Punjab

पंजाब सरकार का बड़ा कदम, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी में 11 सदस्य नियुक्त

Punjab Health Department : पंजाब सरकार ने राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी (SMHA) में 11 गैर-सरकारी सदस्यों को मनोनीत किया है. इस पहल का उद्देश्य मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के अधिकारों की रक्षा करना और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जवाबदेह बनाना है.

मजबूत स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी. इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, नियमन और सुधार सुनिश्चित करने का काम भी करेगी.पंजाब सरकार की प्रमुख पहल ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के तहत मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति सेवाओं के विस्तार के बीच इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

परिवारों और विशेषज्ञों को मिलेगा प्रतिनिधित्व

स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के नियमन के लिए राज्य की सर्वोच्च वैधानिक संस्था है. यह मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गुणवत्ता और सेवा मानक तय करने, मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों के रजिस्ट्रेशन और सरकार को नीति से जुड़े मामलों में सलाह देने का कार्य करती है.

अथॉरिटी में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और सामाजिक कल्याण विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. वहीं, 11 गैर-सरकारी सदस्य मनोचिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों, मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ताओं, नर्सों, मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों, देखभालकर्ताओं और गैर-सरकारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करेंगे.

जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा बोर्ड भी सक्रिय

राज्य में जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा बोर्ड भी कार्यरत हैं. इनकी अध्यक्षता जिला न्यायाधीश या पात्र न्यायिक अधिकारी करते हैं. ये बोर्ड भर्ती और उपचार संबंधी फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा, शिकायतों के समाधान और अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच करते हैं.

विशेषज्ञों ने बताया महत्वपूर्ण कदम

एसएमएचए के मनोनीत सदस्य और वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. सत्येन शर्मा ने कहा कि अथॉरिटी का गठन पंजाब में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

वहीं, वरिष्ठ मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सतीश के. थापर ने कहा कि पंजाब के सामने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी अपनी चुनौतियां हैं और इनके समाधान के लिए लोगों और समुदायों की जरूरतों के अनुसार काम करने की आवश्यकता है.

स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी की पहली बैठक मनोनीत सदस्यों के साथ आगामी सप्ताह में आयोजित की जाएगी. अथॉरिटी पंजाब में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक समान व्यवस्था तैयार करने और मरीजों की जरूरतों व अधिकारों को ध्यान में रखते हुए सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी.

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