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मौन धरना देने पहुंचे जीतनराम, स्मारक के गेट पर ताला देख भड़के

Jitanram to Nitish

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Jitanram to Nitish: बिहार में पटना स्थित अंबेडकर स्मारक में मौन धरना देने गए जीतनराम मांझी और उनके सहयोगी पार्क में प्रवेश नहीं कर सके। पार्क में ताला पड़ा था। इस पर जीतनराम मांझी का साथ देने आए सम्राट चौधरी ने कहा कि यह लोकतंत्र में सही नहीं है। निंदनीय है। जीतनराम मांझी ने कहा कि यह मांझी नहीं बिहार के दलितों का अपमान है।

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Jitanram to Nitish: ‘बाबा साहब से नीतीश के लिए मांगते सद्बुद्धि’

इस दौरान जीतनराम मांझी ने कहा, बाबा साहब की मूर्ति के पास जाने नहीं दिया गया। हम बाबा साहब से नीतीश के लिए सद्बुद्धि मांगते। बाबा साहब हम लोगों के भगवान हैं। उन्होंने महिलाओं और अनुसूचित जाति के लिए क्या क्या नहीं किया है। वो संविधान निर्माता भी हैं। हमें विशेष अधिकार दिए हैं। नीतीश ने महिलाओं के लिए भी शर्मनाक बात कही।

Jitanram to Nitish: ‘नीतीश से उम्र में बढ़ा, राजनीति में भी पहले’

वह बोले, मैं नीतीश से उम्र में बढ़ा हूं। राजनीति में भी उनसे पहले आया हूं। क्वालीफिकेशन भी पहले हासिल की। विधानसभा में तो कोई छोटा हो या बड़ा सबसे आदर से बात की जाती है लेकिन नीतीश ने तूम-तड़ाक करके बात की। मीडिया से भी मुझे तरजीह देने को मना किया। वह बोले इन्हें कोई अक्ल नहीं। यह मेरा नहीं दलितों का अपमान है। सीएम के मुखाबिंद से जो बातें निकली हैं वो निंदनीय हैं।

Jitanram to Nitish: ‘आरक्षण समीक्षा की कर रहा था मांग’

आरक्षण बढ़ाने के विधेयक पर बोले, हमने एक मत से उसे पारित किया। मैं तो बस यह कह रहा था कि बाबा साहब ने 10 वर्ष बाद आरक्षण की समीक्षा के लिए कहा था। आप सत्ता में 18 सालों से हो लेकिन समीक्षा नहीं की। हमें 16 प्रतिशत कोटा मिलना था। जांच होगी तो पता चलेगा कि 7 से 8 प्रतिशत ही कोटा मिला है। एससी के पदाधिकारियों के लिए 1971 में रोस्टर लागू किया था। इसके तहत प्रमोशन में 16 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए था लेकिन आज 3.7 प्रतिशत ही प्रतिनिधित्व है।

Jitanram to BJP: ‘अपनी लाज बचाने को बनाया मुझे सीएम’

उन्होंने कहा, हमारी मांग थी कि इसकी समीक्षा के लिए कमेटी बने। इसी बात के बीच में नीतीश भड़क गए और तूम तड़ाक पर उतर आए। उन्होंने अपनी लाज बचाने के लिए मुझे सीएम बनाया। चुनावों में हार के बाद इज्जत बचाने को नीतीश ने मुझे सीएम बनाया। वो अपने हिसाब से काम कराना चाहते थे। वो जैसा चाहते थे दो महीने तक मैंने वैसा ही किया। लोग मुझे रबर स्टांप और रिमोट सीएम कहने लगे।

कानूनी कार्रवाई की भी बात कही

वह बोले फिर मैंने अपना काम किया तो इन लोगों के पेट में दर्द होने लगा। इन लोगों ने विधानसभा में बोलने से रोका। बाबा साहब के स्मारक पर जाने से रोका। ऐसा ही रहा तो हम जल्द ही दिल्ली के राजघाट पर जाकर इनके लिए सद्बुद्धि मांगेंगे। कानूनी कार्रवाई की भी सोच रहे हैं। उन्होंने नीतीश के बारे में कहा कि आप कहां सीएम बने हैं। ढुलमुल रवैये से इधर-उधर करके सीएम बने हैं। ये पलटूराम हैं।

सीएम बीमार, इलाज जरूरी- सम्राट चौधरी

वहीं सम्राट चौधरी ने कहा कि ये जो बालू माफिया, शराब माफिया और जमीन माफिया का राज चल रहा है। जिसने जमीन लूटने का काम किया है वही लोग दलित समाज से आने वाले मुख्यमंत्री को लगातार बेइज्जत कर रहे हैं। लोकतंत्र में लोकलज्जा होनी चाहिए। हम लोग अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण करने आए। मौन धारण करने आए। इसको नहीं करने देना निंदनीय है। यहां माफियाओं का राज है। सीएम बीमार हैं। उनका इलाज होना चाहिए। बिहार में कानून का राज स्थापित नहीं है। बीजेपी मांझी को समर्थन करती है। इस अपमान का बदला बिहार की जनता लेगी।

रिपोर्टः सुजीत श्रीवास्तव, ब्यूरोचीफ, बिहार

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