
UGC Controversy : बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने उन लोगों पर सवाल उठाए जो इस मुद्दे पर सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साध रहे हैं. निशिकांत दुबे ने कहा कि वे पिछले दो दिन से संसद में हैं, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल के सदस्य ने इस विषय पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझा. जबकि सरकार को लगातार आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.
डॉ. निशिकांत दुबे ने अपने पोस्ट में लिखा, “UGC पर विवादित बयान देने वाले सभी जानकारों से सवाल है. पिछले दो दिनों से मैं संसद में जा रहा हूँ, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल के सदस्य ने इस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझा. वहीं, जिस सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में EWS को 10% आरक्षण देकर गरीबों की मदद की. उसे आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. मैं दोबारा निवेदन करता हूँ कि प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा रखें, और देश के कानून संविधान की धारा 14 और 15 के अनुसार ही लागू होंगे. सुप्रीम कोर्ट ने वही फैसला दिया जो मैंने कहा था.”
सरकार और यूजीसी से मांगा जवाब
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ कई याचिकाएं दायर की गई थीं. इन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिलहाल नए नियमों पर रोक लगा दी. 29 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा.
अगली सुनवाई 19 मार्च 2026
वही, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अगली सुनवाई तक 2012 के नियम ही लागू रहेंगे. कोर्ट ने केंद्र सरकार और यूजीसी को 19 मार्च 2026 तक जवाब देने का आदेश दिया है. यानी इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी.
इस फैसले के बाद राजनीतिक और शैक्षणिक मंचों पर बहस तेज हो गई है. जहां कुछ लोग नए नियमों का विरोध कर रहे हैं, वहीं बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संविधान के दायरे में रहकर ही निर्णय ले रही है.
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