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महंगी शिक्षा के खिलाफ सड़कों पर छात्र, इमारतों और बैंकों में लगाई आग, प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचा विरोध

Albania Student Protest : अल्बानिया की राजधानी तिराना में महंगी शिक्षा, रोजगार की कमी और खराब सुविधाओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकारी इमारतों और बैंकों को निशाना बनाया। पुलिस ने आंसू गैस और पानी का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए। रामा ने इस्तीफे की मांग खारिज कर दी।

Albania Student Protest : अल्बानिया की राजधानी तिराना में महंगी शिक्षा, विश्वविद्यालयों की खराब सुविधाओं, रोजगार के सीमित अवसरों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। कई दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों और बैंकों को निशाना बनाते हुए आगजनी की, जबकि पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

महंगी शिक्षा और रोजगार की कमी से नाराज छात्र

छात्रों का कहना है कि उच्च शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन विश्वविद्यालयों में सुविधाओं और आर्थिक सहायता की कमी बनी हुई है। डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं को अपनी योग्यता के अनुरूप नौकरी मिलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर उनकी मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। छात्रों के मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, रोजगार के बेहतर अवसर और सामाजिक असमानता को दूर करना उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।

सरकारी इमारतों और बैंकों में आगजनी

तिराना में प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्रालय की इमारत और बैंक शाखाओं को निशाना बनाया। कई जगहों पर तोड़फोड़ हुई और पुलिस के साथ झड़पें हुईं। हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

रिपोर्टों के अनुसार, हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों समेत कई लोग घायल हुए। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। सरकार ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा की निंदा की है।

2013 से सत्ता में हैं एदी रामा

एदी रामा वर्ष 2013 से अल्बानिया के प्रधानमंत्री हैं। उनकी सोशलिस्ट पार्टी ने 2025 के संसदीय चुनावों में लगातार चौथी बार जीत दर्ज की थी। हालांकि, उनकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों और सरकारी फैसलों को लेकर असंतोष बढ़ा है।

मौजूदा आंदोलन ने सरकार के सामने राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। प्रदर्शनकारी मानते हैं कि उनकी शिकायतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जबकि सरकार ने हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को अस्वीकार्य बताया है।

Jared Kushner से जुड़ी रिसॉर्ट परियोजना भी विवाद की वजह

सरकार के खिलाफ असंतोष का एक प्रमुख कारण अल्बानिया के दक्षिणी तट पर प्रस्तावित लग्जरी रिसॉर्ट परियोजना भी है। इस परियोजना में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ी निवेश कंपनी की भूमिका बताई गई है।

परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर जमीन के इस्तेमाल, पर्यावरण और सरकारी फैसलों की पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं। शुरुआत में इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण विरोध हुआ था, लेकिन बाद में शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें भी आंदोलन का हिस्सा बन गईं।

इस्तीफे की मांग पर ट्रंप नहीं, रामा का जवाब

गुरुवार को रॉयटर्स से बातचीत में प्रधानमंत्री एदी रामा ने इस्तीफा देने की मांग खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि सरकारों को बदलने का रास्ता लोकतांत्रिक चुनाव हैं, न कि क्रांति। रामा ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर प्रदर्शनकारियों की मांगों के आगे झुकने से इनकार किया।

अल्बानिया में जारी यह आंदोलन यूरोप के दूसरे हिस्सों में शिक्षा, जीवन-यापन की लागत और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। हालांकि, अलग-अलग देशों में आंदोलनों की वजहें और उनकी परिस्थितियां एक जैसी नहीं हैं।

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