Rajasthan News : राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनाव अब संभवत- सितंबर के बाद ही आयोजित होंगे. इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण तय करने वाला आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को अब तक नहीं सौंप सका है. इस बीच, आयोग का कार्यकाल तीसरी बार बढ़ाकर 30 सितंबर, 2026 तक कर दिया गया है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि चुनाव में लगातार देरी सरकार की असंवेदनशीलता को दिखाती है और हार के डर के कारण चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की संभावना है, क्योंकि चुनाव अधिकारी दो अलग-अलग सूचियां जारी कर रहे हैं. कांग्रेस जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन देगी और जरूरत पड़ने पर उच्च न्यायालय का रुख करेगी.
वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित
वहीं, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि नगर निकायों के चुनाव जल्द आयोजित हों और सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है, उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष को पहले अपने कार्यकाल की विफलताओं पर ध्यान देना चाहिए.
सर्वे रिपोर्ट के बाद ही चुनाव तय होंगे
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी आपातकाल के दौरान पंचायत चुनावों के लंबे अवकाश का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे लोग लोकतंत्र की बातें कर रहे हैं जिन्होंने लोकतंत्र को कमजोर किया.
सूत्रों के अनुसार, पिछड़ा वर्ग आयोग को लगभग 400 ग्राम पंचायतों का डेटा नहीं मिला था, जिसके लिए उसने पंचायत राज विभाग से जानकारी मांगी थी. विभाग ने स्पष्ट किया कि संबंधित डेटा पहले ही आयोजन विभाग से उपलब्ध कराया जा चुका था. सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद ही चुनावों की तारीखों को अंतिम रूप दिया जाएगा.
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