
Varanasi News : उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित दालमंडी क्षेत्र में बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई जारी है, जिसका उद्देश्य इलाके का चौड़ीकरण करना है। मंगलवार को 6 भवनों को जमींदोज करने के बाद अब इस क्षेत्र में कुल 19 भवनों के ध्वस्तीकरण का काम पूरा हो जाएगा। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें पुलिस, पीएसी, और आरआरएफ फोर्स की तैनाती की गई थी। जगह-जगह बैरिकेडिंग और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही थी, ताकि कोई भी जनसहभागिता न हो।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
एडीसीपी सरवनण टी के अनुसार, इस ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां हर जगह तैनात हैं, ताकि कार्रवाई के दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे। ड्रोन कैमरे से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है, और लोगों को ध्वस्तीकरण वाले क्षेत्रों से दूर रखा जा रहा है।
दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट
दालमंडी क्षेत्र का चौड़ीकरण प्रोजेक्ट, जो 221 करोड़ रुपये की लागत से पूरा होगा, सड़क को 650 मीटर से बढ़ाकर 17.4 मीटर तक चौड़ा करेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, दालमंडी से काशी विश्वनाथ धाम की यात्रा और भी सुगम हो जाएगी। इसके अलावा गोदौलिया और मैदागिन मार्ग पर दबाव भी कम होगा, जिससे यातायात की स्थिति बेहतर हो सकेगी।
मस्जिदों को शिफ्ट करने की योजना
इस चौड़ीकरण परियोजना के तहत छह मस्जिदें भी जद में हैं, जिन्हें स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन द्वारा मुस्लिम धर्मगुरुओं और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के साथ बातचीत की जा रही है, ताकि सहमति बने तो मस्जिदों का शिफ्टिंग कार्य सुगमता से हो सके।
एक मॉडल सड़क की स्थापना
दालमंडी की नई सड़क को योगी सरकार द्वारा एक मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। इस सड़क के दोनों किनारों पर 10 फीट चौड़ा पाथवे होगा, जिसमें श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था और सुंदर गार्डनिंग होगी। सड़क पूरी तरह से वायरलेस होगी और लाइटिंग से सुसज्जित होगी, जो इसे और भी आकर्षक बनाएगी। यह सड़क काशी में लंदन स्ट्रीट जैसा अहसास दिलाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आधारशिला
इस विशाल और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी, और इसके पूरा होने के बाद, दालमंडी क्षेत्र का विकास काशी की खूबसूरती और श्रद्धालुओं के अनुभव को नया आयाम देगा।
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