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	<title>शिक्षा News, Jobs-Education News in Hindi, सरकारी नौकरी - Hindi Khabar</title>
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	<title>शिक्षा News, Jobs-Education News in Hindi, सरकारी नौकरी - Hindi Khabar</title>
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	<item>
		<title>योगी सरकार का बड़ा तोहफा, लाखों स्कूली बच्चों की प्रतिभा को मिलेगा सम्मान</title>
		<link>https://hindikhabar.com/yogi-government-gift-millions-of-school-students-talent-will-be-honored/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 11:47:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[UP Education : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की प्रतिभा को पहचान, प्रोत्साहन और सम्मान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। योगी सरकार का जोर है कि पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला बच्चा हो, नियमित विद्यालय आने वाला हो, खेल के मैदान में &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>UP Education :</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की प्रतिभा को पहचान, प्रोत्साहन और सम्मान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। योगी सरकार का जोर है कि पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला बच्चा हो, नियमित विद्यालय आने वाला हो, खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाने वाला हो या सांस्कृतिक एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं में आगे रहने वाला, हर उपलब्धि को मंच मिले और हर प्रतिभा को प्रोत्साहन मिले। इसी उद्देश्य से वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट के अंतर्गत प्रदेश के 1,31,918 परिषदीय विद्यालयों में वार्षिकोत्सव के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किए जाएंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">निमंत्रण कार्ड के माध्यम से आमंत्रित</h3>



<p class="wp-block-paragraph">वार्षिकोत्सव के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह 15 फरवरी 2027 से 15 मार्च 2027 के मध्य आयोजित किए जाएंगे। समारोह में ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य, अभिभावक और अन्य संबंधित लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए अध्यापकों द्वारा व्यक्तिगत रूप से तथा बच्चों द्वारा निर्मित निमंत्रण कार्ड के माध्यम से आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सकारात्मक वातावरण को मिलेगी मजबूती</h3>



<p class="wp-block-paragraph">योगी सरकार की इस पहल से बच्चों की मेधा, मेहनत, नियमितता और बहुआयामी प्रतिभा को पहचान मिलने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। पढ़ाई, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को सार्वजनिक मंच पर सम्मानित करने से परिषदीय विद्यालयों में उपलब्धि आधारित सकारात्मक वातावरण को और मजबूती मिलेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मेहनत और प्रतिभा के आधार पर बच्चों का सम्मान</h3>



<p class="wp-block-paragraph">विद्यालय स्तर पर प्रत्येक कक्षा से विगत परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक छात्र और एक छात्रा को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रत्येक कक्षा से सर्वाधिक उपस्थिति वाले एक छात्र और एक छात्रा को भी सम्मानित किया जाएगा। विभिन्न खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक छात्र-छात्रा को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा ऐसे अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा, जिनके बच्चे ने विगत परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए हों अथवा विद्यालय में सर्वाधिक दिन उपस्थित रहे हों। विद्यालय की गतिविधियों एवं कार्यक्रमों में सहयोग करने वाले विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को भी सम्मानित किया जाएगा। समारोह में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं के उत्साहवर्धन और प्रोत्साहन के लिए यथासंभव टॉफी, चॉकलेट एवं रचनात्मक सामग्री का वितरण भी किया जा सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पुरस्कार में बच्चों के उपयोग की सामग्री</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पुरस्कार वितरण के लिए लंच बॉक्स, पानी की बोतल, ड्राइंग नोटबुक, कंपास एवं वाटर कलर, स्टेशनरी-ज्योमैट्रिक बॉक्स, पेंसिल, रबर, कटर एवं स्केल सहित पेन आदि सामग्री क्रय की जा सकती है। कहानी की किताब तथा महापुरुषों के जीवन चरित्र पर आधारित पुस्तकों को भी पुरस्कार के रूप में दिया जा सकता है। अभिभावकों के लिए शॉल, मोमेंटो तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हरित पौधे भी सम्मान सामग्री के रूप में दिए जा सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्कूल स्तर से राज्य स्तर तक होगा अनुश्रवण</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के प्रभावी आयोजन के लिए विभिन्न स्तरों पर अनुश्रवण की व्यवस्था की गई है। डायट, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कम से कम दो ब्लॉक के कुल चार विद्यालयों में कार्यक्रम का अनुश्रवण किया जाएगा। सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा कम से कम दो जनपदों के कुल चार विद्यालयों में कार्यक्रम का अनुश्रवण किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कम से कम दो ब्लॉक के कुल चार विद्यालयों में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का अनुश्रवण किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रत्येक एसआरजी एवं एआरजी द्वारा कम से कम तीन विद्यालयों में कार्यक्रम का अनुश्रवण किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विकासखंड के कम से कम पांच विद्यालयों में तथा प्रत्येक एआरपी द्वारा कम से कम तीन ब्लॉक के कुल छह विद्यालयों में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का अनुश्रवण किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/ammy-virk-deadly-attack-in-canada-7-rounds-fired-on-car/">Ammy Virk पर Canada में जानलेवा हमला, कार पर दागी गई 7 राउंड फायरिंग</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>प्रशस्त 2.0 से समावेशी शिक्षा को नई ताकत, 2.04 लाख शिक्षक सेन्सिटाइजेशन वीडियो देखकर हुए ऑनबोर्ड</title>
		<link>https://hindikhabar.com/prashast-2-0-inclusive-education-2-04-lakh-teachers-sensitization-videos-onboarded/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Sep 2026 14:20:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[Disability Screening]]></category>
		<category><![CDATA[Inclusive Education]]></category>
		<category><![CDATA[RASHAST 2.0]]></category>
		<category><![CDATA[Sensitization Videos]]></category>
		<category><![CDATA[Special Education]]></category>
		<category><![CDATA[Teacher Sensitization]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh education]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Adityanath]]></category>
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					<description><![CDATA[PRASHAST 2.0 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समावेशी शिक्षा को मजबूत करने के लिए शिक्षकों को बच्चों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाने पर विशेष जोर दे रही है। इसी दिशा में प्रशस्त (PRASHAST) 2.0 के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों को सेन्सिटाइजेशन वीडियो से जोड़ने का अभियान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>PRASHAST 2.0 : </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समावेशी शिक्षा को मजबूत करने के लिए शिक्षकों को बच्चों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाने पर विशेष जोर दे रही है। इसी दिशा में प्रशस्त (PRASHAST) 2.0 के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों को सेन्सिटाइजेशन वीडियो से जोड़ने का अभियान गति पकड़ रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,03,823 शिक्षक प्रशस्त 2.0 पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं तथा वीडियो देख रहे हैं, इनमें रामपुर में 44.38 प्रतिशत, झांसी में 39.27 प्रतिशत, पीलीभीत में 31.95 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 28.42 प्रतिशत और बलिया में 24.74 प्रतिशत शिक्षकों की सहभागिता दर्ज हुई है। इसके अलावा फतेहपुर, मथुरा, गोंडा, सीतापुर, बरेली और बस्ती की भी अच्छी सहभागिता रही।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह डिजिटल पहल शिक्षक को संवेदनशील, सजग और सक्षम बनाकर विद्यालयों में अधिक सहयोगी वातावरण तैयार करने तथा दिव्यांग बच्चों की समावेशी शिक्षा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।&nbsp;</p>



<h3 class="wp-block-heading">40 मिनट में 10 वीडियो से संवेदनशीलता</h3>



<p class="wp-block-paragraph">प्रशस्त एप एवं पोर्टल पर लगभग 40 मिनट के कुल 10 सेन्सिटाइजेशन वीडियो उपलब्ध हैं। राज्य के सभी बोर्डों के सरकारी/परिषदीय, प्राइवेट एडेड और प्राइवेट अनएडेड विद्यालयों के शिक्षकों को ये वीडियो देखना अनिवार्य किया गया है। बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों में आवश्यक संवेदनशीलता और समझ विकसित करना इस प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सभी शिक्षकों को जोड़ने के निर्देश</h3>



<p class="wp-block-paragraph">राज्य स्तर से सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को संबंधित शिक्षकों को सेन्सिटाइजेशन वीडियो देखने के लिए निर्देशित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशस्त 2.0 के माध्यम से सरकारी और परिषदीय विद्यालयों के साथ प्राइवेट एडेड एवं प्राइवेट अनएडेड विद्यालयों को भी एक समान प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। इससे बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षक स्तर पर संवेदनशीलता और समझ को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">शिक्षक की समझ से बेहतर होगा बच्चों का सहयोग</h3>



<p class="wp-block-paragraph">योगी सरकार की शिक्षा नीति में प्रत्येक बच्चे की आवश्यकता को समझकर उसके अनुरूप शैक्षिक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर है। प्रशस्त 2.0 इसी दृष्टिकोण को शिक्षक की क्षमता और संवेदनशीलता से जोड़ता है। सेन्सिटाइजेशन वीडियो के माध्यम से शिक्षक बच्चों को बेहतर समझने और स्क्रीनिंग प्रक्रिया को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए तैयार होंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कोट:</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रशस्त 2.0 के माध्यम से शिक्षकों को बच्चों की विविध आवश्यकताओं को समझने और उनके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिल रहा है। सेन्सिटाइजेशन वीडियो के माध्यम से शिक्षक बच्चों की विशिष्ट आवश्यकताओं की स्क्रीनिंग प्रक्रिया को अधिक समझदारी और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ा सकेंगे। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक विद्यालय में समावेशी और सहयोगी वातावरण मजबूत हो।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>श्रीमती मोनिका रानी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें &#8211; </strong><a href="https://hindikhabar.com/up-means-ultimate-potential-textile-sector-to-become-new-industrial-power-cm-yogi/" data-type="post" data-id="213006426108">यूपी का मतलब अल्टीमेट पोटेंशियल, टेक्सटाइल सेक्टर बनेगा नई औद्योगिक ताकत: सीएम योगी</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>11 हजार छात्रों को बड़ा तोहफा, UPSC, SSC, Banking समेत इन प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री तैयारी कराएगी सरकार</title>
		<link>https://hindikhabar.com/11000-students-free-online-coaching-for-upsc-ssc-banking-and-competitive-exams-by-government/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 14:12:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[cm dhami]]></category>
		<category><![CDATA[Competitive Exam Preparation]]></category>
		<category><![CDATA[Free Online Coaching]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[State PCS Coaching]]></category>
		<category><![CDATA[Student Education Scheme]]></category>
		<category><![CDATA[UPSC Preparation]]></category>
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					<description><![CDATA[Government Free Online Coaching : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रदेश के विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग योजना का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभावान एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को आर्थिक बाधाओं से मुक्त करते हुए देश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Government Free Online Coaching :</strong> मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रदेश के विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग योजना का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभावान एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को आर्थिक बाधाओं से मुक्त करते हुए देश के प्रतिष्ठित शिक्षकों, विषय-विशेषज्ञों एवं प्रोफेशनल कोचिंग संस्थानों की गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">योजना के अंतर्गत कुल 11,000 विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत UPSC एवं State PCS की तैयारी के लिए 2,000 विद्यार्थियों, SSC, Railway, Banking Services एवं समकक्ष परीक्षाओं के लिए 5,000 विद्यार्थियों, Defence Services की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 2,000 विद्यार्थियों, NET, GATE, CSIR एवं JRF जैसी परीक्षाओं के लिए 1,000 विद्यार्थियों तथा CAT/MAT जैसी प्रबंधन प्रवेश परीक्षाओं के लिए 1,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा से होगा विद्यार्थियों का चयन</h3>



<p class="wp-block-paragraph">योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक छात्र-छात्राओं का चयन खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर स्क्रीनिंग परीक्षा में प्रतिभाग कर सकेंगे। स्क्रीनिंग परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों का चयन संबंधित परीक्षा की तैयारी के लिए किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">योजना में टॉपर एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही चयन प्रक्रिया में विद्यार्थियों की योग्यता, परीक्षा में प्रदर्शन तथा निर्धारित पात्रता मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। इस प्रकार योजना का लाभ उन विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गंभीर हैं और अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं नहीं, मिलेगा पूरा डिजिटल लर्निंग सपोर्ट</h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस योजना की महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को केवल लाइव ऑनलाइन कक्षाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें रिकॉर्डेड लेक्चर, डिजिटल स्टडी मटेरियल, विषयवार प्रश्न बैंक, नियमित ऑनलाइन टेस्ट, मॉक टेस्ट, परीक्षा पैटर्न आधारित अभ्यास तथा प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार रिकॉर्डेड कक्षाओं और डिजिटल अध्ययन सामग्री का दोबारा अध्ययन कर सकेंगे। नियमित टेस्ट एवं मॉक टेस्ट के माध्यम से उनकी तैयारी का आकलन किया जाएगा तथा विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता मिलेगी कि किन विषयों में उन्हें अधिक अभ्यास की आवश्यकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">देश के प्रतिष्ठित एवं प्रोफेशनल ट्यूटर विद्यार्थियों को देंगे मार्गदर्शन</h3>



<p class="wp-block-paragraph">गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा Study IQ, Delhi, Mahendra Private Limited, Lucknow तथा Doon Dreamers, Dehradun जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का चयन किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इन संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षकों एवं विषय-विशेषज्ञों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी। इसके साथ ही सरकार की ओर से देश के प्रसिद्ध, अनुभवी एवं प्रोफेशनल ट्यूटरों और विषय-विशेषज्ञों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि उत्तराखंड के विद्यार्थियों को देशभर में उपलब्ध उत्कृष्ट शिक्षण एवं मार्गदर्शन का लाभ मिल सके।</p>



<h3 class="wp-block-heading">विद्यार्थियों को कैसे मिलेगा लाभ?</h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>योजना के तहत लाभ लेने की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी रखा जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी—</strong></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करेंगे।</li>



<li>आवश्यक विवरण एवं दस्तावेज अपलोड कर आवेदन करेंगे।</li>



<li>ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा में प्रतिभाग करेंगे।</li>



<li>परीक्षा में प्रदर्शन एवं निर्धारित पात्रता के आधार पर चयनित विद्यार्थियों को संबंधित कोर्स में प्रवेश दिया जाएगा।</li>



<li>चयनित विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं, रिकॉर्डेड लेक्चर एवं डिजिटल अध्ययन सामग्री तक निःशुल्क पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी।</li>



<li>नियमित टेस्ट एवं मॉक टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी का मूल्यांकन किया जाएगा।</li>



<li>विद्यार्थियों को उनकी तैयारी एवं प्रदर्शन के अनुरूप आवश्यक शैक्षणिक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।</li>
</ol>



<h3 class="wp-block-heading">आर्थिक रूप से सक्षम न होने वाला विद्यार्थी भी कर सकेगा बड़े लक्ष्य की तैयारी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार का प्रयास है कि किसी भी प्रतिभावान विद्यार्थी की सफलता के रास्ते में आर्थिक संसाधनों की कमी बाधा न बने। प्रदेश में अनेक विद्यार्थी प्रतिभाशाली होने के बावजूद महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाते। ऐसे विद्यार्थियों के लिए यह योजना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डिजिटल तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके घर से ही देश के श्रेष्ठ शिक्षकों एवं विषय-विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा। इससे पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग लेने की आवश्यकता कम होगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">Technology, Quality और Accessibility को एक साथ जोड़ने का प्रयास</h3>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के समय में डिजिटल तकनीक शिक्षा की पहुंच, गुणवत्ता और अवसरों को व्यापक बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार Technology, Quality और Accessibility को एक साथ जोड़कर प्रदेश के विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और समान अवसर उपलब्ध हों। आर्थिक परिस्थितियां किसी विद्यार्थी की प्रतिभा और उसके सपनों के बीच बाधा न बनें, इसी उद्देश्य से निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की यह पहल शुरू की गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस योजना के माध्यम से उत्तराखंड के 11,000 विद्यार्थियों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराते हुए उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/wet-hair-mistakes-can-increase-hair-fall-follow-these-hair-care-tips/">Hair Care Tips : गीले बालों के साथ कर रहे हैं ये गलती तो हो जाएं सावधान, बढ़ सकता है हेयर फॉल</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए डॉ. राधाकृष्णन से जुड़ी पूरी कहानी</title>
		<link>https://hindikhabar.com/why-is-teachers-day-celebrated-on-september-5th-learn-the-full-story-behind-dr-radhakrishnan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ajay Yadav]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Sep 2026 02:53:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[5 September]]></category>
		<category><![CDATA[eachers Day]]></category>
		<category><![CDATA[HindiKhabar]]></category>
		<category><![CDATA[Teachers Day]]></category>
		<category><![CDATA[Teachers Day History]]></category>
		<category><![CDATA[Why Teachers Day]]></category>
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					<description><![CDATA[Teachers Day 2026 : हर साल 5 सितंबर आते ही स्कूल-कॉलेजों में शिक्षकों के सम्मान की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. छात्र अपने गुरुओं के लिए कार्यक्रम करते हैं, उन्हें फूल और उपहार देते हैं और उनके योगदान के लिए धन्यवाद कहते हैं. लेकिन क्या कभी आपके मन में यह सवाल आया है कि शिक्षक &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Teachers Day 2026 : </strong>हर साल 5 सितंबर आते ही स्कूल-कॉलेजों में शिक्षकों के सम्मान की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. छात्र अपने गुरुओं के लिए कार्यक्रम करते हैं, उन्हें फूल और उपहार देते हैं और उनके योगदान के लिए धन्यवाद कहते हैं. लेकिन क्या कभी आपके मन में यह सवाल आया है कि शिक्षक दिवस के लिए 5 सितंबर की तारीख ही क्यों चुनी गई? इसके पीछे भारत के महान शिक्षाविद और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से जुड़ी एक खास कहानी है.</p>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुतानी में हुआ था. वह शिक्षक होने के साथ-साथ दार्शनिक और राजनेता भी थे. शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में उनकी गहरी पकड़ थी और उन्होंने अपना लंबा जीवन शिक्षा को आगे बढ़ाने में लगाया.</p>



<h3 class="wp-block-heading">1962 से शुरू हुई शिक्षक दिवस की परंपरा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">साल 1962 में जब डॉ. राधाकृष्णन देश के राष्ट्रपति बने, तब उनके कुछ विद्यार्थियों और मित्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई. इस पर उन्होंने अपने जन्मदिन को व्यक्तिगत समारोह बनाने के बजाय शिक्षकों के सम्मान के लिए समर्पित करने की बात कही. उनकी इच्छा थी कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाए.</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए 1962 से भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई.</p>



<h3 class="wp-block-heading">शिक्षा को लेकर क्या सोचते थे राधाकृष्णन?</h3>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. राधाकृष्णन का मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों का ज्ञान हासिल करना नहीं है. शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र को मजबूत बनाने का माध्यम भी है. उनके अनुसार शिक्षक की भूमिका विद्यार्थियों को सही दिशा देने और उन्हें बेहतर इंसान बनाने में बेहद महत्वपूर्ण है.</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से पढ़ाई की और दर्शनशास्त्र में मास्टर्स डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में अध्यापन किया. इनमें बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं.</p>



<h3 class="wp-block-heading">शिक्षक सिर्फ पढ़ाने वाला नहीं</h3>



<p class="wp-block-paragraph">शिक्षक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि गुरु की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती. कोई व्यक्ति जो हमें सही रास्ता दिखाता है, नई बात सिखाता है या मुश्किल समय में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है, वह भी हमारे जीवन में शिक्षक की भूमिका निभाता है.</p>



<p class="wp-block-paragraph">शिक्षक बच्चों में ज्ञान के साथ अनुशासन, अच्छे संस्कार और आत्मविश्वास विकसित करते हैं. वे विद्यार्थियों की क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देते हैं. इसी वजह से शिक्षकों को समाज के भविष्य की नींव तैयार करने वाला माना जाता है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">देश ने भी किया राधाकृष्णन का सम्मान</h3>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. राधाकृष्णन देश के पहले ऐसे उपराष्ट्रपति रहे, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद राष्ट्रपति का पद संभाला. शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए 1954 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल भारत रत्न से सम्मानित किया गया.</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्कूलों में होती हैं खास गतिविधियां</h3>



<p class="wp-block-paragraph">शिक्षक दिवस पर देशभर के स्कूल और कॉलेजों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. छात्र अपने शिक्षकों को कार्ड, फूल और उपहार देकर सम्मान जताते हैं. कई शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी एक दिन के लिए शिक्षक की भूमिका भी निभाते हैं और कक्षाएं लेते हैं.</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह दिन सिर्फ उत्सव का अवसर नहीं है. यह उन सभी शिक्षकों के प्रति आभार जताने का दिन है, जिन्होंने किसी न किसी रूप में हमारे ज्ञान, सोच और व्यक्तित्व को आकार दिया है.</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong>&nbsp;<a href="https://hindikhabar.com/cm-yogi-says-no-sugar-shortage-action-against-hoarding-and-black-marketing-in-up/">चीनी की उपलब्धता पर सीएम योगी सख्त, कहा- चीनी की कोई कमी नहीं, जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर होगी कार्रवाई</a></p>



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		<title>प्रधानमंत्री मोदी ने स्कूली बच्चों संग मनाया पवित्र रक्षाबंधन का त्यौहार, PHOTOS देखें</title>
		<link>https://hindikhabar.com/pm-modi-raksha-bandhan-school-children-photos/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Aug 2026 12:20:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[7 Lok Kalyan Marg Photos]]></category>
		<category><![CDATA[PM Modi]]></category>
		<category><![CDATA[PM Modi Rakhi Celebration]]></category>
		<category><![CDATA[PM Modi Raksha Bandhan]]></category>
		<category><![CDATA[PM Modi With School Girls]]></category>
		<category><![CDATA[Raksha Bandhan 2026]]></category>
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					<description><![CDATA[PM Modi Raksha Bandhan 2026 : पीएम मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार को रक्षाबंधन पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह शुभ त्योहार सभी के जीवन में खुशियां, समृद्धि और सफलता लेकर आएगा। हर साल की परंपरा को निभाते हुए इस बार भी स्कूली छात्राएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास 7, &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>PM Modi Raksha Bandhan 2026 :</strong> पीएम मोदी <strong>(PM Modi)</strong> ने शुक्रवार को रक्षाबंधन पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह शुभ त्योहार सभी के जीवन में खुशियां, समृद्धि और सफलता लेकर आएगा। हर साल की परंपरा को निभाते हुए इस बार भी स्कूली छात्राएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पहुंचीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">छात्राओं ने पीएम मोदी की कलाई पर &#8216;राखी&#8217; बांधी। पीएम मोदी ने बच्चों के राखी बांधने की तस्वीरें भी शेयर कीं। वहीं एक वीडियो में पीएम मोदी को बच्चों से गर्मजोशी से मिलते, हाथ मिलाते, हाई-फाइव करते और मुस्कुराते हुए देखा गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>1</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="1024" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-1-1024x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-213006425121" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-1-1024x1024.jpeg 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-1-300x300.jpeg 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-1-150x150.jpeg 150w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-1-768x768.jpeg 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-1-1536x1536.jpeg 1536w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-1.jpeg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>2</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="1024" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-2-1024x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-213006425122" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-2-1024x1024.jpeg 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-2-300x300.jpeg 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-2-150x150.jpeg 150w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-2-768x768.jpeg 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-2-1536x1536.jpeg 1536w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-2.jpeg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>3</strong></p>



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<p class="wp-block-paragraph"><strong>4</strong></p>



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<p class="wp-block-paragraph"><strong>5</strong></p>



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<p class="wp-block-paragraph"><strong>6</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="1024" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-5-1024x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-213006425126" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-5-1024x1024.jpeg 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-5-300x300.jpeg 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-5-150x150.jpeg 150w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-5-768x768.jpeg 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-5-1536x1536.jpeg 1536w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/PM-Modi-5.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/women-health-after-30-protein-foods-to-stay-fit-and-healthy/">Women Health : 30 के बाद महिलाओं के शरीर में आते हैं बड़े बदलाव, इन 5 प्रोटीन फूड्स से रखें खुद को फिट</a></p>



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		<item>
		<title>हर जानकारी का Screenshot लेना छोड़ दें? नई स्टडी ने बढ़ाई चिंता, वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा</title>
		<link>https://hindikhabar.com/screenshot-taking-habit-memory-loss-study-scientists-research-reveal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Aug 2026 12:55:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[Binghamton University Research]]></category>
		<category><![CDATA[Digital Memory Research News]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Phone Usage Memory Loss Study]]></category>
		<category><![CDATA[Screenshot Taking Habit Effect]]></category>
		<category><![CDATA[Smartphone Impact On Brain]]></category>
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					<description><![CDATA[Screenshot Weak Memory : आजकल लोग किसी भी जरूरी जानकारी को बाद में देखने के लिए तुरंत स्क्रीनशॉट ले लेते हैं। सोशल मीडिया पोस्ट, रिजल्ट, जरूरी मैसेज या किसी जानकारी को सुरक्षित रखने का यह आसान तरीका बन चुका है। लेकिन एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि यह आदत हमारी याद रखने &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Screenshot Weak Memory :</strong> आजकल लोग किसी भी जरूरी जानकारी को बाद में देखने के लिए तुरंत स्क्रीनशॉट ले लेते हैं। सोशल मीडिया पोस्ट, रिजल्ट, जरूरी मैसेज या किसी जानकारी को सुरक्षित रखने का यह आसान तरीका बन चुका है। लेकिन एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि यह आदत हमारी याद रखने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बिंगहैमटन यूनिवर्सिटी के शोध में सामने आई बात</h3>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका की बिंगहैमटन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने स्क्रीनशॉट लेने की आदत और याददाश्त के बीच संबंध को समझने के लिए अध्ययन किया। शोध में पाया गया कि जो लोग किसी जानकारी का स्क्रीनशॉट लेते हैं, उन्हें बाद में उस जानकारी को याद करने में ज्यादा परेशानी हो सकती है। रिसर्चर्स ने इस प्रभाव को &#8220;फोटो टेकिंग इम्पेयरमेंट इफेक्ट&#8221; नाम दिया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्क्रीनशॉट लेने वालों को कम याद रही जानकारी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">अध्ययन के दौरान छात्रों को पेंटिंग, तस्वीरें और स्केच जैसी चीजें दिखाई गईं। कुछ छात्रों से इनकी तस्वीरें लेने यानी स्क्रीनशॉट लेने को कहा गया, जबकि कुछ छात्रों को सिर्फ ध्यान से देखने के लिए कहा गया। बाद में जब छात्रों से इन तस्वीरों से जुड़े सवाल पूछे गए तो जिन लोगों ने केवल ध्यान से देखा था, उनके जवाब ज्यादा सटीक रहे। वहीं स्क्रीनशॉट लेने वाले छात्रों को कई जानकारियां कम याद रहीं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">क्यों कमजोर हो सकती है याददाश्त?</h3>



<p class="wp-block-paragraph">विशेषज्ञों के अनुसार, स्क्रीनशॉट लेने के दौरान व्यक्ति का ध्यान जानकारी को समझने के बजाय उसे सेव करने पर चला जाता है। इससे दिमाग उस जानकारी को गहराई से याद करने की प्रक्रिया कम कर देता है। इसके अलावा दिमाग में &#8220;कॉग्निटिव ऑफलोडिंग&#8221; की स्थिति बन सकती है। यानी जब दिमाग को पता होता है कि जानकारी फोन में सुरक्षित है, तो वह उसे याद रखने की कोशिश कम करता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">याद रखने के लिए लिखने की सलाह</h3>



<p class="wp-block-paragraph">वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी जानकारी को लंबे समय तक याद रखने के लिए उसे ध्यान से पढ़ना और समझना जरूरी है। फोन में सेव करने के बजाय कागज पर लिखना या अपने शब्दों में दोहराना याददाश्त को मजबूत करने में मदद कर सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>Disclaimer –</strong> इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है। अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. हिंदी ख़बर किसी तरह का दावा नहीं करता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/kanpur-ganga-barrage-training-aircraft-crashes-two-pilots-killed/">Kanpur Aircraft Crash : कानपुर में गंगा बैराज पर ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश, पायलट और ट्रेनर की मौत</a></p>



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		<item>
		<title>BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर पटना में उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज</title>
		<link>https://hindikhabar.com/patna-bpsc-student-protest-police-lathicharge-exam-cancellation-demand/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Aug 2026 08:05:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar BPSC Protest]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar Government Jobs]]></category>
		<category><![CDATA[BPSC 70th Exam]]></category>
		<category><![CDATA[BPSC Aspirants]]></category>
		<category><![CDATA[BPSC Exam Cancellation]]></category>
		<category><![CDATA[BPSC Student Protest]]></category>
		<category><![CDATA[BSSC Recruitment]]></category>
		<category><![CDATA[Patna Student Protest]]></category>
		<category><![CDATA[Tejashwi Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[TRE 4.0 Exam]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006424814</guid>

					<description><![CDATA[Bihar BPSC Protest : 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर मंगलवार को पटना में छात्रों का प्रदर्शन तेज हो गया। गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगी पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी और प्रतिबंधित क्षेत्र की तरफ बढ़ने की कोशिश की। स्थिति &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Bihar BPSC Protest : </strong>70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर मंगलवार को पटना में छात्रों का प्रदर्शन तेज हो गया। गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगी पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी और प्रतिबंधित क्षेत्र की तरफ बढ़ने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान एक छात्र के सिर में चोट लगने की जानकारी सामने आई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">वाटर कैनन के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन चलाया, लेकिन इसका भी प्रदर्शन पर असर नहीं पड़ा। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को पीछे हटाया। प्रदर्शन स्थल पर काफी देर तक पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बना रहा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बैरिकेडिंग तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">गांधी मैदान से मार्च शुरू करने के बाद छात्र राजभवन की ओर आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उसे तोड़ दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">DSP ने कहा- आगे बढ़ने पर पुलिस रोकेगी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">DSP कामाख्या नारायण सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारी अगर आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे तो पुलिस उन्हें रोकने का काम करेगी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के साथ छात्रों की बातचीत सकारात्मक रही है और उम्मीद है कि छात्र उनकी बात मानेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों ने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने कई मुद्दे रखे हैं और बातचीत का नतीजा सकारात्मक रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या कम होगी। हालांकि, सहमति नहीं बनने पर प्रदर्शनकारियों को वहीं रोक दिया जाएगा और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">TRE-4 में सिंगल स्टेज परीक्षा और नेगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग</h3>



<p class="wp-block-paragraph">प्रदर्शन स्थल पर कांग्रेस नेता सुशील कुमार ने कहा कि छात्रों की मांग सिर्फ 70वीं BPSC परीक्षा तक सीमित नहीं है। छात्र TRE-4.0 में बदलाव के अलावा BPSC, बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) और सब-इंस्पेक्टर भर्ती से जुड़े मुद्दों का भी समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि TRE-4.0 की परीक्षा हर हाल में सिंगल स्टेज में होनी चाहिए और नेगेटिव मार्किंग समाप्त की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से इन मांगों पर अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मुख्यमंत्री से बातचीत की मांग</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सुशील कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री को छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि छात्र पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने के लिए कोई तैयार नहीं है। उनके मुताबिक, अगर सरकार ने समय रहते छात्रों से बातचीत की होती तो मौजूदा स्थिति नहीं बनती।</p>



<h3 class="wp-block-heading">70वीं BPSC परीक्षा रद्द कराने पर अड़े अभ्यर्थी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बिहार में छात्र 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े मामलों का हवाला दे रहे हैं। आंदोलन में TRE-4 की प्रस्तावित परीक्षा प्रक्रिया का मुद्दा भी शामिल है। छात्रों को TRE-4 की परीक्षा राज्य में दो चरणों में कराने के प्रस्ताव पर आपत्ति है। वे TRE-4 का आधिकारिक विज्ञापन जारी करने के साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री को लिखा पत्र</h3>



<p class="wp-block-paragraph">BPSC विवाद के बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उनके साथ सकारात्मक बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की अपील की। तेजस्वी यादव ने TRE-4 की परीक्षा एक ही चरण में कराने की मांग भी रखी। इसके अलावा उन्होंने BPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ कथित भेदभाव को तत्काल समाप्त करने की मांग की।</p>



<h3 class="wp-block-heading">प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग</h3>



<p class="wp-block-paragraph">तेजस्वी यादव ने सब-इंस्पेक्टर, कांस्टेबल, BSSC और BPSC सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने पिछली परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात कही। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े लंबित मामलों को जल्द निपटाने और भर्ती माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।</p>



<h3 class="wp-block-heading">लंबित परीक्षाओं के लिए समयबद्ध कैलेंडर जारी करने की मांग</h3>



<p class="wp-block-paragraph">तेजस्वी यादव ने सरकार से सभी लंबित परीक्षाओं का समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर जल्द जारी करने की मांग की। इसमें BSSC इंटरमीडिएट, CGL, ASO, BSO, लाइब्रेरियन और अकाउंटेंट भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोक रही है, जबकि छात्र अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत करने की मांग पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें &#8211; </strong><a href="https://hindikhabar.com/national-eye-donation-fortnight-dr-balbir-singh-appeals-for-eye-donation/" data-type="post" data-id="213006424807">41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ, डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से नेत्रदान के लिए आगे आने की अपील</a></p>



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<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://www.facebook.com/sharer.php?u=https://hindikhabar.com/xi-jinping-india-visit-after-7-years-brics-summit-india-china-relations/" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PhD करने के लिए दुनिया के 5 बेहतरीन देश, जहां मिलती है लाखों रुपये की स्टाइपेंड, मालामाल हो रहे स्टूडेंट्स</title>
		<link>https://hindikhabar.com/best-countries-for-phd-highest-stipend-study-abroad-students/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 12:26:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[Best Countries For PhD]]></category>
		<category><![CDATA[Foreign University Admission]]></category>
		<category><![CDATA[Highest PhD Stipend Countries]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[PhD Scholarship 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Study Abroad PhD Programs]]></category>
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					<description><![CDATA[PhD Stipend Abroad : अगर आपने अपनी ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली है और रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो PhD एक बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि PhD के दौरान खर्चों की चिंता रहती है, लेकिन कई देशों में रिसर्च स्कॉलर को अच्छी खासी स्टाइपेंड दी जाती &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>PhD Stipend Abroad : </strong>अगर आपने अपनी ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली है और रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो PhD एक बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि PhD के दौरान खर्चों की चिंता रहती है, लेकिन कई देशों में रिसर्च स्कॉलर को अच्छी खासी स्टाइपेंड दी जाती है। इससे छात्र अपनी पढ़ाई और रहने का खर्च आसानी से संभाल सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">PhD के दौरान कैसे मिलती है आर्थिक मदद</h3>



<p class="wp-block-paragraph">PhD करने वाले छात्रों को कई संस्थानों में रिसर्च असिस्टेंट, टीचिंग असिस्टेंट या अन्य अकादमिक भूमिकाओं के लिए नियुक्त किया जाता है। इसके बदले उन्हें सैलरी या स्टाइपेंड दी जाती है। यह सहायता छात्रों को रिसर्च, लैब वर्क, क्लास लेने और अन्य शैक्षणिक जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक मजबूती भी प्रदान करती है।</p>



<ol start="5" class="wp-block-list">
<li><strong>स्वीडन: इनोवेशन और रिसर्च के लिए बेहतर विकल्प</strong></li>
</ol>



<p class="wp-block-paragraph">PhD स्टाइपेंड के मामले में स्वीडन इस सूची में पांचवें स्थान पर है। यहां औसतन करीब 42,618 डॉलर (लगभग 40.80 लाख रुपये) तक की वार्षिक स्टाइपेंड मिल सकती है। स्वीडन की ब्लीकिंग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चाल्मर्स यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, डलारना यूनिवर्सिटी, हाल्मस्टैड यूनिवर्सिटी और जोंकोपिंग यूनिवर्सिटी रिसर्च के लिए अच्छे विकल्प माने जाते हैं।</p>



<ol start="4" class="wp-block-list">
<li><strong>डेनमार्क: मजबूत सोशल सिस्टम के साथ शानदार अवसर</strong></li>
</ol>



<p class="wp-block-paragraph">डेनमार्क में PhD स्कॉलर को औसतन 53,436 डॉलर (करीब 51.14 लाख रुपये) तक की स्टाइपेंड मिल सकती है। देश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था छात्रों को आर्थिक रूप से काफी मदद करती है। कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी, टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ डेनमार्क, आरहूस यूनिवर्सिटी और आलबर्ग यूनिवर्सिटी PhD के लिए प्रमुख संस्थान हैं।</p>



<ol start="3" class="wp-block-list">
<li><strong>फिनलैंड: बेहतर शिक्षा व्यवस्था और रिसर्च का माहौल</strong></li>
</ol>



<p class="wp-block-paragraph">फिनलैंड अपनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रणाली और रिसर्च के लिए जाना जाता है। यहां PhD छात्रों को औसतन 46,537 डॉलर (करीब 44.54 लाख रुपये) तक की स्टाइपेंड मिलती है। हेलसिंकी यूनिवर्सिटी, आल्टो यूनिवर्सिटी, ओउलू यूनिवर्सिटी और टुर्कू यूनिवर्सिटी यहां के प्रमुख संस्थान हैं।</p>



<ol start="2" class="wp-block-list">
<li><strong>नीदरलैंड: रिसर्च के लिए शानदार मौका</strong></li>
</ol>



<p class="wp-block-paragraph">नीदरलैंड में PhD करने वाले छात्रों को करीब 74,163 डॉलर (लगभग 70.99 लाख रुपये) तक की स्टाइपेंड मिल सकती है। एम्स्टर्डम यूनिवर्सिटी, लीडेन यूनिवर्सिटी, ग्रोनिंगन यूनिवर्सिटी, डेल्फ्ट यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और इरास्मस यूनिवर्सिटी रॉटरडैम रिसर्च के लिए लोकप्रिय संस्थान हैं।</p>



<ol class="wp-block-list">
<li><strong>ऑस्ट्रिया: सबसे ज्यादा स्टाइपेंड देने वाला देश</strong></li>
</ol>



<p class="wp-block-paragraph">PhD स्टाइपेंड के मामले में ऑस्ट्रिया सबसे आगे है। यहां रिसर्च स्कॉलर्स को करीब 1,04,328 डॉलर यानी लगभग 1 करोड़ रुपये तक की स्टाइपेंड मिल सकती है। वियना यूनिवर्सिटी, वियना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, इंसब्रुक यूनिवर्सिटी और मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ ग्राज PhD के लिए अच्छे विकल्प हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/ajit-doval-beijing-visit-india-china-border-talks-wang-yi-meeting/">भारत-चीन सीमा विवाद पर बड़ी बैठक, NSA अजीत डोभाल बीजिंग में वांग यी से करेंगे बातचीत, अहम मुद्दों पर होगी चर्चा</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>भाजपा के पुराने वीडियो पर बैंस का हमला, बोले- ‘उड़ता पंजाब’ से ‘पढ़ता पंजाब’ बना राज्य</title>
		<link>https://hindikhabar.com/bjp-old-video-harjot-bains-udta-punjab-to-padhta-punjab/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 10:50:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[bhagwant mann government]]></category>
		<category><![CDATA[BJP Old Video]]></category>
		<category><![CDATA[Fatehgarh Sahib School]]></category>
		<category><![CDATA[Harjot Singh Bains]]></category>
		<category><![CDATA[punjab education]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab government schools]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab school education]]></category>
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					<description><![CDATA[Punjab Education : पंजाब के सरकारी स्कूलों को लेकर भाजपा द्वारा किए जा रहे भ्रामक प्रचार का पर्दाफाश करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब को बदनाम करने और लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से वर्ष 2018 के सात वर्ष पुराने वीडियो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Punjab Education : </strong>पंजाब के सरकारी स्कूलों को लेकर भाजपा द्वारा किए जा रहे भ्रामक प्रचार का पर्दाफाश करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब को बदनाम करने और लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से वर्ष 2018 के सात वर्ष पुराने वीडियो को नया बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">शिक्षा मंत्री ने गांव जल्ला के सरकारी स्कूल का किया दौरा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">शिक्षा मंत्री ने बताया कि उन्होंने वीडियो में दिखाए गए फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव जल्ला स्थित सरकारी स्कूल का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया और वहां की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि स्कूल की वर्तमान स्थिति वीडियो में दिखाई गई तस्वीर से पूरी तरह अलग है। स्कूल में अब स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल, साफ-सुथरे और चालू शौचालय, सैनिटरी पैड इन्सिनरेटर, स्वच्छ पेयजल तथा वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">शिक्षा क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों का किया जिक्र</h3>



<p class="wp-block-paragraph">भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में हुए सुधारों और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पी जी आई ) 2.0 तथा कक्षा-कक्ष में सीखने के परिणामों के मामले में देशभर में अग्रणी रहा है। राज्य के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने यूजी-नीट 2026 परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सर्वेक्षण में पंजाब के 23वें स्थान वाले जिले पटियाला ने भाजपा शासित हरियाणा के शीर्ष स्थान वाले जिले गुरुग्राम से भी अधिक अंक हासिल किए हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">भाजपा नेताओं के वीडियो पोस्ट करने का मामला बताया</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था, जिसे बाद में सांसद हरभजन सिंह ने भी आगे पोस्ट किया। मामला उनके संज्ञान में आने के बाद उन्होंने केवल आधिकारिक रिपोर्टों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करने का निर्णय लिया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्कूल अधिकारियों को बताए बिना मौके पर पहुंचे बैंस</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा, “प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद मैं स्कूल अधिकारियों अथवा जिला शिक्षा अधिकारी को सूचित किए बिना पंजाब भवन से सीधे फतेहगढ़ साहिब के गांव जल्ला स्थित सरकारी स्कूल पहुंचा। मैं स्वयं यह देखना चाहता था कि वीडियो में दिखाई गई परिस्थितियां वास्तव में मौजूद हैं या नहीं और यदि ऐसा है तो इसकी जानकारी मुझे पहले क्यों नहीं दी गई।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">वायरल वीडियो को बताया वर्ष 2018 का</h3>



<p class="wp-block-paragraph">शिक्षा मंत्री ने कहा, “वास्तव में वायरल किया जा रहा वीडियो वर्ष 2018 का है, जबकि स्कूल की वर्तमान स्थिति पूरी तरह अलग है। वर्तमान समय में स्कूल में दो स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल, छात्राओं के लिए दो साफ-सुथरे और चालू शौचालय, सैनिटरी पैड इन्सिनरेटर, स्वच्छ पेयजल तथा वाई-फाई कनेक्टिविटी उपलब्ध है।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्कूल में सफेदी का काम जल्द होगा पूरा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने बताया कि स्कूल में सफेदी का जो कार्य लंबित है, उसे पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है और इसके लिए धनराशि भी जारी की जा चुकी है। मानसून का मौसम समाप्त होने के बाद यह कार्य पूरा कर दिया जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">आधिकारिक आंकड़ों से शिक्षा क्षेत्र का आकलन करने की अपील</h3>



<p class="wp-block-paragraph">विपक्ष के कथित भ्रामक प्रचार का तथ्यों के आधार पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब के शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का आकलन भारत सरकार द्वारा किए गए स्वतंत्र मूल्यांकन और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया जाना चाहिए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पीजीआई 2.0 में पंजाब देशभर में अग्रणी: बैंस</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा, “परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई ) 2.0 में पंजाब देशभर में अग्रणी रहा है। इस वर्ष मई में जारी नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार कक्षा-कक्ष में सीखने के परिणामों में पंजाब को पहला स्थान प्राप्त हुआ है।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 का भी दिया हवाला</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में उभरकर सामने आया है। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पी ए बी ) ने भी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और सीखने के परिणामों के क्षेत्र में पंजाब के प्रदर्शन की कई बार सराहना की है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पंजाब और स्कूलों को बदनाम करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं: बैंस</h3>



<p class="wp-block-paragraph">हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “राजनीतिक आलोचना सामान्य जीवन का हिस्सा है, लेकिन पंजाब और इसके स्कूलों को बदनाम करने की घटिया कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुद्दा हरजोत बैंस का नहीं है। आप मेरी जितनी चाहे आलोचना कर सकते हैं, लेकिन मुद्दा पंजाब का है। हम पंजाब को बदनाम करने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">‘उड़ता पंजाब’ से ‘पढ़ता पंजाब’ की ओर बढ़ रहा राज्य</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि पंजाब अब ‘उड़ता पंजाब’ के पुराने नैरेटिव से आगे बढ़कर ‘पढ़ता पंजाब’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों का यूजी-नीट 2026 में सफल होना इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पंजाब के शिक्षा क्षेत्र के प्रदर्शन को अब राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिल रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि ये उपलब्धियां स्कूल शिक्षा की तस्वीर बदलने के लिए भगवंत मान सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता का परिणाम हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पटियाला ने गुरुग्राम से अधिक अंक हासिल किए: बैंस</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पड़ोसी राज्य हरियाणा के साथ तुलना करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शिक्षा संबंधी मूल्यांकन में पंजाब के 23वें स्थान वाले जिले पटियाला ने हरियाणा के जिलों में पहले स्थान पर रहे गुरुग्राम से अधिक अंक हासिल किए हैं। उन्होंने कहा, “पंजाब में 23वें स्थान पर मौजूद पटियाला का स्कोर हरियाणा के जिलों में पहले स्थान पर रहे गुरुग्राम से अधिक है। यह पंजाब के सरकारी स्कूलों में हुए सुधार और प्रगति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">आंकड़ों और आधिकारिक रिपोर्टों के मूल्यांकन की अपील</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले आंकड़ों और आधिकारिक रिपोर्टों का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाए। हरजोत सिंह बैंस ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार ने कभी यह दावा नहीं किया कि राज्य का प्रत्येक सरकारी स्कूल पूरी तरह आदर्श है। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई कमी सामने आती है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">2,000 से अधिक स्कूलों का व्यक्तिगत निरीक्षण किया</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से 2,000 से अधिक स्कूलों का निरीक्षण कर चुका हूं। जहां भी कमियां मिलीं, वहां सुधार किए गए हैं। पंजाब में लगभग 20,000 सरकारी स्कूल हैं और इतने बड़े नेटवर्क का रखरखाव एक निरंतर प्रक्रिया है।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">बाढ़ से प्रभावित स्कूलों की पुनर्बहाली का काम जारी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">शिक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों के दौरान 7,000 से अधिक स्कूलों को बाढ़ का सामना करना पड़ा, जिसके कारण बुनियादी ढांचे से जुड़ी अतिरिक्त चुनौतियां पैदा हुईं। इसके बावजूद पंजाब ने स्कूलों के बुनियादी ढांचे और सीखने के परिणामों में सुधार की प्रक्रिया जारी रखी है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">500 स्कूलों में पुनर्बहाली की आवश्यकता</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा, “बाढ़ से प्रभावित लगभग 500 ऐसे स्कूलों की पहचान की गई है, जहां पुनर्बहाली की आवश्यकता है। पुनर्बहाली का काम शुरू हो चुका है और इसके लिए धन की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें विश्व बैंक से मिलने वाली सहायता भी शामिल है।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">दो वर्षों में बुनियादी ढांचे की कमियां दूर करने का लक्ष्य</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि सरकार ने स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है कि अगले दो वर्षों में पंजाब के किसी भी सरकारी स्कूल में बुनियादी ढांचे से संबंधित कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब सरकार ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी शौचालयों की कमी का मुद्दा उठाकर सुधारात्मक कदम शुरू किए थे, तब भी राजनीतिक आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।</p>



<h3 class="wp-block-heading">छात्राओं से सीधे बातचीत कर समस्याओं की जानकारी ली</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि सरकार ने उन छात्राओं से सीधे बातचीत की थी, जिन्होंने उचित शौचालयों की कमी के कारण होने वाली परेशानियों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा, “आज जिन लोगों ने बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के हमारे प्रयासों को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की थी, वही लोग वर्ष 2018 का एक पुराना वीडियो प्रसारित करते हुए पकड़े गए हैं, जो स्कूल की वर्तमान स्थिति से कोसों दूर है।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">हर वास्तविक कमी को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध सरकार</h3>



<p class="wp-block-paragraph">शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार हर वास्तविक कमी को दूर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जहां भी कोई कमी सामने आएगी, वहां कार्रवाई जारी रहेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">वीडियो शेयर करने से पहले सत्यता जांचने की अपील</h3>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने पत्रकारों और आम लोगों से अपील की कि किसी भी वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें। उन्होंने कहा कि पंजाब की शैक्षणिक उपलब्धियों का मूल्यांकन प्रमाणित तथ्यों, आधिकारिक आंकड़ों और स्वतंत्र आकलनों के आधार पर होना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले भ्रामक प्रचार के आधार पर।</p>



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			</item>
		<item>
		<title>भारत की युवा आबादी: अवसर या बोझ? सिडनी के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. यदु सिंह ने बताया भारत के छात्र आंदोलन का सही संदर्भ</title>
		<link>https://hindikhabar.com/yogyata-ka-sankat-chhatra-andolan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Hindi Khabar Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Aug 2026 11:14:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[Education Reform India]]></category>
		<category><![CDATA[exam paper leak]]></category>
		<category><![CDATA[Higher Education Crisis]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Education System]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Student Movement India]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006424396</guid>

					<description><![CDATA[गणराज्य के जीवन में कुछ ऐसे अवसर आते हैं, जब विश्वविद्यालयों से उठने वाली आवाजों पर संसद और विधानसभाओं में गूंजने वाली तालियों से अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। दिल्ली में हाल में हुए छात्र विरोध-प्रदर्शन ऐसा ही एक अवसर हैं। उन्हें केवल राजनीतिक आंदोलन कहकर खारिज करना समस्या को समझने में भूल होगी। ये &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">गणराज्य के जीवन में कुछ ऐसे अवसर आते हैं, जब विश्वविद्यालयों से उठने वाली आवाजों पर संसद और विधानसभाओं में गूंजने वाली तालियों से अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। दिल्ली में हाल में हुए छात्र विरोध-प्रदर्शन ऐसा ही एक अवसर हैं। उन्हें केवल राजनीतिक आंदोलन कहकर खारिज करना समस्या को समझने में भूल होगी। ये प्रदर्शन, दरअसल, भारतीय शिक्षा व्यवस्था के भीतर लंबे समय से जमा हो रही एक गहरी चिंता की अभिव्यक्ति हैं। यह चिंता है कि जिन संस्थाओं को योग्यता और निष्पक्षता की रक्षा करनी चाहिए, वे अब उन्हें पर्याप्त रूप से सुरक्षित नहीं रख पा रही हैं।</p>



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<figure class="wp-block-ub-image size-large" id="ub-image-"><img decoding="async" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/ChatGPT-Image-Aug-20-2026-05_05_12-PM.png" alt="" class="wp-image-1" style=""></figure>


<p class="wp-block-paragraph"><strong>भारत की युवा आबादी: अवसर या बोझ?</strong><br><br>भारत लंबे समय से अपनी युवा आबादी को अपनी बड़ी ताकत मानता रहा है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के अनुसार, भारत की लगभग 68% आबादी कामकाजी आयु वर्ग (15–64 वर्ष) में है। यह भारत को वह अवसर देता है, जो कई विकसित देशों के पास अब पहले जैसा नहीं रहा।लेकिन इतिहास हमें एक महत्वपूर्ण बात सिखाता है। युवा आबादी अपने आप में महानता की गारंटी नहीं होती। वह केवल एक अवसर होती है। यह अवसर आर्थिक और सामाजिक शक्ति बनेगा या बोझ, यह शिक्षा की गुणवत्ता, सार्वजनिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और इस विश्वास पर निर्भर करता है कि ईमानदार मेहनत को उसका उचित फल मिलेगा।आज कई युवा भारतीयों को यही विश्वास कमजोर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।</p>



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<p class="wp-block-paragraph"><strong>शिक्षा में उपलब्धियां और गुणवत्ता की चुनौतियां</strong><br><br>निष्पक्ष रूप से देखें तो पिछले दशक में कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी हुई हैं। स्कूलों में नामांकन ऊंचा बना हुआ है। डिजिटल ढांचा तेजी से बढ़ा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2020) ने शिक्षा सुधार के लिए एक महत्वाकांक्षी दिशा प्रस्तुत की है। इन उपलब्धियों को स्वीकार किया जाना चाहिए।लेकिन संख्या को गुणवत्ता नहीं समझा जा सकता। शिक्षा की असली कसौटी यह नहीं है कि कितने स्कूल बनाए गए या कितनी डिग्रियां दी गईं। असली कसौटी यह है कि शिक्षा व्यक्ति में किस तरह की सोच विकसित करती है और उसके लिए किस तरह के अवसर पैदा करती है।सीखने के स्तर से जुड़ा आंकड़ा अभी भी चिंता पैदा करता है। वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट (ASER 2024) में महामारी के बाद सुधार दिखाई देता है। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में बच्चे अभी भी अपनी कक्षा के स्तर के अनुसार बुनियादी पढ़ने और गणित की क्षमता हासिल नहीं कर पाए हैं।इसी तरह, भारत में अब 1,100 से अधिक विश्वविद्यालय और 45,000 से अधिक कॉलेज हैं। इनमें लगभग 4.3 करोड़ विद्यार्थी पढ़ते हैं (AISHE 2021–22)। इसके बावजूद स्नातकों की रोजगार क्षमता को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। India Skills Report जैसी उद्योग आधारित रिपोर्टों में बार-बार बताया गया है कि कई स्नातकों में संवाद क्षमता, विश्लेषण करने की क्षमता और काम के लिए जरूरी कौशल की कमी है।</p>



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<p class="wp-block-paragraph"><strong>शिक्षा और शोध में निवेश की कमी</strong><br><br>शिक्षा में निवेश भी हमारी महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप नहीं बढ़ा है। शिक्षा पर सरकारी खर्च सामान्यतः GDP का लगभग 4–4.5% रहा है। इसके विपरीत, कोठारी आयोग (1966) ने शिक्षा पर GDP का 6% खर्च करने की सिफारिश की थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भी इसी लक्ष्य को दोहराया है।शोध और विकास पर भारत का खर्च भी GDP के लगभग 0.6–0.7% के आसपास रहा है। यह दक्षिण कोरिया (लगभग 5%), इजरायल (लगभग 6%), अमेरिका (लगभग 3.5%) और चीन (लगभग 2.6%) जैसे देशों से काफी कम है। जो देश ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में नेतृत्व करना चाहता है, उसे केवल ज्ञान का उपयोग करने में नहीं, बल्कि नया ज्ञान पैदा करने में भी निवेश करना होगा।</p>



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<p class="wp-block-paragraph"><strong>संस्थाओं पर भरोसे का संकट</strong><br><br>लेकिन आज भारतीय शिक्षा के सामने सबसे गंभीर चुनौती केवल धन की कमी नहीं है। समस्या संस्थाओं पर भरोसे के धीरे-धीरे कमजोर होने की भी है।प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं के लिए सामाजिक और आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा रास्ता हैं। कई परिवार एक परीक्षा के लिए वर्षों की मेहनत, बचत और उम्मीद लगा देते हैं। इसलिए इस व्यवस्था की विश्वसनीयता एक मूल सिद्धांत पर टिकी है: योग्यता की जीत होनी चाहिए।</p>



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<p class="wp-block-paragraph">परीक्षा पेपर लीक और विश्वसनीयता का मुद्दाहाल के वर्षों में इस विश्वास को कई बार झटका लगा है। India Today की एक जांच में 2019 से 2024 के बीच 19 राज्यों में कम से कम 65 बड़े परीक्षा पेपर लीक के मामले सामने आए। इनके कारण कई परीक्षाएं रद्द हुईं या भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई। एक अन्य जांच में सात वर्षों के दौरान 70 से अधिक पुष्ट पेपर लीक के मामलों का अनुमान लगाया गया। इनसे 1.7 करोड़ से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए। The Indian Express ने दो दशकों से अधिक समय के प्रमुख परीक्षा लीक मामलों का अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि हजारों लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद दोषसिद्धि के मामले बहुत कम रहे।<br><br><strong>घटनाओं का यह क्रम चिंताजनक है:</strong></p>



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<ul class="wp-block-list">
<li>2015 में व्यापक गड़बड़ी के आरोपों के बाद AIPMT परीक्षा रद्द कर दी गई।</li>



<li>2021 में राजस्थान की REET परीक्षा रद्द हुई। इसमें लगभग 16 लाख उम्मीदवार शामिल थे।</li>



<li>2024 में लगभग 9 लाख उम्मीदवारों वाली UGC-NET परीक्षा परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों के बाद एक दिन के भीतर रद्द कर दी गई।</li>



<li>NEET-UG 2024 में लगभग 24 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इस परीक्षा से जुड़ा विवाद CBI की जांच और लंबे समय तक चली सुप्रीम कोर्ट की कानूनी प्रक्रिया तक पहुंचा।</li>



<li>उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में भी लगभग 48 लाख लोगों ने आवेदन किया था। पेपर लीक के आरोपों के बाद यह परीक्षा भी रद्द कर दी गई।</li>
</ul>
</div>
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<p class="wp-block-paragraph">इनमें से हर घटना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं है। यह उन युवाओं के वर्षों की मेहनत को अनिश्चित बना देती है, जिन्होंने अनुशासित तरीके से तैयारी की होती है। इससे करियर में देरी होती है। कई बार उम्र की सीमा पार हो जाती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे सार्वजनिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर होता है।गणराज्य अपने युवाओं से यह नहीं कह सकता कि वे और मेहनत करें, जबकि वह यह सुनिश्चित करने में असफल रहे कि उनकी योग्यता को परखने वाली संस्थाएं उनके भरोसे के योग्य हैं।</p>



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<p class="wp-block-paragraph"><strong>सार्वजनिक बहस की गुणवत्ता और शिक्षा का संबंध</strong><br><br>यह संकट केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। इसका संबंध भारत में सार्वजनिक बहस की गुणवत्ता से भी है।पिछली पीढ़ियों ने संसद में ऐसे बहसों का दौर देखा है, जहां वैचारिक विरोधी भी संवैधानिक तर्क, आर्थिक विचार और कानूनों की गंभीर समीक्षा के आधार पर एक-दूसरे से बहस करते थे। असहमति तीखी होती थी, लेकिन उसमें तर्क की अपेक्षा की जाती थी।आज राजनीतिक संवाद का बड़ा हिस्सा टेलीविजन स्टूडियो और सोशल मीडिया की तेज गति में होता है। यहां सटीकता से अधिक छोटी और तेज बात को महत्व मिलता है। विचार से अधिक दिखावे को महत्व मिलता है। यह केवल भारत की समस्या नहीं है। लेकिन भारत के लिए इसके परिणाम अधिक गंभीर हैं। इसका कारण यह है कि देश का भविष्य अपने युवाओं के बौद्धिक विकास पर बहुत अधिक निर्भर करता है।</p>



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<p class="wp-block-paragraph"><strong>विश्वविद्यालयों और छात्रों की भूमिका</strong><br><br>विश्वविद्यालयों का ऐतिहासिक महत्व इसी में रहा है कि वे उन कठिन सवालों को उठाते हैं, जो बाद में राष्ट्रीय संकट बन सकते हैं। इसलिए छात्रों को न तो जरूरत से ज्यादा आदर्श बनाकर देखना चाहिए और न ही उन्हें खारिज करना चाहिए। उन्हें सुना जाना चाहिए। उनकी शिकायतों की जांच प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए। उन्हें पारदर्शिता के साथ जवाब दिया जाना चाहिए। राजनीतिक लेबल लगाने के बजाय संस्थागत सुधार के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।</p>



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<p class="wp-block-paragraph"><strong>अंतरराष्ट्रीय उदाहरण और भारत की ज्ञान परंपरा</strong><br><br>इतिहास हमें इसके लिए कई उदाहरण देता है। जापान ने युद्ध की तबाही के बाद शिक्षा और विज्ञान में लगातार निवेश करके खुद को फिर से खड़ा किया। दक्षिण कोरिया ने शिक्षा और मानव संसाधन पर ध्यान देकर गरीबी से निकलकर तकनीकी शक्ति बनने तक की यात्रा की। सिंगापुर के पास प्राकृतिक संसाधन बहुत कम थे। उसने यह समझा कि उसके नागरिकों की शिक्षा ही उसकी सबसे बड़ी ताकत होगी। इन देशों ने केवल अपनी युवा आबादी के कारण सफलता हासिल नहीं की। उन्होंने ऐसी संस्थाएं बनाईं, जिन पर उनके नागरिकों की आकांक्षाएं भरोसा कर सकें।भारत की विरासत इससे भी समृद्ध है। जिस सभ्यता ने कभी तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला जैसे ज्ञान केंद्रों को जन्म दिया, वह यह समझती थी कि शिक्षा केवल आर्थिक समृद्धि का साधन नहीं है। वह सभ्यता की नींव भी है। यह विरासत हमें केवल गर्व नहीं देती। यह हम पर जिम्मेदारी भी डालती है।</p>



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<p class="wp-block-paragraph"><strong>बड़े सवाल जो हमें पूछने होंगे</strong><br><br>आज भारत के सामने सवाल केवल वर्तमान छात्र आंदोलनों या वर्तमान सरकार से जुड़ा हुआ नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि क्या देश उन संस्थाओं में पर्याप्त भौतिक और नैतिक निवेश कर रहा है, जो उसके भविष्य को तय करेंगी।</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>क्या भारत एक वैश्विक ज्ञान शक्ति बनने की आकांक्षा रख सकता है, जबकि छात्र लगातार परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हों?</li>



<li>क्या यह संभव है, जब नियोक्ता स्नातकों की तैयारी और क्षमता पर सवाल उठा रहे हों?</li>



<li>क्या यह संभव है, जब विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हों और सार्वजनिक बहस में तर्क की तुलना में आक्रोश को अधिक महत्व मिल रहा हो?</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph">ये असहज सवाल हैं। लेकिन ये जरूरी सवाल भी हैं।</p>



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<p class="wp-block-paragraph"><strong>आगे का रास्ता: भरोसा बहाल करना </strong><br><br>एक महान राष्ट्र की पहचान केवल उसकी युवा आबादी की संख्या से नहीं होती। उसकी पहचान इस बात से होती है कि उसके युवा अपनी संस्थाओं पर कितना भरोसा करते हैं। यदि भारत अपनी जनसांख्यिकीय शक्ति को स्थायी राष्ट्रीय ताकत बनाना चाहता है, तो इसका उत्तर केवल नई नीतियों और घोषणाओं में नहीं है। इसका उत्तर भरोसा बहाल करने में है।इसके लिए जरूरी है:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>पारदर्शी परीक्षाएं</li>



<li>शिक्षा और शोध में लगातार निवेश</li>



<li>संस्थाओं की जवाबदेही</li>



<li>ऐसी सार्वजनिक संस्कृति जो नारे से अधिक प्रमाण को और आक्रोश से अधिक तर्क को महत्व दे</li>
</ul>



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<p class="wp-block-paragraph"></p>
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