UP News : उत्तर प्रदेश में खेल व्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार में खेल और खिलाड़ियों के लिए लगातार काम किया जा रहा है, उन्होंने अखिलेश यादव के आरोपों को निराधार बताते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं.
गिरीश यादव ने कहा कि पिछली सरकारों के समय ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि को मौजूदा सरकार ने दो गुना से ढाई गुना तक बढ़ाया है, उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचों को भी सम्मानित किया जा रहा है.
मेडल विजेताओं को नौकरी
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहली बार ऐसी व्यवस्था लागू की है, जिसमें ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की गारंटी दी गई है.
उन्होंने बताया कि अब तक करीब 16-17 खिलाड़ियों को नौकरी दी जा चुकी है, जबकि कुछ अन्य खिलाड़ियों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है, उन्होंने अखिलेश यादव से सवाल किया कि उनकी सरकार के दौरान पदक जीतकर लौटे कितने खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई, इसकी जानकारी सार्वजनिक करें.
खेल कोटे में 1000 से ज्यादा नौकरियां
गिरीश यादव ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने खेल कोटे के तहत एक हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, उन्होंने दावा किया कि सात खिलाड़ियों को सीधे डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्त किया गया है.
मंत्री के अनुसार, ललित उपाध्याय, अर्जुन देशवाल, अखिल श्योराण, दीप्ति शर्मा और पारुल चौधरी समेत कई खिलाड़ियों को पदक उपलब्धियों के आधार पर सीधे डीएसपी बनाया गया. इसके अलावा कई अन्य विभागों में भी खिलाड़ियों को नियुक्तियां दी गई हैं.
स्टेडियम और खेल सुविधाओं पर फोकस
इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर गिरीश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार प्रदेश में कई नए खेल केंद्र और स्टेडियम विकसित कर रही है, उन्होंने बताया कि वाराणसी के सिगरा में अत्याधुनिक स्टेडियम तैयार किया गया है और वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भी बनकर तैयार हो चुका है, उन्होंने कहा कि गोरखपुर में करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है, जबकि कानपुर स्टेडियम की सुविधाओं के विस्तार के लिए 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज
मंत्री ने बताया कि प्रदेश की 18 कमिश्नरियों में स्पोर्ट्स कॉलेज बनाने की योजना पर काम चल रहा है. आगरा, बरेली, झांसी और अयोध्या में इसके लिए जमीन उपलब्ध हो चुकी है. इसके अलावा विकासखंड स्तर पर ग्रामीण खेल मिनी स्टेडियम बनाए जा रहे हैं. खिलाड़ियों के लिए एस्ट्रोटर्फ, सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, तरणताल और बास्केटबॉल कोर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं.
गिरीश यादव ने कहा कि सरकार ने पहली बार खेल नीति-2023 लागू की है. एकलव्य क्रीड़ा कोष के माध्यम से कमजोर और जरूरतमंद खिलाड़ियों को कोचिंग और पौष्टिक आहार के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है, उन्होंने दावा किया कि 400 से अधिक खिलाड़ियों को इसका लाभ मिल चुका है, उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर संसद स्तर तक खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से नई प्रतिभाओं की पहचान की जा रही है. मंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में खेलों के लिए बेहतर माहौल तैयार हुआ है और खिलाड़ी अब अधिक अवसरों के साथ आगे बढ़ रहे हैं.
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