
Haryana News : हरियाणा के हिसार जिला के बरवाला स्थित करौंथा आश्रम में 2014 में हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में आश्रम संचालक रामपाल को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस जीएस गिल और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ ने उनके खिलाफ दर्ज देशद्रोह और अन्य गंभीर धाराओं वाले मामले में शर्तों के साथ नियमित जमानत मंजूर कर दी है। फिलहाल विस्तृत आदेश जारी होना बाकी है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
18 नवंबर 2014 को थाना बरवाला में एफआईआर नंबर 428 दर्ज की गई थी। उस समय आश्रम में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान भारी उपद्रव हुआ। इस घटना में आश्रम के छह अनुयायियों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हुए। आरोप था कि आश्रम में मौजूद अनुयायियों को बंधक बनाया गया और पुलिस कार्रवाई में बाधा डाली गई। रामपाल के खिलाफ देशद्रोह, हत्या, अनुचित रूप से बंधक बनाना और सरकारी कार्य में बाधा डालना जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
450 गवाहों के बयान दर्ज
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बताया कि अब तक लगभग 450 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और ट्रायल काफी आगे बढ़ चुका है। इस लंबी न्यायिक प्रक्रिया को देखते हुए हाईकोर्ट ने नियमित जमानत देने की दलील को स्वीकार किया।
कोर्ट ने दी शर्तों के साथ जमानत
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रामपाल को शर्तों के साथ नियमित जमानत दी। हालांकि, जमानत से जुड़ी सभी शर्तें विस्तृत आदेश में स्पष्ट की जाएंगी। संक्षिप्त आदेश में जमानत मंजूर की गई है, लेकिन विस्तृत आदेश के बाद ही यह पता चलेगा कि आगे की सुनवाई और शर्तें क्या होंगी।
अगली प्रक्रिया
विस्तृत आदेश जारी होने के बाद ही अदालत द्वारा निर्धारित जमानत शर्तों और आगे की सुनवाई की दिशा स्पष्ट होगी। मामले की निगरानी अब न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।
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