों से मिले तो अंकिता का नाम आते ही आज भी उनकी आंखें नम हो गई। ऐसा देखा गया कि परिवार आज भी अपनी बेटी को खोने की चिंता में डूबा हुआ है। ऐसे में सरकार द्वारा अंकिता के परिवार की मदद के लिए सरकारी घोषणाओं की प्रगति भी बताई जाए।
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