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Dussehra: नवरात्र के 9 दिनों के बाद क्यों मनाया जाता है दशहरा, क्या है धार्मिक मान्यता

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दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व नवरात्र के नौ दिनों के बाद आता है। नवरात्र और दशहरा ऐसे सांस्कृतिक उत्सव हैं, जो चैतन्य के देवी स्वरूप को पूरी तरह से समर्पित हैं। नवरात्र के नौ दिन तमस, रजस और सत्व के गुणों से जुड़े हैं। पहले तीन दिन तमस के हैं, जब देवी रौद्र रूप में होती हैं, जैसे दुर्गा या काली। इसके बाद के तीन दिन देवी लक्ष्मी को समर्पित हैं। लक्ष्मी सौम्य हैं, पर भौतिक जगत से संबंधित हैं। आखिरी तीन दिन देवी सरस्वती यानी सत्व से जुड़े हैं। ये ज्ञान और बोध से संबंधित हैं। इन तीनों में जीवन समर्पित करने से जीवन को एक नया रूप मिलता है।

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आइए जानते हैं क्या है धार्मिक मान्यता

मान्यता है कि इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था जिसके बाद इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाने लगा। पुराणों में यह भी उल्लेख है कि विजयादशमी के दिन देवराज इंद्र ने महादानव वृत्तासुर पर विजय प्राप्त की थी। पांडवों ने भी विजयादशमी के दिन ही द्रौपदी का वरण किया। महाभारत के युद्ध का आरंभ भी विजयादशमी के दिन से ही माना जाता है। ‘ज्योतिर्निबंध’ नामक ग्रंथ में लिखा है कि आश्विन शुक्ल दशमी को तारा उदय होने के समय ‘विजय’ नामक मुहूर्त होता है, जो सर्वकार्य सिद्ध करने वाला माना गया है। 

महर्षि भृगु ने कहा है कि इस दिन सभी राशियों में सायंकाल के समय विजय मुहूर्त में यात्रा करना उत्तम होता है। जो जीत चाहते हैं, उन्हें इसी मुहूर्त में यात्रा करनी चाहिए। इसी तिथि को श्रीराम ने भगवती विजया का पूजन कर विजय प्राप्त की थी। इसीलिए इस दिन देवी विजया की पूजा परंपरा है।

पौराणिक कहानी

दशहरा का त्यौहार मनाये जाने के पीछे जो पौराणिक कहानी है उसके अनुसार, भगवान श्री राम के 14 वर्ष के वनवास के दौरान रावण द्वारा मां सीता का हरण कर लिया गया था। अपनी पत्नी सीता को बचाने और अधर्मी रावण का नाश करने के लिए, भगवान श्री राम ने रावण के साथ कई दिनों तक युद्ध किया था। जिसके बाद मां दुर्गा के आशीर्वाद से भगवान श्री राम ने युद्ध के दसवें दिन रावण का वध कर अपनी पत्नी और लोगों को उनके अत्याचारों से बचाया था।

एक अन्य पौराणिक कहानी के अनुसार नवरात्रि के बाद दशहरा मनाये जाने की एक और वजह है। इसके अनुसार असुर महिषासुर और उसकी सेना द्वारा देवताओं को परेशान किये जाने की वजह से, मां दुर्गा ने लगातार नौ दिनों तक महिषासुर और उसकी सेना से युद्ध किया था। मां दुर्गा ने दसवें दिन महिषासुर का वध कर विजय प्राप्त की थी। इसी वजह से इस त्यौहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है और दशहरा मनाया जाता है।

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