
New Delhi : आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषम पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। जवाब देने की पहली कोशिश में ही विपक्ष ने हंगामा करना शुरु कर दिया। जिसके बाद पीएम मोदी ने अध्यक्ष से कहा कि, “मेरा कहना है कि खरगे जी को बैठकर नारेबाजी करने की अनुमति दी जाए।” प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी सांसदों पर चुटकी लेते हुए कहा, “जो लोग थक गए हैं और चले गए, उन्हें एक दिन जवाब देना ही पड़ेगा कि उन्होंने देश की ऐसी हालत क्यों बना दी थी, कि दुनिया का कोई देश आपसे डील नहीं करता था।”
विकसित भारत की दिशा में तेज गति से बढ़ रहे हैं हम
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास की दिशा पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “अब हम न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है। हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करके ही सांस लेनी है। पिछले वर्ष भारत के तेज़ विकास का साल रहा है। समाज के हर वर्ग में बदलाव का एक नया दौर आया है।”
भारत अब दुनिया को समाधान दे रहा है
प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज भारत मेजर इकोनॉमी में शामिल है और देश हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कोविड के बाद की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया एक नए ग्लोबल वर्ल्ड ऑर्डर की ओर बढ़ रही है, और भारत अब उसकी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
कांग्रेस पर निशाना, TMC और घुसपैठियों का मुद्दा उठाया
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, “इनकी नीतियों ने भारत को 6 नंबर की इकोनॉमी से 11वें नंबर तक पहुंचा दिया। अब हम 3 नंबर पर आ रहे हैं।” उन्होंने टीएमसी के नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि घुसपैठियों को बचाने वालों को देश कभी माफ नहीं करेगा।
PSU और बैंकिंग सुधारों की ओर भारत की यात्रा
प्रधानमंत्री ने PSU (पब्लिक सेक्टर यूनिट्स) और बैंकिंग सेक्टर में किए गए सुधारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज भारत के PSU और बैंक उच्चतम मुनाफे पर हैं। “हमने बैंकिंग क्षेत्र में कई सुधार किए हैं, जिससे सामान्य लोगों को अब लोन मिलना शुरू हो गया है और NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) 1% से भी नीचे चला गया है।”
पारदर्शिता और प्रगति की दिशा में किए गए कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “प्रगति” के तहत पिछले साल 85 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को गति दी गई। उन्होंने कांग्रेस के शासन के दौरान रुके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का उल्लेख किया।
भ्रष्टाचार और शासन के बीच अंतर
प्रधानमंत्री ने देश में इंदिरा गांधी के शासन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके पिताजी ने 35 करोड़ समस्याओं का सामना किया था, जो उस समय देश की जनसंख्या के बराबर थी। आज भारत की जनसंख्या 57 करोड़ है, जिससे समस्याओं की संख्या भी बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद देश की दिशा सकारात्मक हो रही है।
निष्कर्ष: एक नए भारत की दिशा में बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और दुनिया के मंचों पर अपनी महत्ता को साबित कर रहा है। देश की चुनौतियों का सामना करते हुए भारत को एक सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
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