Delhi NCR

अरविंद केजरीवाल ने छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध किया, सरकार से की बातचीत की अपील

Arvind Kejriwa : देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं पर लाठी चार्ज करने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर देश का लाखों युवा जमा है. सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उन पर लाठी चार्ज करवा रही है. ये ठीक नहीं है. मैं सरकार से अपील करता हूं कि ये हमारे ही देश के बच्चे हैं जो न्याय मांगने सड़कों पर उतरे हैं. प्रधानमंत्री जी, अहंकार छोड़िए और इनकी बात सुनिए. इन युवाओं का गुस्सा संभालिए. ये युवा आपका अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे.

पंजाब दौरे पर गए जंतर मंतर पर युवाओं के आंदोलन को लेकर “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कितने ज्यादा लोग इकट्ठे हो गए हैं. पूरा कनॉट प्लेस भर गया है, जनपथ भर गया है और जंतर-मंतर भी भर गया है. पूरे देश भर से हजारों-लाखों की संख्या में युवा आए हुए हैं और सरकार उन पर अपनी पूरी दमन शक्ति का इस्तेमाल कर रही है. पुलिस उन पर लाठीचार्ज कर रही है और उन्हें पीट रही है. वहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है और युवाओं को संसद जाने से रोका जा रहा है. यह बिल्कुल गलत है, युवा आखिर जाएं तो जाएं कहां?

न्याय मांगने सड़क पर उतरे छात्र

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि पहले सरकार इनके पेपर लीक करा देती है, फिर जब पेपर दोबारा होता है तो उसके इवैल्यूएशन में पूरी गड़बड़ी हो जाती है. बच्चे शिकायत पर शिकायत करते हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती. आखिर बच्चे जाएं कहां, सरकार ने तो उनका भविष्य ही बर्बाद कर दिया है. अब जब वे न्याय मांगने के लिए सड़क पर उतरते हैं, तो उन पर लाठीचार्ज करवाया जाता है. यह बिल्कुल सही नहीं है और बच्चों में इसे लेकर बहुत ज्यादा गुस्सा है.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं मोदी जी से कहना चाहता हूं कि आप बच्चों के गुस्से को संभालें, नहीं तो यह आपके लिए बहुत भारी पड़ेगा. बच्चों के साथ बैठकर बात कीजिए, ये हमारे ही देश के बच्चे हैं। सरकार इनके साथ बैठकर बात क्यों नहीं करती, आखिर इतना अहंकार क्यों है?

न्याय मांगने सड़क पर उतरे छात्र

वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो यह सोचते हैं कि किताब मेरी जिंदगी और मेरे परिवार का भविष्य बदल देगी और मैं किताब पढूंगा. बच्चे सुबह 3 बजे का अलार्म लगाकर पढ़ने बैठते हैं. उनकी 14-14 घंटे की सिटिंग होती है, तब जाकर कहीं वे नीट एग्जाम की तैयारी करते हैं. लेकिन परीक्षा से एक-दो दिन पहले पता चलता है कि पेपर तो लीक हो गया. बड़े-बड़े अमीर लोगों ने पेपर खरीद लिया है और अब केवल उन्हीं के बच्चे आगे आएंगे. यह बिल्कुल सही नहीं है. जंतर-मंतर पर हमारे छात्रों का जो प्रदर्शन चल रहा है, मैं उसका पूरा समर्थन करता हूं. हम सब छात्रों के साथ हैं.

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