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ड्रग तस्करों से फर्जी संबंध दिखाकर ‘‘आप’’ को बदनाम करने की साजिश रच रही थी भाजपा सरकार- सौरभ भारद्वाज

Punjab Politics : दिल्ली की तरह पंजाब में भी आम आदमी पार्टी को फर्जी मामले में बदनाम कर चुनाव हराने की भाजपा की केंद्र सरकार षड़यंत्र कर रही थी। यह बड़ा खुलासा करते हुए पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पिछले दो महीने से भाजपा सरकार ये साजिश रच रही थी। भाजपा सरकार की प्लानिंग थी कि चुनाव से ठीक पहले ड्रग तस्करों से करोड़ों रुपए लेने का झूठा आरोप लगाकर ‘‘आप’’ को बदनाम किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार के विभाग की सह पर 19 जुलाई से 15 सितंबर तक ‘‘आप’’ मुख्यालय के पते पर 58 फर्जी कंपनियां रजिस्टर्ड की गईं। ताकि भाजपा सरकार प्रचारित कर सके कि ‘‘आप’’ सैकड़ों सेल कंपनियां चला रही थी। लेकिन इससे पहले ही साजिश पकड़ी गई। अब केंद्र सरकार जांच कर बताए कि सरकारी आवास के पते पर अलग-अलग नामों से 58 जीएसटी के रजिस्ट्रेशन कैसे हो गए?

दिल्ली चुनाव और शराब घोटाले के आरोप का जिक्र

मंगलवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जैसे दिल्ली के चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी पर रोज नए झूठे आरोप लगाए गए और शराब में करोड़ों रुपए के घोटाले की बात कही गई, लेकिन दिल्ली चुनाव में बेईमानी से आम आदमी पार्टी को हराने के बाद चार्जशीट तक नहीं हो पाई। उस मामले में कोर्ट ने चार्जशीट की स्टेज पर ही डिस्चार्ज कर दिया कि मुकदमा बनता ही नहीं है। ठीक उसी तरह 2022 के पंजाब चुनाव से पहले कहा गया कि खालिस्तानियों ने आम आदमी पार्टी की फंडिंग की है। तब कहा गया कि सबूत आ गए हैं, करोड़ों रुपए आए हैं और मुकदमा दर्ज होने वाला है, लेकिन बाद में सरकार ने ही कोर्ट में कह दिया कि ऐसा कोई मामला नहीं बनता।

2027 पंजाब चुनाव से पहले साजिश का आरोप

सौरभ भारद्वाज ने खुलासा किया कि 2027 के पंजाब चुनाव से पहले भी आम आदमी पार्टी के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा था। फरवरी 2027 के चुनाव से पहले दिसंबर या जनवरी में भाजपा की सरकार सब जगह इस खबर को प्लांट करती कि आम आदमी पार्टी के पास ड्रग तस्करों से करोड़ों रुपए आते हैं और आम आदमी पार्टी सैकड़ों शेल कंपनियां चला रही थी, जिसके लिए सबको जेल भेजा जाएगा। एक-दो महीने तक बस यही चलता रहता कि वह कौन सी कंपनी है, किसके नाम है, कहां से पैसा आया, कहां पैसा गया और आम आदमी पार्टी को चुनाव हराने के लिए भाजपा की सरकार पूरी साजिश रचती।

AAP कार्यालय के पते पर 58 बिजनेस रजिस्ट्रेशन का दावा

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि 19 जुलाई से लेकर 15 सितंबर तक आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय दफ्तर (जिसका पता 1, कैनिंग लेन एरिया, नई दिल्ली है) के पते पर 58 बिजनेस और बाकायदा उनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन किया गया है। जो लोग बिजनेस करते हैं, वे जानते हैं कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन आसानी से नहीं होता। अगर आम आदमी पार्टी के दफ्तर के पते पर रजिस्ट्रेशन किया गया है, तो जीएसटी अधिकारी के दिमाग में सबसे पहले यह बात आनी चाहिए थी कि 1, कैनिंग लेन एक सरकारी बंगला है और इसमें कोई प्राइवेट कंपनी या बिजनेस कैसे रजिस्टर हो सकता है? न कोई इस जगह को खरीद सकता है और न कोई इसे किराए पर दे सकता है, तो प्रथम दृष्टया यह हो ही नहीं सकता था।

जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बिजनेस रजिस्टर करते समय चलाने वाले के आधार कार्ड का ओटीपी ऑथेंटिकेशन करना पड़ता है। जगह अपनी दिखाने के लिए पानी या बिजली का बिल और प्रॉपर्टी टैक्स अपने नाम पर दिखाना पड़ता है। अगर जगह किराए की दिखाई जाती है, तो मकान मालिक का रेंट एग्रीमेंट, बिजली का बिल और एनओसी दिखानी पड़ती है। इसके अलावा प्लेस ऑफ बिजनेस के बाहर बिजनेस का बोर्ड लगाकर एक फोटो भी खींचनी पड़ती है कि मेरा काम-धंधा यहां चलता है। ऐसे में केंद्र सरकार से हमारा सीधा सवाल है कि ये 58 बिजनेस आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय के पते पर कैसे रजिस्टर हो गए?

58 बिजनेस के नाम और रजिस्ट्रेशन का विवरण

सौरभ भारद्वाज ने आगे बताया कि ये तमाम 58 बिजनेस इसी पते पर रजिस्टर्ड हैं। जैसे एक जीएसटी नंबर 07एएचकेपीसी920एफ3जेडजे है, जिसका लीगल नाम विकास चौधरी और ट्रेड नाम प्रियंका है। इसी तरह आशा एंटरप्राइजेज, मोहम्मद अहमद, फैजान अहमद, मोहम्मद असद कुरैशी, अफजल, मोहम्मद दिलशाद, साफिया खानम, सीमा परवीन, काशिफ सिद्दीकी, सरफराज और मोहम्मद फैजान जैसे नामों से ये रजिस्ट्रेशन हुए हैं और इनका काम-धंधा इंपोर्ट-एक्सपोर्ट लिखा गया है। जीएसटी नंबर देते समय अक्सर जीएसटी अधिकारी प्लेस ऑफ बिजनेस पर फिजिकली वेरीफाई करने भी आता है।

केंद्र सरकार से जांच की मांग

सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि क्या केंद्र सरकार आज इतना गिर गई है कि सिर्फ एक पार्टी को चुनाव हराने के लिए कुछ भी झूठ चलाएगी? उन्हें बस एक महीना ही झूठ चलाना है, उसके आगे जांच तो करनी नहीं है क्योंकि एजेंसियां उन्हीं की हैं। वे एसआईटी बनाते, ईडी केस दर्ज करती, सीबीआई को केस भेजा जाता और गृह मंत्री कहते कि पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है, यह देश के लिए संवेदनशील मामला है। एक महीने तक सनसनीखेज खुलासे किए जाते और भाजपा आम आदमी पार्टी को चुनाव हरा देती। फिर लोग मीडिया में लेख लिखते कि आम आदमी पार्टी के पंजाब हारने के क्या कारण रहे, लेकिन कोई यह नहीं लिखता कि इसका सबसे बड़ा कारण बेईमानी है।

जीएसटी रजिस्ट्रेशन की जांच की मांग

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि इन रजिस्ट्रेशन की पूरी डिटेल, तारीख और आधार वेरिफिकेशन जीएसटी की वेबसाइट पर मौजूद है। आधार कार्ड डालते समय जो ओटीपी मांगा जाता है, वह भी वेरीफाई किया गया है। केंद्र सरकार जवाब दे कि यह क्या षड्यंत्र चल रहा था और जांच करके बताए कि इसमें कौन लोग शामिल हैं? किन सर्वर और कंप्यूटर से रजिस्ट्रेशन की यह एक्सरसाइज चल रही थी और कौन अफसर यहां वेरिफिकेशन करने आए थे? जुलाई 2026 से सितंबर 2026 के बीच सिर्फ दो महीने में ये 58 बिजनेस रजिस्टर हुए हैं। इसकी शिकायत हमने शनिवार, 19 सितंबर को प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर जीएसटी, कमिश्नर ऑफ ट्रेड एंड टैक्सेस और नई दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को दे दी है, लेकिन अभी तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

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