India Pakistan Navy Collision : अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के भीतर भारतीय नौसेना के एक जहाज और पाकिस्तानी नौसेना के पोत के बीच टक्कर के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. विदेश मंत्रालय ने बुधवार को पाकिस्तान के प्रभारी राजनयिक को तलब कर घटना को लेकर आपत्ति जताई और इसे पाकिस्तानी नौसैनिक इकाई का गैर-पेशेवर आचरण बताया.
भारत के अनुसार, इस घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन पाकिस्तानी नौसैनिक पोत का व्यवहार वर्ष 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के अनुच्छेद 10 के अनुरूप नहीं था.
पाकिस्तानी राजनयिक को किया गया तलब
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान के प्रभारी राजनयिक को विदेश मंत्रालय बुलाया गया और उन्हें भारत की आपत्ति पाकिस्तान के अधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया. भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्र में सभी सैन्य इकाइयों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और दोनों देशों के बीच लागू समझौतों के प्रावधानों का पालन करना चाहिए.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि समुद्र में पाकिस्तानी नौसैनिक इकाइयों के अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर आचरण के कारण यह घटना हुई, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय नौसेना की एक इकाई से टक्कर हुई.
1991 के समझौते के उल्लंघन का आरोप
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह घटना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई थी. मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी नौसैनिक पोत का आचरण अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही के लिए अग्रिम सूचना देने संबंधी समझौते के अनुच्छेद 10 का उल्लंघन था.
भारत ने इस मामले को केवल नई दिल्ली तक सीमित नहीं रखा है. विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय प्रभारी राजनयिक को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के समक्ष विरोध दर्ज कराने का निर्देश दिया है.
भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने पर जोर
भारत ने कहा है कि समुद्र में सैन्य गतिविधियों के दौरान सभी इकाइयों को उचित सावधानी बरतनी चाहिए और दोनों देशों के बीच लागू समझौतों का सम्मान करना जरूरी है. विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता और नियमों का पालन आवश्यक है.
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