
Yogi Cabinet : उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 21 जुलाई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPKAS) को 20 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह राशि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पहले से प्रावधानित है।
निगम के संचालन को मिलेगा वित्तीय आधार
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन कंपनी अधिनियम-2013 की धारा 8 के तहत गैर-लाभकारी पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में किया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और मानदेय व्यवस्था में एकरूपता और पारदर्शिता लाना है।
सरकार के मुताबिक, निगम अभी शुरुआती चरण में है। इसके प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, आउटसोर्सिंग एजेंसियों से जुड़े सेवा शुल्क और अन्य व्यवस्थाओं को विकसित करने तथा कामकाज सुचारु रूप से शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता की जरूरत थी। इसी को देखते हुए 20 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण देने का फैसला किया गया है।
पांच साल बाद शुरू होगी ऋण अदायगी
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, शुरुआती पांच वर्षों तक निगम पर ऋण चुकाने का दायित्व नहीं रहेगा। इसके बाद निगम अपनी आय से अगले 10 वर्षों तक 2 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की दर से ऋण का भुगतान करेगा।
आउटसोर्स सेवाओं में बढ़ेगी पारदर्शिता
सरकार का दावा है कि UPKAS के मजबूत होने से प्रदेश में आउटसोर्स सेवाओं का संचालन अधिक पारदर्शी, एकरूप और तकनीक आधारित बनाया जा सकेगा। इसका सीधा संबंध विभिन्न सरकारी विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा व्यवस्था को बेहतर बनाने से है।
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