कोरोना संक्रमण की नियंत्रित स्थिति के बाद भी एग्रेसिव टेस्टिंग रखी जाए जारी: CM योगी

लखनऊ: कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि लगातार कोशिशों से उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर की स्थिति नियंत्रण में है। जनपद श्रावस्ती में आज एक भी संक्रमित मरीज नहीं है। अब तक कोरोना संक्रमित हुए सभी मरीज उपचारित होकर स्वस्थ हो चुके हैं। इस उपलब्धि का श्रेय जनपद के जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों, निगरानी समितियों, स्थानीय प्रशासन सहित सभी जनपदवासियों को है। सभी को बधाई। संयम और जागरूकता का यह क्रम सतत बना रहे।
कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश
-जनपद श्रावस्ती की यह उपलब्धि अन्य जनपदों के लिए प्रेरणास्पद है। अगले एक सप्ताह तक अगर जिले में संक्रमण का कोई नया केस नहीं मिलता है, तो जनपद को पुरस्कृत किया जाएगा। जिले में एग्रेसिव टेस्टिंग जारी रखी जाए। टेस्ट में कोई कमी न हो। विगत 24 घंटे में प्रदेश में 120 नए मरीजों की पुष्टि हुई है, जबकि 191 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। 30 अप्रैल के बाद से एक्टिव केस में लगातार गिरावट हो रही है और वर्तमान में 1,947 एक्टिव केस हैं। प्रदेश में कोरोना की रिकवरी दर और बेहतर होकर 98.6% हो गई है। अब तक 16 लाख 82 हजार से अधिक प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं।
-बीते 24 घंटे 2,57,857 कोविड सैम्पल की जांच की गई और पॉजिटिविटी दर 0.04% से कम रही। प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 95 लाख 89 हजार से अधिक टेस्ट हो चुके हैं। यह देश में किसी एक राज्य द्वारा की गई सर्वाधिक कोविड टेस्टिंग है। कोरोना संक्रमण की नियंत्रित स्थिति के बाद भी एग्रेसिव टेस्टिंग जारी रखी जाए। विगत 24 घंटे में 10 लाख से अधिक प्रदेशवासियों ने टीका-कवर प्राप्त किया। वर्तमान में टीकाकरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। अब तक 03 करोड़ 45 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। टीकाकरण की सुगमता के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग को प्रोत्साहित किया जाना उचित होगा। गांवों में कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से लोग टीकाकरण के लिए पंजीयन करा सकते हैं। इस निःशुल्क व्यवस्था के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए।
-कोविड वैरिएंट की पहचान के लिए गहन अध्ययन-परीक्षण का कार्य तेजी के साथ जारी रखा जाए। यदि कहीं डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हो तो संबंधित संक्रमित की गहन कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कराई जाए। अन्य सभी जरूरी एहतियात भी बरते जाएं। कोविड की विभीषिका के बीच जरूरतमंदों के लिए राशन और भोजन के पर्याप्त प्रबंध किए जाएं। राशन कार्ड के अभाव मात्र से कोई जरूरतमंद राशन से वंचित न रहे। उत्तर प्रदेश में नेशनल राशन पोर्टिबिलिटी लागू है। ऐसे में यूपी का नागरिक किसी अन्य राज्य में, अथवा किसी अन्य राज्य का नागरिक उत्तर प्रदेश में निर्बाध रूप से राशन प्राप्त कर सकता है।
-दिव्यांग जन से जुड़ी हुई सभी शासकीय, निजी, ट्रस्ट, एनजीओ आदि के माध्यम से संचालित संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए। जनपद के प्रभारी मंत्री, विभागीय अधिकारी यहां की व्यवस्थाओं की परख करें, निवासरत बच्चों, किशोरों से संवाद करें। उनकी समस्याओं/जरूरतों/अपेक्षाओं के बारे में जानकारी लें। मूक/बघिर अथवा अन्य दिव्यांग बच्चों के शिक्षा-दीक्षा के इंतजामों की पड़ताल की जाए। इन संस्थानों में निवासरत बालिकाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। निरीक्षण के उपरांत विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। रिपोर्ट- विक्रम सिंह राठौर