Rajasthan News : राजस्थान के सवाई माधोपुर में राज्य का पहला वेटनरी हॉस्पिटल बनकर तैयार हो गया है। बाघों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बनाया गया यह अस्पताल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। अस्पताल में बाघों सहित अन्य जंगली जीवों के लिए विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
पर्यटकों के लिए प्रसिद्ध है माधोपुर जिला
माधोपुर जिला राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां सालभर पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। रणथंभौर में बाघों और वन्यजीवों को खुले में घूमते देखना पर्यटकों को पसंद आता है। जिले की स्थापना 18वीं शताब्दी में महाराजा सवाई सिंह प्रथम ने की थी।
24 घंटे में मिलेगी जांच रिपोर्ट
पहले वन्यजीवों का सैंपल इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजा जाता था इससे रिपोर्ट आने में महीनों लग जाते थे, और केवल एक ही वेटनरी डॉक्टर होता था और इलाज सुविधा भी सीमित थी। अब अस्पताल के बन जाने से 24 घंटे में ही रिपोर्ट मिल सकेगी, उपचार व्यवस्था में सुधार होगा।
साथ ही पोस्टमार्टम से अन्य बीमारियों का भी पता चल सकेगा। वन विभाग ने बताया कि लगभग 30 लाख रुपए की लागत से जोन नं 6 में राजबाग वन चौकी के पास अस्पताल भवन का निर्माण किया जाएगा। अस्पताल में फारेंसिक परीक्षण के लिए आधुनिक लैब भी बनाई जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने रणथंभौर के लिए करीब 4 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया है। इस बजट से आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। अस्पताल एक्स रे मशीन, ट्रीटमेंट यूनिट, पोस्टमार्टम कक्ष, वेटनरी डॉक्टर कक्ष जैसी सुविधाओं से युक्त होगा। साथ ही छोटे वन्यजीवों के लिए पिंजरे की भी व्यवस्था होगी। इससे बाघ, तेंदुआ, भालू जैसे जीवों को तुरंत इलाज मिल सकेगा।
अस्पताल में दो बाड़े भी तैयार किए गए हैं। उपचार के दौरान निगरानी के लिए वन्यजीवो को यहां रखा जा सकेगा। पहले इलाज के बाद जीवों को जंगल में छोड़ दिया जाता था, इससे बार-बार बेहोश होने का खतरा बना रहता था। अब यह समस्या दूर हो जाएगी। वन विभाग के अनुसार, वेटनरी अस्पताल, वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
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