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दुनिया भारत पर करती है भरोसा, शून्य देने का भी नहीं मांगा श्रेय, 7.8% ग्रोथ और 700 अरब डॉलर से ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार- PM मोदी

Bloomberg New Economy Forum 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि दुनिया सस्ती दवाओं, प्रतिभा और तकनीक के लिए भारत पर भरोसा करती है। उन्होंने आर्थिक सुधारों, 7.8 प्रतिशत विकास दर, 700 अरब डॉलर से अधिक विदेशी मुद्रा भंडार और कोविड के दौरान 100 से ज्यादा देशों को वैक्सीन आपूर्ति का उल्लेख किया। उन्होंने भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर दिया।

Bloomberg New Economy Forum 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भारत की आर्थिक प्रगति, तकनीकी क्षमताओं और वैश्विक भूमिका पर अपने विचार रखे। करीब 25 मिनट के संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को शून्य जैसी महत्वपूर्ण गणितीय अवधारणा दी, लेकिन इसके लिए कभी श्रेय या रॉयल्टी की मांग नहीं की।

उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक ताकत दूसरे देशों और लोगों को सक्षम बनाने में है। तीन दिवसीय यह कार्यक्रम 15 अक्टूबर को समाप्त होगा। इस वर्ष फोरम की थीम बदलती दुनिया में शक्ति के नए स्रोतों की पहचान करना है। सस्ती दवाओं से लेकर प्रतिभा तक, दुनिया भारत पर भरोसा करती है।

दूसरों को सशक्त बनाना ही शक्ति का उद्देश्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्ञान, धन और शक्ति का वास्तविक महत्व इस बात में है कि उनका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाता है। सरकार के पास अधिकार होते हैं, लेकिन उसका लक्ष्य नागरिकों को व्यवस्था पर निर्भर बनाए रखना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत दूसरे देशों के साथ सहयोग बढ़ाने, नए अवसर पैदा करने और वैश्विक स्तर पर साझेदारी मजबूत करने में विश्वास रखता है।

भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत रहने का दावा

आर्थिक प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है और देश का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से अधिक है। उन्होंने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (इन्सॉल्वेंसी लॉ) सहित आर्थिक सुधारों का जिक्र किया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, कारोबार से जुड़ी छोटी-मोटी गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने जैसे कदमों से कारोबारी माहौल बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने सुधारों को सरकार की प्रतिबद्धता बताया।

सस्ती दवाओं और भारतीय प्रतिभा पर दुनिया का भरोसा

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दुनिया को किफायती दवाओं की जरूरत होती है, तो भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी तरह, वैश्विक स्तर पर प्रतिभा की मांग होने पर भारतीय युवाओं की क्षमताओं पर भरोसा किया जाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया को स्थिर और भरोसेमंद साझेदारों की जरूरत है और भारत अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सहयोग के लिए आगे आता है।

कोविड के दौरान 100 से ज्यादा देशों को वैक्सीन

पीएम मोदी ने कोरोना महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने कोविड-19 के दौरान 100 से अधिक देशों तक वैक्सीन पहुंचाई। उन्होंने कहा कि भारत अपनी वैज्ञानिक, तकनीकी और उत्पादन क्षमताओं का इस्तेमाल केवल अपने हितों के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लाभ के लिए करना चाहता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली से जुड़े अभियानों को भी भारत की वैश्विक पहल के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।

AI और सप्लाई चेन के बदलते समीकरण

प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दुनिया में काम करने के तरीकों को बदल रहा है। इसके साथ ही सप्लाई चेन, ऊर्जा, खनिज और तकनीक भी देशों के बीच रणनीतिक दबाव के साधन बनते जा रहे हैं। ऐसे दौर में भरोसेमंद साझेदारों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण देशों को जोड़ने, सहयोग बढ़ाने और वैश्विक चुनौतियों का मिलकर समाधान तलाशने पर केंद्रित है।

25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का दावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में करीब 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। उन्होंने सरकार की भूमिका को नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके लिए आगे बढ़ने के अवसर तैयार करने से जोड़ा। उनके मुताबिक, स्टार्टअप से जुड़े अवसर अब बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों तक भी पहुंच रहे हैं।

सस्ते मोबाइल डेटा से छोटे शहरों के युवाओं को अवसर

डिजिटल बदलाव का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद मोबाइल डेटा की कीमतों में कमी से लोगों की डिजिटल सेवाओं तक पहुंच बढ़ी है। इससे छोटे शहरों और कस्बों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा, जानकारी और रोजगार से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिली है। उन्होंने डिजिटल तकनीक को लोगों को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

भ्रष्टाचार में कमी और पारदर्शिता पर जोर

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि देश में भ्रष्टाचार कम हुआ है और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने और योजनाओं के लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

भारत को बताया लोकतंत्र की जननी

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए कहा कि शासन का उद्देश्य केवल अधिकारों का इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि नागरिकों को सशक्त बनाना और उन्हें प्रगति के अवसर देना है। उन्होंने दोहराया कि भारत की वैश्विक भूमिका दूसरे देशों को सक्षम बनाने, विश्वसनीय साझेदारी कायम करने और साझा विकास को बढ़ावा देने में है।

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