
UP News : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 में प्रस्तावित जनगणना को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है. साथ ही अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब जनगणना फॉर्म में जाति का कॉलम ही नहीं है, तो जातिगत जनगणना कैसे संभव होगी. अखिलेश यादव ने इसे बीजेपी का “जुमला” बताते हुए कहा कि जातिगत जनगणना न कराना पीडीए के अधिकारों के खिलाफ एक सोची- समझी साजिश है.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जनगणना के मुद्दे पर एक्स के जरिए बीजेपी पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि जब अधिसूचना में जाति का कोई अलग कॉलम ही नहीं है, तो जातिगत आंकड़े कैसे जुटाए जाएंगे. अखिलेश यादव ने जातिगत जनगणना को बीजेपी का “जुमला” बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी की मंशा न तो सही गिनती कराने की है और न ही आनुपातिक आरक्षण व अधिकार तय करने का कोई आधार बनाने की. उनके अनुसार, जातिगत जनगणना न कराना पीडीए समाज के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश है.
पीडीए को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आगे कहा कि आज बीजेपी पर भरोसा करने वाले लोग खुद को ठगा और अपमानित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने आगे लिखा कि जो कार्यकर्ता और नेता अब तक जातिगत जनगणना कराने का दावा कर रहे थे, वे अब अपने ही समाज में नजरें मिलाने की हालत में नहीं हैं. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी अब गले से पार्टी का पट्टा और घरों, दुकानों व वाहनों से झंडा उतारने को मजबूर हो गई है, उन्होंने कहा कि पीडीए समाज को अपने सम्मान, आरक्षण और अधिकारों की लड़ाई अब खुद ही लड़नी होगी.
‘बीजेपी पूरी तरह एक्सपोज हो चुकी है’
अखिलेश यादव ने कहा कि “अब जब विरोध होगा तो ‘छलजीवी बीजेपी’ फिर कहेगी ये टाइपिंग मिस्टेक हो गयी. बीजेपी अब इतनी बुरी तरह एक्सपोज हो गयी है कि सबको पता है कि अपने गलत मंसूबों के भंडाफोड़ होने के बाद आगे क्या करेगी. ये भाजपाई चालाकी नहीं, भाजपाई बेशर्मी है. अब शब्दकोशों में ‘वचन-विमुखी’ बीजेपी का मतलब ‘धोखा’ लिख देना चाहिए.”
ये भी पढ़ें – पंजाब में IED और पिस्तौल सहित चार आतंकी गिरफ्तार, गणतंत्र दिवस पर हमले की साजिश का खुलासा
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









