न्याय की हुई जीत, दिल्ली CM की छवि खराब करने के लिए पीएम, केंद्र सरकार व BJP द्वारा रचे गए षड्यंत्र का हुआ पर्दाफाश: मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को दिल्ली के पूर्व चीफ-सेक्रेटरी अंशु प्रकाश के साथ मारपीट व बदसलूकी के तथाकथित मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित 9 विधायकों के खिलाफ लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। ये आरोप इतने झूठे और बेबुनियाद थे कि कोर्ट ने उन पर आरोप तय करने से भी मना कर दिया। आजादी के बाद ये पहला वाक्या था जब एक सीटिंग सीएम के घर और दफ्तर पर इस तरह से छापे मारे गए। केजरीवाल जी के बेडरुम में पुलिस घुस गई। उनके साथ किसी आतंकवादी जैसा व्यवहार किया गया। उनसे 6 घंटे लगातार पुलिस पूछताछ करती रही।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में ये आज न्याय और सत्य के जीत का दिन है। अब ये जाहिर हो गया है कि दिल्ली की जनता द्वारा चुनी गई सरकार को नाकाम करने के लिए ये साजिश पीएम मोदी, केंद्र सरकार और भाजपा के इशारों पर रची गई थी। अब जूबकि सत्य सबके सामने है मोदी जी की केंद्र सरकार और बीजेपी सीएम केजरीवाल जी से और उनको चुनने वाली दिल्ली की जनता से माफी मांगे।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की जनता द्वारा चुनी गई सरकार को पहले दिन से ही नाकाम करने के लिए झूठे और मनगढंत साज़िशें की जा रही है। दिल्ली सरकार को कमजोर करने के लिए पहले दिन से षड़यंत्र रचा जा रहा है। और इन साजिशों को प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार और भाजपा और के इशारों पर रचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी ईमानदारी और गुड-गवर्नेंस मॉडल के कारण अरविंद केजरीवाल जी देश के सबसे लोकप्रिय नेता बन गए है। अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता से भाजपा डरने लगी है इसलिए दिल्ली पुलिस का प्रयोग कर उनके खिलाफ फर्जी एफआईआर की गई।उनके दफ्तर में, घर में छापा मारा गया। रिपोर्ट- कंचन अरोड़ा

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