देहरादून। भाजपा की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणी को देवभूमि उत्तराखंड और देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले वीरों के प्रति असम्मानजनक बताया। दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि अजीत डोभाल केवल उत्तराखंड के गौरव ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था में दशकों से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति के योगदान और सार्वजनिक जीवन को लेकर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े व्यक्तित्वों के बारे में बोलते समय भाषा और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
सैनिक परिवारों की भावनाओं का रखा जाए ध्यान
भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की धरती ने देश को बड़ी संख्या में सैनिक, पूर्व सैनिक और सैन्य नेतृत्व दिया है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक काम करने वाले किसी व्यक्ति पर टिप्पणी होने से उत्तराखंड के सैनिक परिवारों और युवाओं की भावनाएं प्रभावित होना स्वाभाविक है।उन्होंने कहा, “पूर्व सैनिकों की भावनाओं को समझने की आवश्यकता है। जिन लोगों ने देश की सुरक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में अपना जीवन लगाया, उनके योगदान पर सवाल उठाने अथवा उनके प्रति असम्मानजनक भाषा का प्रयोग करने से राजनीतिक संवाद का स्तर प्रभावित होता है।”
राहुल गांधी और कांग्रेस से माफी की मांग
दीप्ति रावत भारद्वाज ने राहुल गांधी और कांग्रेस से इस मामले में माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को टिप्पणी से पैदा हुई भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों, उत्तराखंड की जनता और देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन क्या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े व्यक्तित्वों के प्रति राजनीतिक बयानबाजी में भी मर्यादा की सीमाएं समाप्त हो जानी चाहिए?
‘राजनीति मुद्दों और नीतियों पर हो’
दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि उत्तराखंड के लोग अपने वीर सपूतों के सम्मान को लेकर हमेशा सजग रहे हैं। जनरल बिपिन रावत और अजीत डोभाल जैसे व्यक्तित्वों को लेकर होने वाली राजनीतिक बयानबाजी उत्तराखंड की जनता के बीच स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बनती है।उन्होंने कहा कि राजनीति मुद्दों और नीतियों पर होनी चाहिए और देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को व्यक्तिगत राजनीतिक निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपने वीर सपूतों के सम्मान को सर्वोपरि मानती है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान देने वालों के सम्मान की परंपरा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।









