पाकिस्तान के बाद चीन ने अलापा तालिबानी राग, कहा- ‘दुनिया जल्द हटाए अफगानिस्तान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध’

अफगानिस्तान। पाकिस्तान के बाद अब चीन भी अफगानिस्तान राग अलापने लगा है। जहाँ सभी देश अत्याचार और अधर्म के बल पर बनी तालिबानी सरकार को मान्यता देने से इनकार कर रहे हैं, वहीं ये दोनों देश अफगानिस्तान की नई सरकार का खुलकर समर्थन कर रहे हैं।

‘दुनिया अफगान नागरिकों से न छीने उनका हक’- चीन

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने तालिबान की पैरवी करते हुए कहा कि ‘विश्व के सभी देशों को अफगानिस्तान पर लगे एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों को शीघ्र अतिशीघ्र हटा देना चाहिए। वहाँ की विदेशी मुद्रा भंडार एक राष्ट्रीय संपत्ति है, जिस पर सिर्फ वहाँ के नागरिकों का हक है और उनसे उनका हक नहीं छीना जाना चाहिए। इसके अलावा न तो अफगानिस्तान पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव डालना चाहिए और न ही उसके लिए किसी भी तरह की सौदेबाजी करनी चाहिए।

चीन को अफगानिस्तान से मिलने वाले फायदे

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अफगानिस्तान को अपनी ताकत बढ़ाने के अवसर की तरह देख रहा है। अफगानिस्तान के रूप में उसे एक और बेहतर जगह मिल गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अफगानिस्तान में किसी भी प्रकार से चीन का प्रभाव बढ़ने से उसे तीन फायदे मिल सकते हैं-

  • रणनीतिक और व्यापारिक दृष्टि से फायदा।
  • भारत का नुकसान।
  • और अमेरिका।

तालिबान की मदद के लिए अफगानिस्तान से सटे देशों का नया समूह बनाने की योजना

सूत्रों के हवाले से पता चला है कि रूस, चीन और पाकिस्तान तालिबान को विश्व में मान्यता दिलाने की पुरजोर कोशिशों में लगे हैं। साथ ही वे अफगानिस्तान से लगे हुए देशों (चीन, पाक, ईरान, तजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान) का एक नया समूह बनाने की योजना भी बना रहे हैं।

अफगानिस्तान  की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए न किया जाए : जयशंकर

वहीं भारत ने स्पष्ट कहा है कि ‘तालिबान को अफगानिस्तान की जमीन किसी भी प्रकार से आतंकवाद के लिए इस्तेमाल न करने देने के वचन पर कायम रहना चाहिए।’

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी20 देशों से कहा कि ‘दुनिया को एक ऐसी विस्तृत एवं समावेशी प्रक्रिया की अपेक्षा है, जिसमें अफगान समाज के सभी वर्ग प्रतिनिधित्व कर सकें।’

उन्होंने आगे कहा कि ‘वैश्विक भावना को दर्शाने वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्ताव 2593 को हमारे दृष्टिकोण को मार्गदर्शन देते रहना चाहिए।‘

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