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पंजाब में नशे के खिलाफ 60 दिन का विशेष अभियान, 435 ड्रग हॉटस्पॉट पर कार्रवाई की तैयारी

Punjab Anti-Drug Campaign : पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत 60 दिन का विशेष एक्शन प्लान शुरू किया है। इस रणनीति में केवल नशा बेचने वालों की गिरफ्तारी तक सीमित रहने के बजाय ड्रग्स की सप्लाई चेन और उससे जुड़े नेटवर्क को निशाना बनाने पर जोर दिया गया है। अभियान के तहत राज्य के 435 ड्रग हॉटस्पॉट पर कार्रवाई करने की योजना है। इसके साथ ही प्रशासनिक समन्वय, दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक और गांवों में निगरानी मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

435 ड्रग हॉटस्पॉट पर फोकस, नेटवर्क तोड़ने की रणनीति

इस विशेष अभियान के केंद्र में राज्य के 435 चिह्नित ड्रग हॉटस्पॉट हैं। पुलिस की रणनीति में नशे की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क, सप्लाई चेन और अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक तंत्र पर कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत जिलों को अपने-अपने क्षेत्र के हॉटस्पॉट की पहचान, वहां की स्थिति और कार्रवाई की प्रगति के आधार पर विस्तृत योजनाएं तैयार करने को कहा गया है।

केवल गिरफ्तारियां नहीं, सप्लाई चेन पर भी कार्रवाई

नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पंजाब पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। इसका उद्देश्य केवल छोटे स्तर पर नशा बेचने वालों को पकड़ना नहीं, बल्कि उन नेटवर्क तक पहुंचना है जिनके जरिए नशीले पदार्थों की आपूर्ति होती है। इस रणनीति में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा

अभियान की प्रगति और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 16 अक्टूबर को पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर में बैठक बुलाई थी। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक सचिवों और जिला उपायुक्तों को शामिल होना था। जिलों को ड्रग हॉटस्पॉट की जानकारी, वहां की कार्रवाई, पिछले दो सप्ताह की प्रगति और सामने आ रही चुनौतियों का ब्योरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

बैठक के एजेंडे में गांव और वार्ड स्तर की रक्षा समितियों के कामकाज, ई-रिक्शा अभियान तथा नशे की रोकथाम, जागरूकता, पुनर्वास और युवाओं की भागीदारी जैसे विषय भी शामिल थे। सरकार का जोर पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाकर अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने पर है।

20.64 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त, 520 केमिस्टों के लाइसेंस निलंबित

नशे के लिए दवाओं के दुरुपयोग और दवा कानूनों के उल्लंघन पर भी पंजाब सरकार ने कार्रवाई की है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2026 के बीच फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के ड्रग्स विंग ने 16,788 निरीक्षण किए। इस दौरान 214 लाइसेंस प्राप्त और बिना लाइसेंस वाली फर्मों से 20.64 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की गईं।

इसी अवधि में नियमों के उल्लंघन के मामलों में 520 केमिस्टों के लाइसेंस निलंबित और 22 के लाइसेंस रद्द किए गए। अधिकारियों ने 54 मामले अदालतों में भी दायर किए, जिनमें 35 मामलों में दोषसिद्धि और जुर्माना हुआ। ये आंकड़े दवा कानूनों के उल्लंघन पर की गई कार्रवाई को दर्शाते हैं; इन्हें 60 दिन के नए हॉटस्पॉट अभियान के नतीजों से अलग समझना चाहिए।

गांवों और वार्डों की भागीदारी पर भी जोर

नशे के खिलाफ कार्रवाई को केवल पुलिस तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय स्तर पर निगरानी और जनभागीदारी बढ़ाने की भी योजना है। गांव और वार्ड रक्षा समितियों के कामकाज की समीक्षा इसी दिशा का हिस्सा है। इसके साथ ही जागरूकता कार्यक्रमों, नशे की रोकथाम, पुनर्वास और युवाओं को अभियान से जोड़ने पर ध्यान दिया जा रहा है।

अभियान की सफलता कार्रवाई के नतीजों से तय होगी

पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए 60 दिन का यह विशेष एक्शन प्लान पुलिस कार्रवाई, प्रशासनिक समन्वय और स्थानीय भागीदारी को एक साथ जोड़ने की कोशिश है। 435 हॉटस्पॉट पर बनाई गई योजनाओं और सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। हालांकि, अभियान की वास्तविक सफलता का आकलन आगे मिलने वाले सत्यापित आंकड़ों से ही किया जा सकेगा—जैसे नशे की आपूर्ति में कमी, नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई और रोकथाम व पुनर्वास के प्रयासों के परिणाम।

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