Delhi NCR

इंजीनियर युवराज की मौत पर NGT सख्त, पांच विभागों को भेजा नोटिस

Yuvraj Death Case : ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में अब राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए नोएडा प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB), सिंचाई विभाग, पर्यावरण विभाग और गौतम बुद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी किया है। सभी विभागों से अगली सुनवाई से पहले हलफनामा दाखिल कर जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल 2026 को होगी।

2015 की योजना आज तक अधूरी

एनजीटी की प्रारंभिक सुनवाई में सामने आया कि सेक्टर-150 में बनी एक ट्रेंच पिछले कई वर्षों से स्थायी तालाब में तब्दील हो चुकी है। वर्ष 2015 में तैयार की गई स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट योजना आज तक लागू नहीं हो सकी। सिंचाई विभाग द्वारा हिंडन नदी में पानी छोड़ने के लिए बनाए जाने वाले हेड रेगुलेटर का निर्माण भी नहीं हुआ, जबकि इसके लिए 2016 में नोएडा अथॉरिटी से 13.05 लाख रुपये जारी किए गए थे।

रेगुलेटर न बनने के कारण बारिश और आसपास की हाउसिंग सोसाइटियों का गंदा पानी वर्षों से वहीं जमा होता रहा, जिससे इलाके में गंभीर जलभराव की समस्या पैदा हुई। एनजीटी की पीठ ने इसे पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के संभावित उल्लंघन का मामला माना है।

कोहरे में रास्ता भटके युवराज

यह मामला 20 जनवरी 2026 की एक मीडिया रिपोर्ट के बाद सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, घने कोहरे के कारण युवराज मेहता रास्ता भटक गए और उनकी कार पानी से भरी गहरी खाई में गिर गई। एनडीआरएफ की टीम ने करीब तीन दिन बाद कार को बाहर निकाला। कार के शीशे और सनरूफ टूटे मिले, जिससे आशंका जताई गई कि तेज पानी के दबाव के कारण ऐसा हुआ होगा।

जिस जमीन पर हादसा हुआ, वह पहले एक निजी मॉल परियोजना के लिए आवंटित थी, लेकिन परियोजना ठप होने के बाद यह क्षेत्र जलभराव का केंद्र बन गया।

प्रशासन पर गिरी गाज

मामले की गंभीरता को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को पद से हटा दिया गया है। इसे जांच की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही विशेष जांच दल (SIT) नोएडा पहुंचकर पूरे मामले की जांच कर रहा है और प्राधिकरण के स्तर पर हुई चूकों की पड़ताल की जा रही है।

दो आरोपी गिरफ्तार

नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने इस मामले से जुड़े दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान रवि बंसल (फरीदाबाद) और सचिन करनवाल (गाजियाबाद) के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

NGT की सख्ती से बढ़ी जवाबदेही

एनजीटी की कार्रवाई ने एक बार फिर शहरी नियोजन, पर्यावरण सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें 10 अप्रैल 2026 की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि जिम्मेदार विभागों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

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