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	<title>Uttarakhand News Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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	<description>Hindi Khabar: Latest News Breaking News, हिंदी खबर चैनल, Hindi Khabar Live,Hindi News</description>
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	<title>Uttarakhand News Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>रेत के ढेर में दबी जिंदगी, डंपर लोडिंग के दौरान मजदूर की दर्दनाक मौत</title>
		<link>https://hindikhabar.com/sand-buried-labourer-dies-dumper-loading-accident-lalkuan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Jul 2026 12:18:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Construction Site Accident]]></category>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand News : उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां दो वक्त की रोटी कमाने के लिए घर से निकला एक मजदूर लापरवाही का शिकार हो गया। डंपर पर रेत लोडिंग के दौरान हुए हादसे में वह भारी मात्रा में रेत के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Uttarakhand News : </strong>उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां दो वक्त की रोटी कमाने के लिए घर से निकला एक मजदूर लापरवाही का शिकार हो गया। डंपर पर रेत लोडिंग के दौरान हुए हादसे में वह भारी मात्रा में रेत के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>डंपर पर कट्टे लगा रहा था, </strong><strong>तभी हुआ हादसा</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">जानकारी के अनुसार लालकुआं निवासी 30 वर्षीय पवन सिंह रविवार को रोज की तरह मजदूरी करने पहुंचा था। वह डंपर से रेत गिरने से रोकने के लिए उसके किनारों पर कट्टे लगा रहा था। इसी दौरान जेसीबी चालक ने बिना यह सुनिश्चित किए कि डंपर पर कोई मौजूद है या नहीं, रेत डालना शुरू कर दिया। देखते ही देखते पवन रेत के ढेर में दब गया और कुछ ही मिनटों में पूरा डंपर भर गया।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>रेत के नीचे दबकर टूट गई जिंदगी की डोर</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">बताया जा रहा है कि पवन ने खुद को बचाने की काफी कोशिश की होगी, लेकिन बरसात के कारण नम और भारी रेत के नीचे दबने से वह बाहर नहीं निकल सका। जब तक लोगों को हादसे की जानकारी हुई, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>&#8216;</strong><strong>अगर समय रहते देख लिया होता तो बच सकती थी जान&#8217;</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि यदि डंपर को लोड करने से पहले एक बार अंदर देख लिया जाता या चालक यह सुनिश्चित कर लेता कि कोई व्यक्ति वाहन पर नहीं है, तो शायद पवन की जान बचाई जा सकती थी। घटना ने मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>रेत हटाते समय दिखा हाथ, </strong><strong>मजदूरों में मच गया हड़कंप</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">चौफुला-कठघरिया मार्ग पर काम कर रहे मजदूरों ने जब डंपर से रेत उतारनी शुरू की तो कुछ फावड़े चलने के बाद रेत के भीतर से एक हाथ दिखाई दिया। यह देखकर वहां मौजूद मजदूर घबरा गए और चीखते हुए पीछे हट गए। इसके बाद घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>लापरवाही की आशंका, </strong><strong>जांच की मांग</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">घटना के बाद स्थानीय लोगों और मजदूरों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। अब सभी की नजर जांच और जिम्मेदार लोगों पर होने वाली कार्रवाई पर है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें &#8211; </strong><a href="http://राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, जांच के लिए नई SIT गठित">राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, जांच के लिए नई SIT गठित</a></p>



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		<item>
		<title>कारगिल विजय दिवस पर सीएम धामी ने शहीदों को किया नमन, वीरता सम्मान राशि बढ़ाने का ऐलान, कांग्रेस ने नहीं मनाया कारगिल दिवस</title>
		<link>https://hindikhabar.com/kargil-vijay-diwas-cm-dhami-pays-tribute-announces-increase-in-veerata-award-amount-congress-remark/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Jul 2026 11:30:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[Dehradun]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[Kargil Diwas]]></category>
		<category><![CDATA[Kargil Vijay Diwas]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[pushkar singh dhami]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand News]]></category>
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					<description><![CDATA[Kargil Vijay Diwas : कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर उत्तराखंड में रविवार को शौर्य दिवस मनाया गया। देहरादून के गांधी पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 1999 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Kargil Vijay Diwas :</strong> कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर उत्तराखंड में रविवार को शौर्य दिवस मनाया गया। देहरादून के गांधी पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध में देश के 527 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था, जिनमें 75 सैनिक उत्तराखंड के थे। उन्होंने कहा कि देवभूमि के युवाओं के लिए सेना में जाना केवल नौकरी नहीं, बल्कि देश सेवा का गौरव है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">परमवीर चक्र विजेताओं की सम्मान राशि बढ़ाने का ऐलान</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली सम्मान राशि को 1.5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किया जाएगा। इसके अलावा सैन्य धाम का लोकार्पण जल्द किए जाने की बात भी कही।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सेना के सम्मान को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सीएम धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 2004 से 2009 के बीच कारगिल विजय दिवस का आयोजन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सेना के शौर्य और बलिदान को हमेशा सम्मान मिलना चाहिए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना का आत्मविश्वास बढ़ा है। सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब अपनी सुरक्षा को लेकर पहले से ज्यादा मजबूत और निर्णायक है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सीमांत क्षेत्रों के विकास पर जोर</h3>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में पहला अग्निवीर रोजगार सेल बनाने का फैसला लिया गया है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही पूर्व सैनिकों और होम स्टे योजना से जुड़ी मांगों पर भी सरकार काम कर रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें कि हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1999 में करीब 60 दिनों तक चले कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत दुश्मनों को खदेड़कर रणनीतिक चोटियों पर दोबारा तिरंगा फहराया था। यह दिन भारतीय सेना के साहस, शौर्य और शहीद जवानों के बलिदान की याद में मनाया जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/e20-fuel-controversy-taxi-union-protest-parliament-gherao-preparation-august-4/">E20 Fuel पर छिड़ा बवाल, बड़े आंदोलन की तैयारी में टैक्सी यूनियन, 4 अगस्त को संसद घेरने की तैयारी</a></p>



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		<item>
		<title>उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण अंतिम चरण में, 99% फार्म का डिजिटाइजेशन पूरा, कट सकते हैं नाम</title>
		<link>https://hindikhabar.com/uttarakhand-voter-list-revision-99-percent-forms-digitised-names-may-be-deleted/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:50:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
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		<category><![CDATA[Uttarakhand SIR]]></category>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand News : उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। निर्वाचन विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक लगभग 99 प्रतिशत गणना फार्म का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों से सभी मतदान केंद्रों पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Uttarakhand News :</strong> उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। निर्वाचन विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक लगभग 99 प्रतिशत गणना फार्म का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों से सभी मतदान केंद्रों पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की गई है, ताकि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जा सके।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि एक जुलाई 2026 को आधार तिथि मानते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 8 जून से 7 जुलाई तक गणना प्रपत्रों का वितरण और उनका डिजिटाइजेशन किया गया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कुल मतदाताओं का उपलब्ध डेटा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 79,60,762 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से 71,16,650 मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त होकर डिजिटाइज किए जा चुके हैं। वहीं, कुल 79,57,670 मतदाताओं का उपलब्ध डेटा और संबंधित प्रपत्र भी डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल कर लिए गए हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं नाम</h3>



<p class="wp-block-paragraph">निर्वाचन विभाग के अनुसार, अभी 8,41,020 मतदाता ऐसे हैं जिनके गणना प्रपत्र वापस नहीं मिले हैं। इन सभी मामलों की नियमानुसार जांच की जाएगी। यदि निर्धारित प्रक्रिया के दौरान आवश्यक दस्तावेज या जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, तो ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची</h3>



<p class="wp-block-paragraph">अभियान के अगले चरण में 7 जुलाई से नए मतदान केंद्रों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद 14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">23,102 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बीएलए की नियुक्ति को लेकर भी निर्वाचन विभाग ने जानकारी दी। राज्य के 11,733 मतदान केंद्रों के मुकाबले अब तक विभिन्न राजनीतिक दलों ने कुल 23,102 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के 11,504, कांग्रेस के 11,105, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 378 और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 115 बीएलए शामिल हैं। आम आदमी पार्टी ने अब तक किसी भी मतदान केंद्र पर बीएलए नियुक्त नहीं किया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">निर्वाचन विभाग ने सभी राजनीतिक दलों से शेष बूथों पर भी जल्द से जल्द बीएलए नियुक्त करने की अपील की है, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मामलों की नियमानुसार की जाएगी समीक्षा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र अब तक वापस नहीं आए हैं, उनमें सबसे अधिक संख्या देहरादून जिले की है। यहां 1,90,815 प्रपत्र लंबित हैं, जो जिले के कुल मतदाताओं का 13 प्रतिशत से अधिक है। इसके अलावा ऊधम सिंह नगर में 1,82,162, हरिद्वार में 1,31,047 और नैनीताल में 72,083 मतदाताओं के गणना प्रपत्र अब तक जमा नहीं हुए हैं। इन मामलों की भी नियमानुसार समीक्षा की जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/trump-death-threat-at-khamenei-funeral-in-iran/">ईरान में ट्रंप को लेकर भड़की भीड़, अंतिम संस्कार में खुलेआम दी गई जान से मारने की धमकी</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>मानसून अलर्ट पर उत्तराखंड, कंट्रोल रूम से CM धामी ने परखी राहत-बचाव की तैयारी, आपदा से निपटने की मेगा रिहर्सल</title>
		<link>https://hindikhabar.com/uttarakhand-monsoon-alert-cm-dhami-monitored-control-room-disaster-preparedness-mega-rehearsal-rescue-drill/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:11:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[मौसम]]></category>
		<category><![CDATA[disaster management]]></category>
		<category><![CDATA[Heavy rain]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
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		<category><![CDATA[mock drill]]></category>
		<category><![CDATA[monsoon alert]]></category>
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		<category><![CDATA[Uttarakhand News]]></category>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand Monsoon : मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड में आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। गुरुवार को प्रदेश के सभी 13 जिलों में 60 से अधिक संवेदनशील स्थानों पर बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने और सड़क बाधित होने जैसी काल्पनिक परिस्थितियां बनाकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Uttarakhand Monsoon : </strong>मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड में आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। गुरुवार को प्रदेश के सभी 13 जिलों में 60 से अधिक संवेदनशील स्थानों पर बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने और सड़क बाधित होने जैसी काल्पनिक परिस्थितियां बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की जानकारी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के कंट्रोल रूम से पूरी मॉक ड्रिल की निगरानी की। उन्होंने आपदा प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में सभी विभाग तुरंत समन्वय के साथ तेज कार्रवाई करें।</p>



<h3 class="wp-block-heading">जान-माल की सुरक्षा पहली प्राथमिकता</h3>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति के कारण मानसून में भूस्खलन, बादल फटना और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा रहता है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता लोगों की जान-माल की सुरक्षा है। उन्होंने बताया कि पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार रणनीति तैयार की गई है और मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को समय पर अलर्ट भेजे जाएंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास</h3>



<p class="wp-block-paragraph">मॉक ड्रिल के दौरान अलग-अलग जिलों में कई काल्पनिक घटनाएं तैयार की गईं। लंबीधार-किमाड़ी मार्ग पर भूस्खलन से बस दबने और वाहन खाई में गिरने की स्थिति बनाकर रेस्क्यू अभ्यास किया गया, जिसमें एसडीआरएफ और पुलिस टीमों ने 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मेडिकल सहायता देने का हुआ अभ्यास</h3>



<p class="wp-block-paragraph">चकराता-त्यूनी मार्ग पर भूस्खलन के कारण सड़क बंद होने और वाहनों के फंसने की स्थिति में राहत कार्यों का अभ्यास किया गया। वहीं ऋषिकेश के गौहरी माफी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बनाकर लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविर लगाने और मेडिकल सहायता देने का अभ्यास हुआ।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हरिद्वार, बागेश्वर और उत्तरकाशी जैसे जिलों में भी बाढ़, भूस्खलन और मकान ढहने जैसी परिस्थितियों पर रेस्क्यू ड्रिल की गई। इसमें एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन और अन्य विभागों ने मिलकर राहत कार्यों का अभ्यास किया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">राहत कार्यों को और अधिक तेज एंव प्रभावी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पूरे अभ्यास के दौरान जिला नियंत्रण कक्षों से हर गतिविधि की निगरानी की गई और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय व प्रतिक्रिया समय का मूल्यांकन किया गया, ताकि वास्तविक आपदा के समय राहत कार्यों को और अधिक तेज और प्रभावी बनाया जा सके।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/e20-fuel-vs-public-mileage-drop-30-percent-claim-what-is-the-truth-matter/">E20 बनाम आम जनता: माइलेज 30% तक कम होने का दावा, आखिर क्या है माजरा</a></p>



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		<item>
		<title>पंजाब से देहरादून निहंग सिखों का कूच, कर्णप्रयाग विवाद के बाद सुरक्षा कड़ी, बॉर्डर पर भारी फोर्स तैनात</title>
		<link>https://hindikhabar.com/punjab-to-dehradun-nihang-singh-march-karnprayag-clash-security-tightened-border-alert/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2026 11:49:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[Dehradun Update]]></category>
		<category><![CDATA[Hemkund Sahib]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
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		<category><![CDATA[Law and order]]></category>
		<category><![CDATA[Nihang Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab Nihang Sikhs March]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand News]]></category>
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					<description><![CDATA[Punjab Nihang Sikhs March : पंजाब और चंडीगढ़ के मोहाली से 150 से ज्यादा निहंग सिखों का जत्था उत्तराखंड के देहरादून की ओर रवाना हो गया है। जानकारी के मुताबिक यह जत्था शाम तक राज्य सीमा तक पहुंच सकता है। रवाना होने से पहले मोहाली के सोहना गुरुद्वारे में एक बैठक भी हुई, जिसमें आगे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Punjab Nihang Sikhs March :</strong> पंजाब और चंडीगढ़ के मोहाली से 150 से ज्यादा निहंग सिखों का जत्था उत्तराखंड के देहरादून की ओर रवाना हो गया है। जानकारी के मुताबिक यह जत्था शाम तक राज्य सीमा तक पहुंच सकता है। रवाना होने से पहले मोहाली के सोहना गुरुद्वारे में एक बैठक भी हुई, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कर्णप्रयाग घटना से नाराजगी, साथी को वापस लाने का दावा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">निहंग सिखों ने कहा है कि वे कर्णप्रयाग में हुई घटना से आहत हैं और अपने एक साथी को वापस लेने के उद्देश्य से उत्तराखंड जा रहे हैं। उनका कहना है कि यात्रा के दौरान वे गुरुद्वारों की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के साथ व्यवहार का भी निरीक्षण करेंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी, ITBP और PAC तैनात</h3>



<p class="wp-block-paragraph">स्थिति को देखते हुए हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। ITBP, PAC और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है। खासतौर पर सिख पुलिसकर्मियों को आगे की सुरक्षा जिम्मेदारी दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">हेमकुंड साहिब यात्रा और गुरुद्वारों का निरीक्षण</h3>



<p class="wp-block-paragraph">रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में पहले ही पंजाब से आए निहंगों ने जानकारी दी थी कि उनका जत्था 25 जून को उत्तराखंड पहुंचेगा। इसके बाद वे चमोली और रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारों का दौरा करेंगे और व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद हेमकुंड साहिब की ओर रवाना होंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">प्रशासन और सरकार की नजर, सीएम धामी ने दिए निर्देश</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तराखंड सरकार ने मामले पर सतर्कता बरतते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर श्रद्धालु का सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन, सिख प्रतिनिधियों और निहंगों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">नगरासू में स्थानीय विरोध, जांच की मांग</h3>



<p class="wp-block-paragraph">नगरासू गुरुद्वारा साहिब क्षेत्र में उत्तराखंड क्रांति दल और उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने संयुक्त प्रदर्शन किया। हालांकि प्रदर्शन सीमित संख्या में लोगों की मौजूदगी में हुआ। नेताओं ने कहा कि यह विवाद किसी समुदाय विशेष से नहीं जुड़ा, बल्कि दो पक्षों के बीच हुई घटना है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कर्णप्रयाग में हुआ विवाद, हिंसा तक पहुंचा मामला</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सूत्रों के अनुसार हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग सिखों की बाइक कर्णप्रयाग बाजार में खड़ी कार से टकरा गई थी। इसके बाद विवाद बढ़ गया और मामला हिंसक हो गया। आरोप है कि कुछ निहंगों ने धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हुए। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश भेजा गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने बद्रीनाथ हाईवे पर करीब 5 घंटे तक जाम लगाया, जिससे गौचर से नंदप्रयाग तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार निहंगों को गिरफ्तार किया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">निहंग सिख कौन होते हैं</h3>



<p class="wp-block-paragraph">निहंग सिख सिख समुदाय का एक योद्धा समूह माना जाता है, जो नीले वस्त्र और पारंपरिक हथियारों के साथ पहचाना जाता है। इन्हें ऐतिहासिक रूप से सिख धर्म के योद्धा बल के रूप में जाना जाता है। इनके पास तलवार, कृपाण, भाला और अन्य पारंपरिक हथियार होते हैं और ये अपनी विशिष्ट वेशभूषा के लिए भी जाने जाते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">निहंग पंथ की शुरुआत</h3>



<p class="wp-block-paragraph">निहंग परंपरा की शुरुआत सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह द्वारा खालसा पंथ की स्थापना के साथ मानी जाती है। इसी दौरान एक संगठित योद्धा दल के रूप में निहंग समुदाय का गठन हुआ, जिसका उद्देश्य युद्ध कला में दक्षता और जरूरत पड़ने पर धर्म व समाज की रक्षा करना था।</p>



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		<item>
		<title>उत्तराखंड गुरुद्वारे में कब्जा, निहंगों की धमकी- “अंदर आए तो काट देंगे”, इंटरनेट बंद, ITBP तैनात</title>
		<link>https://hindikhabar.com/uttarakhand-gurdwara-occupation-nihangs-threaten-to-cut-anyone-who-enters-internet-shut-itbp-deployed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:25:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[breaking news]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Law and order]]></category>
		<category><![CDATA[Nagrasu Gurdwara]]></category>
		<category><![CDATA[Rudraprayag]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand News]]></category>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand News : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू क्षेत्र में एक गुरुद्वारे पर 7 निहंगों द्वारा कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना 16 जून को कर्णप्रयाग में हुए विवाद के बाद शुरू हुई बताई जा रही है। शनिवार देर शाम हुए कब्जे के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Uttarakhand News :</strong> उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू क्षेत्र में एक गुरुद्वारे पर 7 निहंगों द्वारा कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना 16 जून को कर्णप्रयाग में हुए विवाद के बाद शुरू हुई बताई जा रही है। शनिवार देर शाम हुए कब्जे के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस-प्रशासन लगातार हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">निहंगों ने संवाद से कर दिया इनकार</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सूचना के अनुसार, निहंगों ने गुरुद्वारे में मौजूद लोगों को बाहर जाने से रोक दिया और अंदर आने वालों को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी। इसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रविवार सुबह रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर बातचीत की कोशिश की, लेकिन निहंगों ने संवाद से इनकार कर दिया। इससे पहले पुलिस द्वारा दो बार बातचीत की कोशिश की गई थी, जो असफल रही।</p>



<h3 class="wp-block-heading">प्रशासन ने ITBP की मदद ली</h3>



<p class="wp-block-paragraph">स्थानीय सेवादारों का कहना है कि वे केवल धार्मिक सेवा और लंगर व्यवस्था से जुड़े हैं और विवाद से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों को बंधक बनाया गया था, जिनमें से एक को बाद में छोड़ दिया गया। स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने ITBP की मदद ली, जिसके बाद सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई। पुलिस, PAC और ITBP की संयुक्त मौजूदगी से फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बना हुआ है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">इलाकों में लागू की गई धारा 163</h3>



<p class="wp-block-paragraph">एहतियात के तौर पर प्रशासन ने आसपास के करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी है और संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू कर दी गई है, जो 27 जून तक प्रभावी रहेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्थानीय लोगों व यात्रियों में झड़प</h3>



<p class="wp-block-paragraph">यह विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में हुए एक सड़क हादसे और उसके बाद स्थानीय लोगों व यात्रियों के बीच हुई झड़प से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें मामला बढ़कर हिंसक टकराव में बदल गया था। पुलिस ने इस मामले में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है और आगे की जांच जारी है।</p>



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		<item>
		<title>देहरादून में दिल दहला देने वाला हादसा, ट्रक ने स्कूटी सवार को कुचला, मौके पर मौत</title>
		<link>https://hindikhabar.com/dehradun-horrific-accident-truck-crushes-scooty-rider-dead-on-spot/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 10:27:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[Accident News]]></category>
		<category><![CDATA[breaking news]]></category>
		<category><![CDATA[dehradun news]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Road Accident]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand News]]></category>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand News : देहरादून में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना करीब 1 बजे ग्राफिक एरा चौक के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को टक्कर मार दी। सड़क पर मची अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि व्यक्ति गंभीर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Uttarakhand News :</strong> देहरादून में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना करीब 1 बजे ग्राफिक एरा चौक के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को टक्कर मार दी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सड़क पर मची अफरा-तफरी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी हालत नाजुक हो गई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, अत्यधिक रक्तस्राव के कारण व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मामले की जांच में जुटी पुलिस</h3>



<p class="wp-block-paragraph">मृतक की पहचान सवार कर्मा (56) के रूप में हुई है, जो तिब्बतन कॉलोनी के निवासी बताए जा रहे हैं। वह स्कूटी (UK 07 DO 7392) से अपने घर की ओर जा रहे थे। हादसे में शामिल ट्रक (HR73A5891) हरियाणा के यमुनानगर से आया बताया जा रहा है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>



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		<item>
		<title>देहरादून में नशे के खिलाफ हाईटेक रणनीति, GIS तकनीक से होगी ड्रग नेटवर्क की निगरानी</title>
		<link>https://hindikhabar.com/dehradun-gis-technology-drug-network-surveillance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:47:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[Anti Drug Campaign]]></category>
		<category><![CDATA[Dehradun]]></category>
		<category><![CDATA[Drug Free Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[GIS Mapping]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand News]]></category>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand News : उत्तराखंड में नशे के बढ़ते कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। प्रशासन ने जिले में सक्रिय नशा तस्करों, ड्रग्स सप्लाई के संभावित रास्तों और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान के लिए जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (GIS) आधारित मैपिंग शुरू करने की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Uttarakhand News :</strong> उत्तराखंड में नशे के बढ़ते कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। प्रशासन ने जिले में सक्रिय नशा तस्करों, ड्रग्स सप्लाई के संभावित रास्तों और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान के लिए जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (GIS) आधारित मैपिंग शुरू करने की योजना बनाई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस पहल का उद्देश्य नशे के नेटवर्क को तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से समझना और उस पर सटीक कार्रवाई करना है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल डेटा के उपयोग से उन इलाकों को चिह्नित करना आसान होगा जहां से लगातार नशा तस्करी या संबंधित गतिविधियों की सूचनाएं मिल रही हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर</h3>



<p class="wp-block-paragraph">प्रशासन उन स्थानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेगा जहां पहले ड्रग्स की बरामदगी हुई है या स्थानीय स्तर पर नशे के कारोबार की शिकायतें सामने आई हैं। इन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर निगरानी, गश्त और विशेष अभियान के दायरे में रखा जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सप्लाई चेन और तस्करों के नेटवर्क का होगा विश्लेषण</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पुलिस रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े आंकड़ों को GIS प्लेटफॉर्म पर एकत्रित कर उनका अध्ययन किया जाएगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि नशे की खेप किन रास्तों से शहर में प्रवेश कर रही है और वितरण का नेटवर्क किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बढ़ेगी सुरक्षा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">युवा वर्ग को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास विशेष निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। यदि किसी शिक्षण संस्थान के आसपास संदिग्ध गतिविधियां सामने आती हैं तो वहां अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">जिलाधिकारी ने दोहराई जीरो टॉलरेंस नीति</h3>



<p class="wp-block-paragraph">देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस, शिक्षा संस्थानों और आम नागरिकों के सहयोग से ही इस चुनौती का प्रभावी समाधान संभव है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और तकनीक आधारित इस नई व्यवस्था से अपराधियों के नेटवर्क को चिन्हित कर उनके खिलाफ अधिक प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">नशामुक्त उत्तराखंड की दिशा में नई पहल</h3>



<p class="wp-block-paragraph">प्रशासन का मानना है कि GIS तकनीक के उपयोग से नशा तस्करी के पैटर्न को समझने, संसाधनों की बेहतर तैनाती करने और संवेदनशील इलाकों में समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। इस पहल का मुख्य लक्ष्य युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाना और उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के अभियान को मजबूत करना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/bharat-ethanol-revolution-e85-e100-fuel-what-is-mileage-impact-explained/">भारत में इथेनॉल क्रांति की नई शुरुआत, जानिए क्या हैं E85 और E100 फ्यूल, माइलेज बढ़ेगा या घटेगा?</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>चंपावत में बारिश से नदियों में उफान, 4 हजार श्रद्धालु फंसे, SDRF टीम बचाव अभियान में जुड़ी</title>
		<link>https://hindikhabar.com/champawat-heavy-rain-rivers-flood-4000-pilgrims-rescued-by-sdrf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 11:32:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[Champawat Flood]]></category>
		<category><![CDATA[Heavy rain]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[River Rescue]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand News]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006416709</guid>

					<description><![CDATA[Uttarakhand News : चंपावत में पहाड़ों में हुई भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे दो अलग-अलग जगहों पर हजारों लोग फंसे। पहली घटना श्री रीठा साहिब गुरुद्वारे के पास हुई, जहां लगभग 60 श्रद्धालु तेज बहाव में फंस गए। बहाव इतना प्रबल था कि जिस टीले पर लोग खड़े थे, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Uttarakhand News :</strong> चंपावत में पहाड़ों में हुई भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे दो अलग-अलग जगहों पर हजारों लोग फंसे। पहली घटना श्री रीठा साहिब गुरुद्वारे के पास हुई, जहां लगभग 60 श्रद्धालु तेज बहाव में फंस गए। बहाव इतना प्रबल था कि जिस टीले पर लोग खड़े थे, उसका किनारा कटने लगा। लोगों की मदद के लिए चिल्लाने की आवाज सुनकर पास के लोगों ने फौरन पुलिस को जानकारी दी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">रोक दी गई लोगों की आवाजाही</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पुलिस ने मौके पर पहुंचकर SDRF टीम से मदद ली। उप निरीक्षक दीपक सामंत के नेतृत्व में टीम ने अपनी बहादुरी और दक्षता का परिचय देते हुए सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला। प्रशासन ने दोनों किनारों पर बैरियर लगाकर लोगों की आवाजाही रोक दी और पानी में फंसे वाहनों को भी सुरक्षित बाहर निकाला।</p>



<h3 class="wp-block-heading">रेस्क्यू अभियान किया गया शुरू</h3>



<p class="wp-block-paragraph">दूसरी घटना पूर्णागिरि माता के दर्शन के लिए पैदल जा रहे लगभग तीन से चार हजार श्रद्धालुओं के साथ हुई। बाटनागाड़ नाले में अचानक उफान आने से श्रद्धालुओं का आगे बढ़ना या पीछे लौटना मुश्किल हो गया। मौके पर ठुलीगाड़ और बूम चौकी के पुलिस अधिकारी पहुंच गए और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">टीम की सतर्कता और बहादुरी की सराहना</h3>



<p class="wp-block-paragraph">तीन घंटे तक चले इस अभियान में पुलिस और SDRF ने अपनी जान जोखिम में डालकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया। सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने टीम की सतर्कता और बहादुरी की सराहना की और राज्य की सभी SDRF इकाइयों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई से किसी बड़े हादसे को टालने में सफलता मिली और सभी श्रद्धालु सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/tanya-mittal-i-dont-want-a-rich-partner-ready-to-give-everything-to-my-love/">मैं अमीर पार्टनर नहीं चाहती, जिससे प्यार करुंगी उसे सब कुछ देने को तैयार- तान्या मित्तल</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>विश्व जैव विविधता दिवस पर परमार्थ निकेतन से “भोग नहीं, योग; उपभोग नहीं, संरक्षण” का संदेश</title>
		<link>https://hindikhabar.com/world-biodiversity-day-paramarth-niketan-conservation-message/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 May 2026 13:45:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[Bhog Nahi Yog]]></category>
		<category><![CDATA[Paramarth Niketan]]></category>
		<category><![CDATA[Protect Nature]]></category>
		<category><![CDATA[Rishikesh]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand News]]></category>
		<category><![CDATA[World Biodiversity Day]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006416013</guid>

					<description><![CDATA[Uttarakhand News : परमार्थ निकेतन (ऋषिकेश) में आयोजित पर्यावरण समर्पित मासिक श्रीराम कथा में आज विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने भगवान श्रीराम के चौदह वर्षों के वनवास को सनातन संस्कृति का जीवंत पर्यावरण दर्शन बताते हुए कहा कि श्रीराम का वनवास एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि मानव और &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Uttarakhand News :</strong> परमार्थ निकेतन (ऋषिकेश) में आयोजित पर्यावरण समर्पित मासिक श्रीराम कथा में आज विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने भगवान श्रीराम के चौदह वर्षों के वनवास को सनातन संस्कृति का जीवंत पर्यावरण दर्शन बताते हुए कहा कि श्रीराम का वनवास एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के दिव्य सहअस्तित्व का शाश्वत संदेश है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="960" height="825" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/1-6.jpeg" alt="" class="wp-image-213006416014" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/1-6.jpeg 960w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/1-6-300x258.jpeg 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/1-6-768x660.jpeg 768w" sizes="(max-width: 960px) 100vw, 960px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading">सनातन संस्कृति का मूल ही प्रकृति के प्रति श्रद्धा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पूज्य स्वामी जी ने कहा कि जब-जब मानव प्रकृति से दूर हुआ है, तब-तब जीवन में अशांति, असंतुलन और विनाश बढ़ा है और जब-जब उसने प्रकृति को मां मानकर उनका सम्मान किया है, तब-तब धरती पर समृद्धि, शांति और दिव्यता का प्रवाह हुआ है। सनातन संस्कृति का मूल ही प्रकृति के प्रति श्रद्धा है। यहां नदियां केवल जलधाराएं नहीं, जीवनदायिनी हैं; वृक्ष केवल लकड़ी नहीं, जीवनदाता हैं; पर्वत केवल पत्थर नहीं, देवस्वरूप हैं, और समस्त सृष्टि ईश्वर की अभिव्यक्ति है। ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत्। उपनिषद् का यह मंत्र हमें संदेश देता है कि प्रकृति हमारी संपत्ति नहीं, ईश्वर की अभिव्यक्ति है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/2-5-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-213006416015" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/2-5-1024x682.jpeg 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/2-5-300x200.jpeg 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/2-5-768x512.jpeg 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/2-5.jpeg 1280w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading">“भोग नहीं, योग; उपभोग नहीं, संरक्षण</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के दौरान हमें संदेश दिया कि राजमहलों से अधिक महत्वपूर्ण प्रकृति का सान्निध्य है। चित्रकूट के वन हों, पंचवटी की पावन भूमि हो, दंडकारण्य की तपोभूमि हो या मां गंगा और गोदावरी के तट प्रभु श्रीराम ने प्रत्येक स्थान को सम्मान, संवेदना और प्रेम दिया। उन्होंने कभी प्रकृति पर अधिकार नहीं जताया, बल्कि स्वयं को प्रकृति के चरणों में समर्पित कर दिया। यही सनातन का भाव है कि “भोग नहीं, योग; उपभोग नहीं, संरक्षण।” जो हमें अपना हरित भविष्य लौटा सकता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/4-6-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-213006416016" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/4-6-1024x682.jpeg 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/4-6-300x200.jpeg 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/4-6-768x512.jpeg 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/4-6.jpeg 1280w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">पूज्य स्वामी जी ने कहा कि वन ऋषियों की तपस्थली, पशु-पक्षियों का घर, औषधियों का भंडार और पृथ्वी की प्राणशक्ति हैं। यदि वन सुरक्षित हैं तो वर्षा सुरक्षित है, जल सुरक्षित है, जीवन सुरक्षित है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">नदियों में जीवनदायिनी शक्ति के दर्शन</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि आज विश्व जैव विविधता दिवस पर हमें यह स्मरण करना होगा कि प्रकृति का विनाश केवल पर्यावरण का संकट नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पतन का संकेत भी है। जिस संस्कृति ने तुलसी को माता कहा, पीपल में प्रभु का वास माना, वटवृक्ष में परमात्मा का स्वरूप देखा और नदियों में जीवनदायिनी शक्ति के दर्शन किए वह संस्कृति कभी प्रकृति का शोषण नहीं कर सकती।</p>



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<h3 class="wp-block-heading">प्रत्येक परिवार एक पौधा अवश्य रोपे</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता केवल पौधे लगाने की नहीं, बल्कि वृक्षों के प्रति श्रद्धा जगाने की भी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा अवश्य रोपे और उसे केवल पौधा नहीं, परिवार के सदस्य की तरह प्रेम और संरक्षण दे। जब भी हम एक पौधा लगाते हैं, तब हम केवल धरती को हरियाली नहीं देते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्राण, आशा और भविष्य भी देते हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/7-2-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-213006416018" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/7-2-1024x682.jpeg 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/7-2-300x200.jpeg 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/7-2-768x512.jpeg 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/7-2.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading">समाज के लिए प्रेरणा का दिव्य उदाहरण</h3>



<p class="wp-block-paragraph">आज के पावन अवसर पर मानस कथा मर्मज्ञ, श्रीराम कथा व्यास संत मुरलीधर जी महाराज एवं भक्तिमती मीना जी को उनकी 35वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनायें एवं अभिनंदन करते हुये पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आप दोनों जिस प्रकार एक और एक, एक बनकर श्रीरामकथा, सनातन संस्कृति और मानवता की सेवा में समर्पित हैं, वह समाज के लिए प्रेरणा का दिव्य उदाहरण है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/8-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-213006416019" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/8-1024x682.jpeg 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/8-300x200.jpeg 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/8-768x512.jpeg 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/05/8.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">मां गंगा से प्रार्थना है कि आप दोनों सदैव स्वस्थ, प्रसन्न एवं दीर्घायु रहें तथा इसी प्रकार धर्म, संस्कृति, संस्कार और मानवता का प्रकाश सम्पूर्ण समाज में प्रसारित करते रहें।</p>



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