कोरोना वैक्सीन को लाने और ले जाने के लिए सरकार ने पहली बार मेड इन इंडिया आईसीएमआर ड्रोन को तैनात किया

नई दिल्ली: स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Health Minister Mansukh Mandaviya) ने कल पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारत निर्मित आईसीएमआर ड्रोन रिस्पांस-ए-ड्रोन (India Made ICMR Drone Response-a-Drone) पहल की शुरुआत की है।

बता दें कि इसका उद्देश्‍य पूर्वोत्‍तर में अंतिम छोर तक कोरोना वायरस (corona virus) की वैक्‍सीन (corona vaccine) पहुंचाना है। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने बताया है कि ड्रोन से मणिपुर में बिष्‍णुपुर जिला अस्‍पताल से लोकटक लेक और करांग द्वीप के प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में वैक्‍सीन लगाने के लिए 15 मिनट में 15 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकेगी।

मालूम हो कि इस भारत निर्मित आईसीएमआर ड्रोन (India Made ICMR Drone) के उपयोग से पहली बार वैक्‍सीन डिस्‍ट्रिक हेल्‍थ सेंटर (Vaccine District Health Center) से प्राइमरी हेल्‍थ सेंटर (primary health center) तक पहुंचाया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, पहली बार देश में और साउथ एशिया में ड्रोन का कमर्शियल यूज हुआ है। अगले दिनों में देश में दूर सुदूर इलाके में, गांव से पहाड तक, खेतों से जंगल तक, मैदानों से लेकर आईलैंड तक और फर्टिलाइजर से लेकर वैक्‍सीनेशन तक उसका अच्‍छे से उपयोग कर सकते हैं। ये हमने प्रत्‍यक्ष देखा।

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