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Raghav Chadha: निलंबन को लेकर कोर्ट ने जताई आपत्ति, बताया निलंबन है गंभीर मामला

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Raghav Chadha: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार, 30 अक्टूबर को राज्यसभा से सांसद राघव चड्ढा के लगातार निलंबन पर आलोचनात्मक रुख अपनाया और राजनीतिक विपक्ष के एक सदस्य को सदन से बाहर करने को “गंभीर मामला” बताया है। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि क्या विशेषाधिकार समिति किसी संसद सदस्य (सांसद) को अनिश्चित काल के लिए निलंबित करने का ऐसा आदेश जारी कर सकती है।

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Raghav Chadha: जनता पर पड़ेगा इसका असर

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, “इस तरह के अनिश्चितकालीन निलंबन का असर उन लोगों पर पड़ेगा जिनके निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं हो रहा है? सदस्य को अनिश्चित काल के लिए निलंबित करने की विशेषाधिकार समिति की शक्ति कहां है?” बता दें राघव पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं इससे पहले वे राजेंद्रनगर विधानसभा से विधायक रह चुके हैं।

राघव किया था कोर्ट का रूख

बता दें कि राघव चड्ढा ने अपने निलंबन के विरुद्ध कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की बेंच आप नेता की राज्यसभा से उनके अनिश्चितकालीन निलंबन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

शुक्रवार को होगी अगली सुनवाई

अदालत इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को करेगी। कोर्ट ने चड्ढा के वकील और भारत के अटॉर्नी जनरल (एजी) एन वेंकटरमणी को इस मुद्दे पर अपने-अपने नोट जमा करने के लिए कहा। बता दें कि राघव चड्ढा को उनके खिलाफ विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही लंबित रहने के दौरान 11 अगस्त को संसद के उच्च सदन से निलंबित कर दिया गया था।

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