Russia Oil Import : रूस से तेल और गैस खरीद को लेकर अमेरिका ने भारत और चीन को चेतावनी दी है. डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंथल ने कहा कि भारत और चीन को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल और गैस की खरीद कहीं और से करनी चाहिए. यह बयान अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रूस पर नए प्रतिबंध लगाने वाले बिल को मंजूरी मिलने के बाद आया है.
अमेरिकी कांग्रेस के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस और ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने वाले व्यापक बिल को 262-159 वोट से मंजूरी दे दी है. इस बिल का नाम ‘Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026’ है.
इससे पहले अमेरिकी सीनेट अगस्त में इस बिल को 86-11 वोट से मंजूरी दे चुकी है. अब यह बिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है. अगर यह कानून बनता है तो अमेरिका के पास भारत और चीन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का विकल्प हो सकता है.
भारत ने दी प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने रूस और ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों वाले कानून को लेकर प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इस मामले में आगे होने वाले घटनाक्रम पर नजर रख रहा है.भारत ने कहा कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग देशों से तेल और गैस खरीदना जारी रखेगा और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेगा.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस मुद्दे पर हाल के महीनों में अमेरिकी अधिकारियों के साथ उच्च स्तर पर बातचीत हुई है. भारत ने अमेरिका को बताया है कि इन प्रतिबंधों का असर केवल भारत-अमेरिका संबंधों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी प्रभाव पड़ सकता है.
रूसी तेल खरीद को लेकर बढ़ा दबाव
भारत लंबे समय से रूस से सस्ता तेल खरीदकर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करता रहा है. हालांकि, रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की ओर से भारत पर दबाव बढ़ता जा रहा है. प्रतिबंधों और संभावित टैरिफ को लेकर अब दोनों देशों के बीच बातचीत पर नजर बनी हुई है.
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