Indian Hockey Team : एशियन चैंपियंस ट्रॉफी प्रतियोगिता में अपने अजेय सफर को लगातार जारी रखते हुए भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने यहां ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम, मोहाली में खेले गए फाइनल मुकाबले में जापान को 4-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करके नया इतिहास रच दिया है।
टूर्नामेंट के दौरान सभी 7 मैच जीतकर अजेय रही
इस जीत के साथ ही भारतीय हॉकी टीम ने 2023 और 2024 की जीत के बाद खिताबों की हैट्रिक पूरी कर ली है, जो पूरे टूर्नामेंट के दौरान सभी 7 मैच जीतकर अजेय रही। आज दिन के पहले मुकाबले में मलेशिया ने कांस्य पदक के लिए खेले गए मैच में दक्षिण कोरिया को 5-2 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।
अपना तीसरा फाइनल खेल रही जापान की टीम ने शुरुआत में ही बढ़त लेकर भारत को बड़ा झटका दिया। तीसरे मिनट में काज़ुमासा मात्सुमोतो ने शानदार बैकहैंडर के जरिए गोल करके जापान को 1-0 से आगे कर दिया और जापान ने हाफ-टाइम तक यह बढ़त बनाए रखी।
लाकड़ा ने गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर किया
आधे समय के बाद भारत ने जोरदार वापसी की और 42वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह द्वारा पेनल्टी कॉर्नर पर किए गए शानदार पास के कारण शिलानंद लाकड़ा ने गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके बाद मेजबान टीम ने आखिरी क्वार्टर में विरोधी टीम पर पूरी तरह दबाव बना लिया और दिलप्रीत सिंह ने 47वें मिनट में गोल करके स्कोर 2-1 कर दिया। इसके बाद जुगराज सिंह ने 52वें मिनट में जोरदार ड्रैग-फ्लिक के जरिए यह बढ़त 3-1 कर दी और इसके अगले ही मिनट यानी 53वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने गोल करके 4-1 के स्कोर के साथ भारत की जीत पर मुहर लगा दी।
अब 2026 के फाइनल में हार का सामना
भारतीय टीम, जिसने जालंधर में भी लीग चरण में जापान को 4-1 से हराया था, ने अब 2011, 2016, 2018 (संयुक्त खिताब), 2023, 2024 और 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। दूसरी ओर, जापान को अभी भी अपने पहले खिताब का इंतजार है, जिसे 2013, 2021 और अब 2026 के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम का शानदार नेतृत्व किया, जबकि हार्दिक सिंह, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, शिलानंद लाकड़ा और गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने फाइनल जीत में अहम भूमिका निभाई।
कांस्य पदक का मैच: मलेशिया ने दक्षिण कोरिया को 5-2 से हराया
मलेशिया ने 1-2 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए दक्षिण कोरिया को 5-2 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। फितरी सारी ने दूसरे मिनट में ही मलेशिया को बढ़त दिला दी, लेकिन दक्षिण कोरिया ने पांचवें मिनट में पार्क ग्यून वू के पेनल्टी कॉर्नर के जरिए जवाबी हमले से स्कोर बराबर कर दिया और 13वें मिनट में चुन सेमिन के गोल की बदौलत बढ़त हासिल कर ली। आखिरी दो क्वार्टरों में मलेशिया ने जोरदार हमला बोला। अनुभवी फॉरवर्ड फैज़ल सारी ने 34वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया।
इसके बाद अबू कमाल अज़राई ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 45वें और 50वें मिनट में दो गोल दागकर मलेशिया को 4-2 से बढ़त दिलाई। शानदार खेल प्रदर्शन के लिए अबू कमाल अज़राई को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। कप्तान मरहान जलील ने 58वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल करके 5-2 के बड़े अंतर से ‘स्पीडी टाइगर्स’ की जीत पक्की कर दी।
मोहाली में दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में यह फाइनल मैच खेला गया और इसी स्टेडियम में टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण के मैच करवाए गए। इससे पहले लीग चरण के मुकाबले ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम, जालंधर में खेले गए।
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