फिनलैंड के बॉडर पर रूसी बॉम्बर को देखा गया, क्या न्यूक्लियर अटैक की तैयारी कर रहे पुतिन?

बता दें कि रुस और यूक्रेन का युध्द पिछले कुछ महीनों से लगातार जारी है और अभी तक किसी अंजाम तक नहीं पहुंचा हैं। और इसी के चलते रूस के राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे भी चुके हैं। तो सवाल ये उठता है कि क्या सच में रूस इस तरह का कोई हमला करना चाहता है। ऐसा इसलिए इजरायली खुफिया फर्म इमेजसैट इंटरनेशन (ISI) ने फिनलैंड के बॉर्डर के करीब रूसी बमवर्षकों को देखा गया है। हालांकि यूक्रेन के कुछ इलाकों को रूस ने अपने साथ मिलाने की घोषणा कर दी है। सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए 21 अगस्त को चार TU-160 और 25 सितंबर को TU-95 का पता चला था। 12 अगस्त को एयरबेस पर कोई भी बॉम्बर मौजूद नहीं था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पैटर्न से पता चलता है कि ओलेन्या एयरबेस पर मौजूद बमवर्षक एंगेल्स एयर बेस से उड़ान भर सकते हैं। एंगेल्स एयर बेस यूक्रेन के पास रूस का एकमात्र बमवर्षक केंद्र है। क्रूज मिसाइलों और स्ट्रैटेजिक न्यूक्लियर हथियारों को ले जाने में सक्षम बॉम्बर फरवरी में युद्ध की शुरुआत के बाद से ही एक्टिव हैं। यूक्रेन के युद्ध में रूसी एयरफोर्स ने कई विमान खो दिए हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात है कि ये बमवर्षक परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर एयरबेस पर बॉम्बर क्यों मौजूद हैं। लेकिन ये एक ऐसे समय में देखे गए हैं।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की दी थी धमकी

जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन लगातार पश्चिमी देशों को न्यूक्लियर बम की धमकी देते रहे हैं। ओलेन्या एयरबेस मरमंस्क के पास कोला प्रायद्वीप पर मौजूद है। रूस और अमेरिका के बीच एक समझौते के तहत रूस ने 2020 में बताया था कि उसने 1,447 रणनीतिक वारहेड्स तैनात कर रखे हैं। उसके पास 1,550 से ज्यादा वॉरहेड्स तैनात करने की क्षमता है। रूस के लिए ये एक महत्वपूर्ण एयरबेस है, जिसके पास बड़े पैमाने पर हमला करने की क्षमता है। रूस इसके जरिए अमेरिका और नाटो को संदेश भेजना चाहता है।

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