महंत नरेन्द्र गिरि के सुसाइड नोट में अलग-अलग तरीके के हस्ताक्षर, आनंद गिरि के वकील ने जताई हत्या की आशंका

नई दिल्ली: बीते दिनों महंत नरेन्द्र गिरि के आत्महत्या को लेकर पुरे देश में तरह-तरह की चर्चाएं जोरों पर है। प्रदेश सरकार की तरफ से केशव मौर्य ने कहा कि वे इस मामले को लेकर सरकार सीबाआई जांच कराने के लिए राजी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि मामले कि जांच हाईकोर्ट के सीटिंग जज के द्वारा की जानी चाहिए।

सुसाइड नोट पर संदेह

महंत नरेन्द्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में उनके शिष्य आनंद गिरि और आद्या तिवारी पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। हालांकि कई लोग सुसाइड नोट पर संदेह जता रहे हैं। ‘जन की बात’ के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी की मौत और सुसाइड नोट में संदेह है। प्रदीप भंडारी ने खुलासा किया है कि सुसाइड नोट के हर पन्नों पर नरेन्द्र गिरी के अलग-अलग तरीके के हस्ताक्षर है जिससे ये प्रतीत होता है कि महंत नरेन्द्र गिरि किसी साजिश के शिकार हो गए थे।

पोस्टमार्टम में मौत दम घुटने से बताई गई

सोमवार को आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया था। आनंद गिरि के वकील प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि की हत्या हुई है। बता दें महंत गिरि के शुरुआती पोस्टमार्टम में मौत का कारण दम घुटने की वजह से बताया गया है। हालांकि विस्तृत जांच के लिए विसरा रख लिया गया है।

सीएम योगी ने जताया दुख

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों कहा था कि ‘अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज के निधन से बहुत दुखी हैं और हम सब इससे व्यथित हैं। संत समाज और यूपी सरकार की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए स्वयं उपस्थित हुआ हूं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, कुंभ के आयोजन के दौरान नरेंद्र गिरि जी का पूरा सहयोग मिला था। यह धार्मिक और अध्यात्मिक समाज की अपूरणीय क्षति है। इस मामले से जुड़ी एक-एक घटना का पर्दाफाश किया जाएगा और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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