Punjab News : सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है कि आर्थिक कठिनाइयां किसी भी अनुसूचित जाति के विद्यार्थी की उच्च शिक्षा की राह में बाधा न बनें.
वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों की जानकारी साझा करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग 2.70 लाख अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके लिए लगभग 245 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय प्रस्तावित किया गया है, उन्होंने कहा कि यह कदम अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के शैक्षणिक सशक्तिकरण और उन्हें उच्च शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने के प्रति पंजाब सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों में 40% की वृद्धि
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को पूरी पारदर्शिता और समर्पण के साथ लागू किया जा रहा है. इसके परिणामस्वरूप आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं.
योजना की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि वर्ष 2020-21 की तुलना में वर्ष 2025-26 में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. यह योजना की बढ़ती पहुंच और पात्र विद्यार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का प्रमाण है.
10 हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए 30 जनवरी, 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में एक विशेष जागरूकता समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया, उन्होंने कहा कि इस समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों को योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाना और उन्हें इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना था.
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए इस योजना को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से ऑनलाइन लागू किया गया है. आवेदन प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध करवाने, तकनीकी समस्याओं का समाधान करने और योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, उन्होंने अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों को भी निर्देश दिए हैं कि वे पात्र विद्यार्थियों को पूरा सहयोग प्रदान करें, ताकि कोई भी विद्यार्थी जानकारी के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न रहे.
शिक्षा से सशक्तिकरण का लक्ष्य
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना ही नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर, सशक्त और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है, उन्होंने कहा कि शिक्षा के अवसरों का विस्तार करके ही युवाओं की प्रतिभा और क्षमता को सही दिशा दी जा सकती है तथा समानता और खुशहाली पर आधारित पंजाब की नींव को मजबूत बनाया जा सकता है.
मंत्री ने कहा कि शिक्षा सामाजिक समानता, आर्थिक प्रगति और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावशाली माध्यम है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं की उम्मीदों और सपनों को साकार करने के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि एक खुशहाल, प्रगतिशील और ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण का सपना पूरा किया जा सके.
डॉ. बलजीत कौर ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पूरी लगन और मेहनत से प्रयास करें तथा पंजाब की तरक्की में अपना योगदान दें. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार प्रत्येक पात्र विद्यार्थी के साथ खड़ी है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आर्थिक कमजोरी किसी भी विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य की राह में बाधा न बने.
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