US-Iran Conflict : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम कराने की कोशिशों के तहत पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने 20 अक्टूबर 2026 को तेहरान में ईरानी नेतृत्व से मुलाकात की। इस दौरान ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका तेहरान की शर्तें पूरी कर भरोसा बहाल नहीं करता, तब तक बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद नहीं है। ईरान ने यह भी साफ किया कि उसकी संवर्धित परमाणु सामग्री देश से बाहर नहीं भेजी जाएगी।
परमाणु सामग्री पर ईरान का सख्त रुख
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने आसिम मुनीर के साथ बैठक के दौरान कहा कि संवर्धित परमाणु सामग्री ईरान की राष्ट्रीय संपत्ति है और इसका कोई भी हिस्सा देश से बाहर नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को पहले विश्वास बहाली के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। ईरान का कहना है कि उसकी शर्तें पूरी होने के बाद ही बातचीत की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं सात शर्तें
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर ग़ालिबाफ़ ने भी आसिम मुनीर के साथ बातचीत में कहा कि अमेरिका तब तक तेहरान का भरोसा नहीं जीत सकता, जब तक वह ईरान की सात शर्तें पूरी नहीं करता। इन शर्तों में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करना, तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाना और क्षेत्रीय मोर्चों पर संघर्ष रोकना शामिल बताया गया है। ईरान ने पहले भी इन मांगों को अमेरिका के साथ संभावित बातचीत से जोड़ा है।
क्या मुनीर ने ट्रंप का अल्टीमेटम पहुंचाया?
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आसिम मुनीर अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा संदेश लेकर पहुंचे थे। इन दावों में यह भी कहा गया कि वाशिंगटन चाहता है कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर अधिक लचीलापन दिखाए। हालांकि, मुनीर द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कोई औपचारिक अल्टीमेटम पहुंचाने या ईरान को परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह छोड़ने के लिए कहने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों से नहीं होती।
इसी तरह, ईरान के सुरक्षा प्रमुख द्वारा मुनीर को विमान में वापस लौट जाने के लिए कहने और परमाणु ठिकानों पर बड़े हमले की चेतावनी दिए जाने के दावों को भी पुष्ट तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
रेज़ाई और मुनीर की मुलाकात पर क्या सामने आया?
कुछ रिपोर्टों में दोनों नेताओं की मुलाकात को औपचारिक और संक्षिप्त बताया गया है। बॉडी लैंग्वेज के विश्लेषण के आधार पर भी बातचीत में सामान्य राजनयिक आत्मीयता कम होने की बात कही गई। हालांकि, केवल हावभाव के आधार पर किसी बैठक के वास्तविक माहौल या उसमें हुई बातचीत के निष्कर्षों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन और संसद अध्यक्ष से भी मिले मुनीर
आसिम मुनीर ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर ग़ालिबाफ़ से भी मुलाकात की। इन बैठकों में क्षेत्रीय हालात, अमेरिका के साथ तनाव और पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत दोबारा शुरू कराने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
ग़ालिबाफ़ ने स्पष्ट किया कि अमेरिका को ईरान का भरोसा हासिल करने के लिए उसकी शर्तें पूरी करनी होंगी। ईरानी नेतृत्व ने यह भी संकेत दिया कि दबाव और सैन्य धमकियों से तेहरान के रणनीतिक फैसले नहीं बदलेंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु विवाद क्यों अहम है?
ईरान का परमाणु कार्यक्रम दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन की क्षमता में पर्याप्त कटौती करे। दूसरी ओर, ईरान अपनी परमाणु सामग्री देश से बाहर भेजने और दबाव में बातचीत करने का विरोध कर रहा है।
अमेरिका और इजरायल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताते रहे हैं, जबकि तेहरान परमाणु हथियार बनाने की मंशा से इनकार करता है। ऐसे में पाकिस्तान की मध्यस्थता के बावजूद दोनों पक्षों के बीच समझौते की राह आसान नहीं दिखती।
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