Agriculture News : उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. महक सिंह ने किसानों के लिए खेती को आसान और फायदेमंद बनाने के कुछ जरूरी और वैज्ञानिक तरीके बताए हैं. उनका कहना है कि खेती में बड़ी तकनीक से ज्यादा जरूरी छोटे-छोटे सही कदम हैं, जिन्हें अपनाकर किसान अपनी पैदावार बढ़ा सकते हैं और फसल को कीट तथा बीमारियों से बचा सकते हैं.
डॉ. महक सिंह के अनुसार, ज्यादातर किसान बुवाई के समय इस बात पर ध्यान नहीं देते कि पौधे किस तरह लगाए जा रहे हैं, लेकिन यही सबसे अहम स्टेप है. अगर किसान पौधों को एक सीधी लाइन में लगाते हैं, तो हर पौधे को बराबर धूप, पानी और पोषक तत्व मिलते हैं. इससे पौधे मजबूत होते हैं और उनकी ग्रोथ एक समान होती है.
उदाहरण के लिए गेहूं में लगभग 20-22 सेंटीमीटर
हर फसल के लिए पौधों के बीच सही दूरी रखना जरूरी है. उदाहरण के लिए गेहूं में लगभग 20-22 सेंटीमीटर, धान में 15-20 सेंटीमीटर और सब्जियों में 30-60 सेंटीमीटर की दूरी रखें. पौधे अगर बहुत पास लगाए जाएँ तो हवा का प्रवाह कम होता है और फंगल रोग व कीट तेजी से फैल सकते हैं. सही दूरी रखने से पौधों को फैलने की जगह मिलती है और उत्पादन बेहतर होता है.
संतुलित खाद और मिट्टी की जांच
कई किसान ज्यादा उत्पादन की चाह में जरूरत से ज्यादा खाद डाल देते हैं, जो गलत है. डॉ. सिंह का कहना है कि पहले मिट्टी की जांच करानी चाहिए और उसी के आधार पर खाद का इस्तेमाल करना चाहिए. संतुलित उर्वरक देने से फसल को सही पोषण मिलता है और मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है.
सिंचाई और बीज का सही इस्तेमाल
डॉ. सिंह ने कहा, “न ज्यादा पानी, न कम फसल की जरूरत के हिसाब से सिंचाई करें.” जरूरत से ज्यादा पानी देने से जड़ें खराब हो सकती हैं और कम पानी देने से पौधे कमजोर रह जाते हैं. इसके साथ ही उन्होंने प्रमाणित और रोगमुक्त बीज इस्तेमाल करने की सलाह दी. उनका कहना है कि अगर शुरुआत अच्छी होगी तो फसल का रिजल्ट भी अच्छा मिलेगा.
खेत की निगरानी और जैविक उपाय
डॉ. महक सिंह ने बताया कि खेत की नियमित निगरानी जरूरी है. समय रहते कीट या बीमारी के लक्षण दिख जाएँ तो उन्हें शुरुआती स्तर पर रोका जा सकता है, उन्होंने जैविक उपाय अपनाने पर जोर दिया, जैसे नीम आधारित कीटनाशक, फसल चक्र और खेत की साफ-सफाई. इससे फसल सुरक्षित रहती है और खेती की लागत भी कम होती है.
डॉ. महक सिंह का कहना है कि अगर किसान लाइन में बुवाई, सही दूरी, संतुलित खाद और समय पर देखभाल जैसे आसान नियम अपनाएँ तो पैदावार में 20-30 फीसदी तक बढ़ोतरी संभव है. वैज्ञानिक तरीके से की गई खेती किसानों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन सकती है.
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