Uttar Pradesh

देश के पहले Aqua Tech Park में यूपी पत्रकारों ने समझी आधुनिक मछली पालन की तकनीक, किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

PIB लखनऊ के नेतृत्व में असम पहुंचे यूपी के पत्रकारों ने देश के पहले Aqua Tech Park का दौरा किया। यहां उन्होंने बायोफ्लॉक, एक्वापोनिक्स और आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों की जानकारी ली। पार्क का उद्देश्य किसानों और युवाओं को प्रशिक्षण देकर मछली पालन को आय और रोजगार के बेहतर विकल्प के रूप में विकसित करना है।

Fish Farming : ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत PIB लखनऊ के नेतृत्व में असम दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के पत्रकारों ने गुवाहाटी के पास सोनापुर स्थित देश के पहले Aqua Tech Park का दौरा किया। यहां उन्होंने आधुनिक मत्स्य पालन, बायोफ्लॉक, एक्वापोनिक्स, सजावटी मछली पालन और अन्य तकनीकों की जानकारी ली। इस दौरान बताया गया कि तकनीक और प्रशिक्षण के जरिए मछली पालन को किसानों और युवाओं के लिए आय और रोजगार का माध्यम बनाया जा सकता है।

आधुनिक तकनीकों का केंद्र बना Aqua Tech Park

सोनापुर के बागीबारी में स्थित इस Aqua Tech Park को आधुनिक मत्स्य पालन की तकनीकों के प्रदर्शन, प्रशिक्षण और किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यहां एक्वापोनिक्स, बायोफ्लॉक सिस्टम, आधुनिक मछली उत्पादन और सजावटी मछली पालन जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया जाता है।

इस पार्क को कोलोंग-कोपिली की पहल के तहत NABARD, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेशवॉटर एक्वाकल्चर (CIFA), असम मत्स्य विभाग और अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ विकसित किया गया है।

किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर

मीडिया प्रतिनिधिमंडल को जानकारी देते हुए कोलोंग-कोपिली के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ज्योतिष तालुकदार ने बताया कि आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से सीमित संसाधनों में भी मत्स्य उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों और युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें नई तकनीकों से जोड़ना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

दौरे के दौरान पत्रकारों को तालाब आधारित मत्स्य पालन के साथ फ्लोटिंग सोलर जैसे नए मॉडल की जानकारी भी दी गई। इस तकनीक में जल संसाधनों का उपयोग मछली पालन के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाता है।

बायोफ्लॉक और एक्वापोनिक्स से बदल रहा मछली पालन

Aqua Tech Park में बायोफ्लॉक तकनीक के जरिए कम पानी में अधिक मछली उत्पादन की संभावनाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। वहीं एक्वापोनिक्स मॉडल में मछली पालन और पौधों की खेती को एक साथ जोड़ा जाता है। विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसी तकनीकों से पानी और अन्य संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल संभव है। किसान इन मॉडलों को अपनाकर पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित कर सकते हैं।

प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल

Aqua Tech Park में किसानों और मत्स्य पालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रशिक्षण के दौरान उत्पादन तकनीक, संसाधनों का सही उपयोग, बाजार से जुड़ाव और आधुनिक मत्स्य पालन की जानकारी दी जाती है। विशेषज्ञ अश्लेषा श्रबोर्नि ने बताया कि किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें अपने क्षेत्र के अनुसार तकनीक अपनाने के लिए तैयार किया जा रहा है।

असम में मत्स्य क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश

असम में जल संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद लंबे समय तक मछली की मांग पूरी करने के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता रही है। Aqua Tech Park जैसी पहल का उद्देश्य स्थानीय उत्पादन बढ़ाकर इस निर्भरता को कम करना है। यह केंद्र मत्स्य पालन को पारंपरिक गतिविधि से आगे बढ़ाकर तकनीक आधारित व्यवसाय के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ मीडिया टूर का हिस्सा

उत्तर प्रदेश के पत्रकारों का यह दौरा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत आयोजित किया गया। इस दौरान पत्रकारों ने असम की संस्कृति, विकास कार्यों और तकनीकी पहलों को करीब से समझा। Aqua Tech Park का दौरा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तकनीक की भूमिका को समझने का अवसर बना। आधुनिक मत्स्य पालन, प्रशिक्षण और संस्थागत सहयोग के जरिए किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं को यहां प्रदर्शित किया जा रहा है।

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