राष्ट्रीय

Jammu Kashmir के कई इलाकों में मोबाइल सेवाएं ठप, आतंकियों की तलाश जारी

Jammu Kashmir : जम्मू-कश्मीर में व्यवस्था और शांति को कायम बनाए रखने के लिए भारतीय सेना मुस्तैद है। इसी कड़ी में सेना ने किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा, चिंगम और चतरू इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है।

इन इलाकों में 2G, 3G, 4G और 5G डेटा सेवाएं सस्पेंड रहेंगी। राष्ट्र-विरोधी तत्व मोबाइल नेटवर्क के गलत इस्तेमाल को रोकने और सुरक्षा बलों के ऑपरेशन को सही ठंग से चलाने के लिए यह फैसला लिया गया है।

आतंकियों की मौजूदगी की मिली सूचना

किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बल आतंकवादियों की खोज और उन्हें नष्ट करने के लिए व्यापक ऑपरेशन चला रहे हैं। इस मामले में गृह विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकर भारती ने आधिकारिक आदेश जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, चतरू और आसपास के इलाकों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिल रही है, जिस कारण पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है।

हेलीकॉप्टर और ड्रोन से हो रही निगरानी

आतंकियों की मूवमेंट पर निगरानी रखने के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारतीय सेना के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अभियान की निगरानी कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, दो हफ्ते पहले किश्तवाड़ के सिंगपोरा इलाके में आतंकियों के साथ मुठभेड़ शुरू हुई थी। जिसके बाद से सुरक्षा बल आतंकियों को घेरने और उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान कर रहे है।

अधिकारियों ने लोगों से की अपील

अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल डेटा सेवाओं को केवल कुछ समय के लिए बंद किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान ना दें। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम सुरक्षा बलों के अभियान को सही तरीके से पूरा करने और लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। यह अभियान किश्तवाड़ में आतंकवाद को खत्म करने और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है, ताकि शांति बनी रहे।

ये भी पढ़ें- क्या अब थम जाएगा विवाद, शंकराचार्य से माफी मांगेगा प्रयागराज प्रशासन- शिष्य का दावा

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button