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भारत में बढ़ रहे सड़क हादसे, खतरे में युवा और कामकाजी वर्ग, सामने आए डराने वाले आंकड़े

Road Accidents In India : भारत में सड़क सुरक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय MoRTH की रिपोर्ट ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं 2023’ में सामने आए आंकड़े बेहद गंभीर हैं. साल 2023 में सड़क हादसों की संख्या 4.2 प्रतिशत बढ़कर 4,80,583 हो गई. इसका मतलब है कि हर घंटे औसतन 55 दुर्घटनाएं और 20 लोगों की मौत दर्ज की गई.

सबसे ज्यादा खतरे में युवा और कामकाजी वर्ग

इस रिपोर्ट में बताया गया कि सड़क हादसों में मरने वालों में सबसे बड़ी संख्या युवाओं की है. कुल मौतों में से 66.4 प्रतिशत पीड़ित 18 से 45 वर्ष की उम्र के थे. वहीं, 18 से 60 वर्ष की उम्र वाले कामकाजी लोगों की हिस्सेदारी 83.4 प्रतिशत रही. इसका मतलब यह है कि जिन पर परिवार और समाज की जिम्मेदारी होती है, वही लोग सबसे ज्यादा हादसों का शिकार हो रहे हैं.

किस रास्ते पर हुए सबसे ज्यादा हादसे

2023 में कुल हादसों में से 31.2 प्रतिशत यानी 1,50,177 दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुईं. राज्य राजमार्गों पर 22 प्रतिशत (1,05,622) और अन्य सड़कों पर 46.8 प्रतिशत (2,24,744) हादसे दर्ज किए गए.
मौतों की बात करें तो 1,72,890 लोगों की जान गई. इनमें से 36.5 प्रतिशत (63,112) मौतें राष्ट्रीय राजमार्गों पर, 22.8 प्रतिशत (39,439) राज्य राजमार्गों पर और 40.7 प्रतिशत (70,339) अन्य सड़कों पर हुईं.

तमिलनाडु में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सबसे ज्यादा हादसे दर्ज किए गए, जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई.

तेज रफ्तार बनी सबसे बड़ा कारण

हादसों के कई कारण बताए गए हैं जैसे मानवीय गलती, सड़क की खराब स्थिति और वाहनों की तकनीकी खराबी. लेकिन सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार को माना गया है. 2023 में हुई कुल मौतों में से 68.1 प्रतिशत जानें ओवरस्पीडिंग की वजह से गईं. यह ट्रैफिक नियमों के पालन में लापरवाही का बड़ा संकेत है.

दोपहिया वाहन सबसे ज्यादा हादसों में शामिल

वाहनों की श्रेणी में देखें तो लगातार तीसरे साल दोपहिया वाहन सबसे ज्यादा दुर्घटनाओं और मौतों में शामिल रहे. बाइक और स्कूटर सबसे खतरनाक साबित हुए. इनके बाद कार, जीप और टैक्सी जैसे हल्के वाहन दूसरे नंबर पर रहे.

हर घंटे 20 लोगों की जान जाना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं बल्कि हजारों परिवारों की जिंदगी उजड़ने की हकीकत है. यह रिपोर्ट साफ दिखाती है कि भारत में सड़क सुरक्षा को लेकर हालात गंभीर होते जा रहे हैं. अगर नियमों को सख्ती से लागू नहीं किया गया और लोग यातायात नियमों का पालन नहीं करेंगे तो आने वाले सालों में यह स्थिति और भयावह हो सकती है.

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