Punjab News : राज्य के कृषि क्षेत्र की स्थिति को बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि विभाग के विभिन्न प्रोजेक्टों को लागू करने हेतु 1,388 करोड़ रुपये के वार्षिक एक्शन प्लान(कार्य योजना) को अंतिम रूप दे दिया है. यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने दी.
सोमवार को यहां अपने कार्यालय में परियोजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए खुड्डियां ने कहा कि यह एक्शन प्लान, जिसे पहले ही मंजूरी के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को भेजा जा चुका है, में फसल अवशेषों के प्रभावी प्रबंधन, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती पर विशेष ध्यान दिया गया है.
पराली जलाने पर रोक
कृषि मंत्री ने बताया कि खेतों में पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) योजना के तहत 600 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा बजट रखा गया है, उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य किसानों को सब्सिडी पर इन-सीटू (खेत के भीतर) और एक्स-सीटू (खेत के बाहर) मशीनरी उपलब्ध करवाना है, ताकि पराली जलाने का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके.”
जल और कृषि दक्षता पर 180 करोड़ खर्च
भूमिगत जल के गिरते स्तर को रोकने के लिए ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ घटक के तहत 33.33 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिससे ड्रिप, स्प्रिंकलर और रेन गन जैसे जल बचत उपकरणों को बढ़ावा मिलेगा. इस दौरान बीज सुधार और कपास प्रदर्शन परियोजनाओं पर 51.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि कृषि मशीनीकरण उप-मिशन के तहत कृषि की दक्षता बढ़ाने के लिए 95 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं.
फसल विविधीकरण पर 63 करोड़
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को अधिक पानी की खपत वाली धान फसल की बजाय मक्का, दलहन और तिलहन की ओर प्रोत्साहित करने के लिए फसल विविधीकरण हेतु 50.30 करोड़ रुपये रखे गए हैं. रसायन मुक्त खेती के लिए राष्ट्रीय अभियान के तहत प्राकृतिक खेती हेतु 8.25 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं. इसके अलावा दलहन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए 4.17 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी.
मृदा और कृषि विस्तार पर 81 करोड़
अन्य प्रमुख आवंटनों में मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता प्रबंधन के लिए 20 करोड़ रुपये तथा कृषि विस्तार(एक्सटेक्शन) गतिविधियों के लिए 60.59 करोड़ रुपये शामिल हैं. खुड्डियां ने जोर देकर कहा कि ये समेकित प्रयास न केवल कृषि आय में वृद्धि करेंगे, बल्कि पंजाब के पर्यावरणीय भविष्य को भी सुरक्षित बनाएंगे. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने विभाग के अधिकारियों को आगामी खरीफ सीजन के लिए तैयारियां तेज करने के निर्देश देते हुए योजनाओं को समय पर तैयार करने और लागू करने पर जोर दिया.
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