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Saudi Arab के हज मंत्री भारत की यात्रा पर, एजेंडे में क्या है?

सऊदी अरब के हज और उमरा मंत्री तौफीक बिन फौजान अल राबिया PC: AHMED YOSR

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Saudi Arab Minister visit to India: सऊदी अरब के हज और उमरा मंत्री तौफीक बिन फौजान अल राबिया भारत की यात्रा पर हैं. दिल्ली स्थित सऊदी अरब के दूतावास (Saudi Arab Embassy) ने बताया कि हज और उमरा को लेकर भारत के साथ बेहतर कॉर्डिनेशन बनाने के लिए उनके मंत्री भारतीय नेताओं से मुलाकात करेंगे.

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मंत्री तौफीक की भारत यात्रा का मकसद उस पूरी प्रक्रिया को भी आसान करना है, जिससे होकर ही भारतीयों को हज और उमरा (Haj and Umra Tour from India) के लिए इजाजत मिलती है.

सऊदी अरब हर साल हज यात्रा के लिए एक लिस्ट जारी करता है, जिसमें हर देश का एक कोटा होता है, यानी वह सीमित संख्या में ही किसी भी देश के लोगों को हज करने की अनुमति देता है. पिछले दशक में औसतन हर बरस 25 लाख मुसलमानों ने हज किया है.

हज क्या है?

मुसलमानों का ऐसा मानना है कि इस्लाम के आख़िरी पैग़ंबर हज़रत मोहम्मद (570-632) को अल्लाह ने कहा कि वो काबा को पहले जैसी स्थिति में लाएँ और वहाँ केवल अल्लाह की इबादत होने दें. साल 628 में पैगंबर मोहम्मद ने अपने 1400 अनुयायियों के साथ एक यात्रा शुरू की.

इस्लाम के कुल पाँच स्तंभों में से हज पाँचवाँ स्तंभ है. सभी स्वस्थ और आर्थिक रूप से सक्षम मुसलमानों से अपेक्षा होती है कि वो जीवन में एक बार हज पर ज़रूर जाएँ.

मुसलमानों के लिए इस्लाम के पाँच स्तंभ काफी मायने रखते हैं. ये स्तंभ पाँच संकल्प की तरह हैं. इस्लाम के मुताबिक जीवन जीने के लिए ये काफी अहम हैं.

जब पैगंबर अब्राहम फ़िलिस्तीन से लौटे, तो उन्होंने देखा कि उनका परिवार एक अच्छा जीवन जी रहा है और वो पूरी तरह से हैरान रह गए.

मुसलमान मानते हैं कि इसी दौरान पैगंबर अब्राहम को अल्लाह ने एक तीर्थस्थान बनाकर समर्पित करने को कहा. अब्राहम और इस्माइल ने पत्थर का एक छोटा-सी घनाकार इमारत निर्माण की. इसी को काबा कहा जाता है.

अल्लाह के प्रति अपने भरोसे को मज़बूत करने को हर साल यहाँ मुसलमान आते हैं.

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