Uttarakhandधर्म

अर्धकुंभ 2027 : आस्था की डुबकी लगाने के लिए हो जाएं तैयार, शाही व अन्य स्नानों की तिथियां तय

Haridwar Ardh Kumbh : हाल ही में लगा प्रयागराज का महाकुंभ किसी के लिए अभिशाप तो किसी के लिए वरदान बन गया। इस महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए विदेशों से भी लोग आए। कुछ लोग किसी मजबूरी वश नहीं जा पाए। लेकिन अब बारी है उत्तराखंड में लगने वाले अर्धकुंभ में डुबकी लगाने की, जिसकी तिथियां अब तय कर दी गई हैं। सबसे खास बात ये है कि इस कुंभ में 4 शाही स्नान शामिल होंगे।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते कल यानी 28 नवंबर को हरिद्वार डाम कोठी में अखाड़ा प्रतिनिधियों के साथ कुंभ के तिथियों को लेकर बैठक की। जिसके बाद आधिकारिक रूप से अर्धकुंभ के कार्यक्रम की रूपरेखा की घोषणा की, जिसमें सारी जानकारी की गई।

14 जनवरी से होगी आयोजन की शुरुआत

दरअसल, तय समयसीमा के अनुसार इस भव्य आयोजन की शुरुआत 14 जनवरी 2027 से होगी और यह 20 अप्रैल 2027 तक चलेगा। कुल 97 दिनों तक चलने वाले इस अर्धकुंभ में 10 प्रमुख स्नान होंगे, जिनमें चार शाही अमृत स्नान भी शामिल हैं। यह पहली बार है जब अर्धकुंभ में शाही स्नान का आयोजन किया जाएगा, जिसे ऐतिहासिक और विशेष कदम माना जा रहा है।

संत समाज ने किया स्वागत

अर्धकुंभ की तिथियों की घोषणा के बाद संत समाज ने इसे पूरी तरह से स्वागतयोग्य बताया। उन्होंने कहा कि यह मेला कुंभ की ही तरह भव्य और दिव्य रूप में आयोजित होगा। लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार आने की उम्मीद जताई जा रही है। संतों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार अर्धकुंभ में भी धार्मिक गरिमा और परंपराओं का पूरा पालन किया जाएगा।

10 प्रमुख स्नान और चार शाही अमृत स्नान

प्रशासन ने अर्धकुंभ 2027 के लिए 10 प्रमुख स्नान निर्धारित किए हैं, जिनमें 4 शाही स्नान भी शामिल होंगे। शाही अमृत स्नान साधु-संतों और अखाड़ों द्वारा किया जाने वाला पवित्र और प्रतिष्ठित स्नान है। इसकी परंपरा 14वीं–16वीं शताब्दी के बीच विकसित हुई थी और यह सम्मान, आस्था और अखाड़ों की ऐतिहासिक भूमिका का प्रतीक माना जाता है। बता दें कि बैठक में भीड़ नियंत्रण, गंगा घाटों की क्षमता, यातायात प्रबंधन, अस्थायी मार्ग और पार्किंग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

अखाड़ों की सर्वसम्मति

बैठक में शामिल सभी 13 अखाड़ों ने स्नान तिथियों और व्यवस्थाओं पर सहमति जताई। अखाड़ों ने कहा कि सरकार की तैयारियां पूरी तरह से परंपरा, आस्था और अर्धकुंभ की गरिमा को ध्यान में रखकर की गई हैं।

मेले की अवधि और गतिविधियां

हालांकि अर्धकुंभ आधिकारिक रूप से 14 जनवरी 2027 से शुरू होगा, लेकिन मेले की गतिविधियां और तैयारियाँ 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2027 तक चलेंगी। इस दौरान सभी प्रमुख स्नान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अखाड़ों की पारंपरिक पेशवाई आयोजित की जाएगी।

यह भी पढ़ें “सरकार का जुमला और लोकतंत्र पर हमला” कहते हुए पल्लवी पटेल ने SIR फॉर्म भरने से किया इनकार

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button